सीतामढ़ी: जलजमाव से हाहाकार, 5 वर्षों से नारकीय जीवन जी रहे ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी

मुख्य सड़क पर जलजमाव
सीतामढ़ी जिले के पुपरी प्रखंड में पिछले पांच सालों से जलजमाव की गंभीर समस्या से ग्रामीण जूझ रहे हैं. घुटनों तक भरे गंदे पानी और मच्छरों के प्रकोप ने जीना मुहाल कर दिया है. अधिकारियों के आश्वासन के बाद भी कोई कार्रवाई न होने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है.
Water logging problem in Sitamarhi: सीतामढ़ी जिला अंतर्गत पुपरी प्रखंड क्षेत्र की बौरा बाजीतपुर पंचायत के वार्ड संख्या 9 बाजीतपुर गांव के लोग पिछले पांच साल से घुटने भर गंदे पानी के बीच चलने को विवश हैं. गांव की मुख्य सड़क अब नाले के गंदे पानी का तालाब बन चुकी है. जलजमाव की इस गंभीर समस्या के कारण स्थानीय ग्रामीणों में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ भारी आक्रोश है.
गंदे पानी और मच्छरों के प्रकोप से बढ़ीं बीमारियां
ग्रामीणों का कहना है कि जमा पानी से उठने वाली तेज दुर्गंध के कारण बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों का जीना मुहाल हो गया है. पूरे इलाके में मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ा है, जिससे लोग लगातार गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं. स्कूल जाने वाले बच्चे और दैनिक काम-काज के लिए निकलने वाले लोग इसी बदबूदार पानी से होकर गुजरने को मजबूर हैं. बरसात के मौसम में तो यहाँ की स्थिति और भी ज्यादा भयावह हो जाती है.
अधिकारियों को आवेदन के बाद भी कार्रवाई शून्य
ग्रामीण संजीत राम, सहिंद्र पासवान, पूर्व वार्ड सदस्य किरण देवी, संगीता देवी, दशई पासवान और विजय पासवान सहित दर्जनों लोगों का आरोप है कि समस्या के समाधान के लिए कई बार बीडीओ और पंचायत सचिव को लिखित आवेदन दिए गए. इसके बावजूद अब तक धरातल पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई. ग्रामीणों ने तीखा सवाल किया है कि क्या प्रशासन यहाँ किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है? पांच साल से इस गांव की पीड़ा को लगातार अनदेखा किया जा रहा है.
जलनिकासी की मांग, नहीं तो होगा आंदोलन
योगेन्द्र राम, पुरन पासवान, गुलाब पासवान, संजय साह, सुशीला देवी और जगतारण देवी समेत अन्य ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से अतिशीघ्र इस नारकीय स्थिति से मुक्ति दिलाने की मांग की है. ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि गांव में जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था तुरंत नहीं की गई, तो वे सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे.
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