सीतामढ़ी रेलवे स्टेशन पर बेपरवाही, रोजाना बह रहा हजारों लीटर पानी, रेल प्रशासन मौन

Updated:
विज्ञापन

सीतामढ़ी रेलवे स्टेशन पर बेपरवाही, रोजाना बह रहा हजारों लीटर पानी, रेल प्रशासन मौन

सीतामढ़ी जंक्शन पर सरकारी जागरूकता अभियानों के बावजूद हजारों लीटर पानी प्रतिदिन बर्बाद हो रहा है. रेलवे की पानी की टंकी से ओवरफ्लो होकर बहता पानी और बिजली की बर्बादी रेल कर्मियों की लापरवाही को दर्शाती है. भीषण जल संकट के इस दौर में हो रही इस बर्बादी से स्थानीय लोग आक्रोशित हैं.

विज्ञापन

Railway Station Water: एक तरफ सरकार जल संरक्षण और पानी की एक-एक बूंद बचाने के लिए जागरूकता अभियान चला रही है, तो दूसरी तरफ सीतामढ़ी जंक्शन के पश्चिमी गुमटी स्थित रेलवे की पानी टंकी से प्रतिदिन हजारों लीटर पानी बेवजह बहकर बर्बाद हो रहा है. संबंधित रेल कर्मियों की लापरवाही के कारण लंबे समय से जलापूर्ति टंकी से पानी का ओवरफ्लो और बिजली की बर्बादी जारी है. इसके बावजूद स्थानीय रेलवे प्रशासन इस गंभीर समस्या की ओर ध्यान नहीं दे रहा है.

टंकी भरने के बाद भी घंटों चलती रहती है मोटर

स्थानीय लोगों और राहगीरों के अनुसार, पानी की टंकी पूरी तरह भर जाने के बाद भी मोटर को समय पर बंद नहीं किया जाता है. इसके चलते टंकी से पानी ओवरफ्लो होकर घंटों तक नीचे गिरता रहता है और नालियों में बह जाता है. स्थानीय नागरिकों ने इस संबंध में कई बार स्टेशन अधीक्षक से शिकायत भी की, लेकिन अब तक कोई ठोस व स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है. नतीजतन रोजाना हजारों लीटर स्वच्छ पेयजल बर्बाद हो रहा है.

यह भी पढ़ें...शहर में मोबाइल तो गांवों में नशे की लत पति-पत्नी के रिश्तों में घोल रही कड़वाहट

भीषण जल संकट झेलते शहर में बर्बादी से आक्रोश

विडंबना यह है कि भीषण गर्मी के दिनों में सीतामढ़ी जिले के कई प्रखंडों में भूजल स्तर काफी नीचे चला जाता है. शहर के कई मोहल्लों में आम जनता को पीने के पानी के लिए चापाकलों और नलों पर घंटों इंतजार करना पड़ता है. ऐसे समय में रेलवे स्टेशन परिसर में इस प्रकार पेयजल की बेहिसाब बर्बादी देखकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश पनप रहा है.

ऑटोमैटिक लेवल कंट्रोल सिस्टम लगाने की मांग

जल विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस तरह की बर्बादी पर समय रहते रोक नहीं लगाई गई, तो आने वाले समय में जिले में जल संकट और अधिक भयावह रूप ले सकता है. स्थानीय निवासियों ने रेलवे के वरीय अधिकारियों से मांग की है कि टंकी में तुरंत 'ऑटोमैटिक लेवल कंट्रोल सिस्टम' लगाया जाए और लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार कर्मियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि पानी व बिजली दोनों की बचत हो सके.

यह भी पढ़ें... 'बिश्नोई गैंग' के टारगेट पर अब बिहार का ये मंत्री परिवार, 50 लाख की रंगदारी मांग


विज्ञापन
चंद्र मोहन झा

लेखक के बारे में

By चंद्र मोहन झा

चंद्रमोहन विगत 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वे जिला और ब्लॉक स्तर पर क्राइम तथा स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी संवेदनशील खबरों के साथ-साथ विभिन्न प्रकार के समसामयिक मुद्दों पर सटीक रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन