सीतामढ़ी: जल संकट पर डीएम रिची पांडेय सख्त, कहा- लापरवाही हुई तो सीधे तौर पर जिम्मेदार होंगे अधिकारी

Author Raushan kumar|Edited by Sumit Kumar
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फ़ोटो- बैठक में शामिल अधिकारीगण | Prabhat Khabar Network

बढ़ती गर्मी और तापमान के कारण जिले में संभावित जल संकट को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट है. जिलाधिकारी रिची पांडेय ने पेयजल योजनाओं की समीक्षा बैठक में सख्त निर्देश दिए कि किसी भी परिस्थिति में पीने के पानी की किल्लत नहीं होनी चाहिए.

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DM review meeting on water crisis: बढ़ती गर्मी और लगातार बढ़ रहे तापमान के कारण जिले में संभावित जल संकट की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है. शनिवार को समाहरणालय (कलेक्ट्रेट) में जिलाधिकारी (डीएम) रिची पांडेय की अध्यक्षता में पीएचईडी (PHED) और विद्युत विभाग के कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई. प्रखंड और वार्ड स्तर पर संचालित पेयजल योजनाओं की समीक्षा के दौरान कई जगहों पर काम की रफ्तार धीमी पाए जाने पर डीएम ने सख्त नाराजगी जताई. डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी छूटे हुए टोलों में पेयजल योजनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तुरंत पूरा कराया जाए. उन्होंने कड़े लहजे में कहा कि किसी भी परिस्थिति में आम जनता को पीने के पानी की किल्लत नहीं होनी चाहिए. अगर कहीं भी पेयजल संकट की स्थिति पैदा होती है, तो इसके लिए संबंधित पदाधिकारी और कार्यकारी एजेंसियां सीधे तौर पर जवाबदेह होंगी.

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असंतोषजनक काम करने वाली एजेंसियों से जवाब-तलब

बैठक में डीएम ने सभी कार्यकारी एजेंसियों को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकारी कार्यों में अनावश्यक देरी, लापरवाही या उदासीनता किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी. जिन एजेंसियों की कार्य प्रगति असंतोषजनक मिली है, उनसे तत्काल स्पष्टीकरण (शो-कॉज) मांगने का आदेश दिया गया है. संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर इन एजेंसियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. डीएम ने हर प्रखंड में काम कर रही टीमों की संख्या बढ़ाने और काम में तेजी लाने के लिए अतिरिक्त लेबर (मानव संसाधन) और मशीनें लगाने का निर्देश दिया.

अधिकारी फील्ड में उतरकर करेंगे भौतिक सत्यापन

पहले से ही जल संकट से प्रभावित रहने वाले क्षेत्रों की विशेष समीक्षा करते हुए डीएम रिची पांडेय ने कहा कि ऐसे प्रखंडों में काम में किसी भी तरह की ढिलाई को बेहद गंभीरता से लिया जाएगा. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे नियमित रूप से क्षेत्र का भ्रमण करें और जमीन पर जाकर कार्यों का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) करें. \इसके साथ ही विद्युत विभाग के अधिकारियों को भी कड़ा निर्देश दिया गया कि जिन पेयजल योजनाओं में बिजली की खराबी या कनेक्शन न होने के कारण देरी हो रही है, वहां तुरंत एक्शन लेकर बिजली की समस्या को दूर किया जाए.


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