ePaper

सदर अस्पताल के नवनिर्मित भवन में शिफ्ट होंगे कई विभागीय कार्यालय

Updated at : 23 Mar 2025 7:59 PM (IST)
विज्ञापन
सदर अस्पताल के नवनिर्मित भवन में शिफ्ट होंगे कई विभागीय कार्यालय

सदर अस्पताल परिसर में बने नए मॉडल अस्पताल भवन में ही स्वास्थ्य विभाग के कई ऑफिस शिफ्ट होंगे. हाल के दिनों में आधा दर्जन कार्यालय, तो बाद में सिविल सर्जन और एसीएमओ का ऑफिस भी उसी नए भवन में संचालित होगा.

विज्ञापन

सीतामढ़ी. सदर अस्पताल परिसर में बने नए मॉडल अस्पताल भवन में ही स्वास्थ्य विभाग के कई ऑफिस शिफ्ट होंगे. हाल के दिनों में आधा दर्जन कार्यालय, तो बाद में सिविल सर्जन और एसीएमओ का ऑफिस भी उसी नए भवन में संचालित होगा. फिलहाल उक्त भवन के निचले तल पर ओपीडी संचालित है. बताया गया है कि गत दिन परिहार विधायक गायत्री देवी ने विधान सभा में सदर अस्पताल में भवन उपलब्ध रहने के बावजूद जिला मुख्यालय, डुमरा में सीएम ऑफिस के संचालन पर सवाल उठाया. जवाब में विभागीय मंत्री ने शीघ्र कार्यालयों को शिफ्ट कराने की जानकारी दी थी. — क्या था विधायक का सवाल

परिहार विधायक ने विस में तारांकित सवाल उठाया था कि सूबे के सभी सदर अस्पताल के परिसर में ही सिविल सर्जन कार्यालय संचालित होता है ? अपने जवाब में स्वास्थ्य विभाग ने इसे अस्वीकार कर दिया था. उनका आगे सवाल था सदर अस्पताल, सीतामढ़ी के मॉडल अस्पताल में सुन्दर कमरा सिविल सर्जन के लिए उपलब्ध होने के बाबजूद यहां से संचालित नहीं हो रहा है. फिलहाल सदर अस्पताल से आठ किमी पर सिविल सर्जन का है.

— क्या है विभाग का जवाब

स्वास्थ्य विभाग की ओर से विधायक को जानकारी दी गई कि सदर अस्पताल, सीतामढ़ी में नवनिर्मित मॉडल अस्पताल 21 फरवरी 25 को हस्तगत हुआ है। उक्त भवन में भाड़े के मकान में संचालित जिला कुष्ठ नियंत्रण ईकाई सहित जिला मुख्यालय के सभी कार्यालयों/पदाधिकारी प्रकोष्ठ यथा उपाधीक्षक/अधीक्षक/ जिला यक्ष्मा पदाधिकारी/जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी/जिला मलेरिया पदाधिकारी/ गैर संचारी रोग पदाधिकारी,/सहायक औषधि नियंत्रक कार्यालय को स्थानांतरित कराने की कारवाई की जा रही है. वर्तमान वित्तीय वर्ष की समाप्ति उपरांत सिविल सर्जन एवं अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी कार्यालय के भी स्थानान्तरण की कार्रवाई की जा सकेंगी.

— मवि को हाइस्कूल बनाने का मामला

जिले में अब भी कई पंचायतें है, जहां हाइस्कूल नहीं होने से बच्चों को दूर के हाइस्कूल में पढ़ने जाना पड़ता है. कुछ इसी तरह का एक मामला बाजपट्टी प्रखंड का है. वहां के विधायक मुकेश कुमार यादव ने विस में यह मुद्दा उठाया है कि बंगराहा गांव की अच्छी खासी आबादी है. इस गांव के बच्चों को हाइस्कूल की शिक्षा के लिए पांच से सात किमी दूर के विद्यालय में जाना पड़ता है. उन्होंने बच्चों के हित में मिडिल स्कूल, बंगराहा को हाइस्कूल का दर्जा दिलाने की मांग की, ताकि बच्चों को पढ़ाई में कोई परेशानी न हो.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
VINAY PANDEY

लेखक के बारे में

By VINAY PANDEY

VINAY PANDEY is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन