भ्रष्टाचार पर बेबाक बोलते थे सिंह
Author :Prabhat Khabar Digital Desk
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Updated at :08 May 2016 3:38 AM
विज्ञापन

असामयिक निधन पर जिले भर में शोक संवेदनाओं का तांता शोकसभा का आयोजन कर दी गयी भावभीनी श्रद्धांजलि सीतामढ़ी : प्रख्यात सर्वोदयी नेता व सादगी के प्रतिमूर्ति विंदेश्वरी प्रसाद सिंह के असामयिक निधन पर जिले में शोक संवेदनाओं का तांता लगा है़ विभिन्न संगठन के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने शनिवार को शोक सभा का आयोजन […]
विज्ञापन
असामयिक निधन पर जिले भर में शोक संवेदनाओं का तांता
शोकसभा का आयोजन कर दी गयी भावभीनी श्रद्धांजलि
सीतामढ़ी : प्रख्यात सर्वोदयी नेता व सादगी के प्रतिमूर्ति विंदेश्वरी प्रसाद सिंह के असामयिक निधन पर जिले में शोक संवेदनाओं का तांता लगा है़ विभिन्न संगठन के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने शनिवार को शोक सभा का आयोजन कर विंदेश्वरी बाबू के निधन को समाज के लिए अपूरणीय क्षति बताया है़
लोहिया विचार मंच की बैठक लोहिया आश्रम में मंच के अध्यक्ष वरीय अधिवक्ता ईश्वर चंद्र मिश्र की अध्यक्षता में हुई़ वक्ताओं ने कहा कि विंदेश्वरी बाबू देश की आजादी की लड़ाई के साथ-साथ सर्वोदयी आंदोलन, जेपी आंदोलन सहित समाजवादी आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाया़ जेपी आंदोलन में लंबी अवधि तक वे जेल में रहे़ विंदेश्वरी बाबू के निधन से सीतामढ़ी एवं शिवहर जिले के लोहियावादी एवं समाजवादी नेताओं ने अपना एक कुशल मार्गदर्शक एवं अभिभावक को खो दिया है़
विंदेश्वरी बाबू का जीवन सादा जीवन उच्च विचार से लैश था़ वे सर्वोदयी मंडल के अध्यक्ष रहते हुए अकाल के समय में गरीबों की सेवा की़ उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी लोहिया आश्रम में रह कर बिताया़ भ्रष्टाचारियों के खिलाफ बेवाक बोलना एवं अपराधियों को राजनीति से दूर रखने के लिए भी वे प्रयासरत रहे़ शोकसभा में नागेंद्र प्रसाद सिंह, डॉ रमाशंकर प्रसाद, डॉ अबिदुर्रहमान मुन्ने, भाई रघुनाथ, रमेश कुमार, डॉ शशिरंजन, डॉ ब्रजेश कुमार शर्मा, रितेश कुमार गुडडु, अरुण कुमार गोप, सुरेंद्र कुमार पटेल समेत कई लोग उपस्थित थे़
आंदोलन में छात्रों का बढ़ाया मनोबल : उधर 74 के लोग संगठन के तत्वावधान में जिला संयोजक डॉ रमाशंकर प्रसाद की अध्यक्षता में एक शोक सभा का आयोजन किया गया़ वक्ताओं ने कहा कि विंदेश्वरी बाबू ने सन 1974 के छात्र आंदोलन के दौरान बढ़ चढ़ कर छात्रों का मनोबल बढ़ाने का काम किया़
उन्होंने आपातकाल के लागू होने पर जेल की सजा भी काटी़ उन्हें जेपी सेनानी सम्मान योजना से भी सम्मानित किया गया़ शोक व्यक्त करनेवालों में नागेंद्र प्रसाद सिंह, डॉ ब्रजेश कुमार शर्मा, गोपेश नंदन सिंह समेत कई लोग शामिल थे़
विंदेश्वरी बाबू का निधन अपूरणीय क्षति: कांग्रेस के जिलाध्यक्ष विमल शुक्ला ने विंदेश्वरी प्रसाद सिंह के निधन को जिले के लिए अपूरणीय क्षति बताया है़ उन्होंने कहा कि वह आजीवन भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ते रहे़ शोक संवेदना प्रकट करनेवालों में राजद के जिला उपाध्यक्ष अरविंद कुमार सिंह, युवा जदयू के जिलाध्यक्ष राहुल कुमार सिंह, युवा जदयू शिवहर के जिलाध्यक्ष विशाल गौरव शामिल है़
जिले में अब तक खोले गये 5600 खाते
सुकन्या योजना
प्रधानमंत्री सुकन्या योजना के तहत डाकघरों में अब तक 5600 खाते खुल चुके हैं. यह एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है. तब जब इस योजना के बारे में बहुत से लोग अब भी अनभिज्ञ है. योजना के बारे में कुछ लोगों द्वारा गुमराह भी किया जा रहा है. इसके चलते खाता खोलने को इच्छुक लोग खाता खुलवाने से सकपका रहे हैं, जबकि योजना काफी फायदेमंद है.
50 फीसदी निकासी का प्रावधान
डाक अधीक्षक आरके राय ने बताया कि इस योजना के संबंध में व्यापक प्रचार-प्रसार कराया गया है. अब भी एक बड़ी आबादी योजना से पूरी तरह परिचित नहीं हो पायी है. योजना से लाभ ही लाभ है. बताया कि जीरो से 10 वर्ष की कन्या के नाम पर उसके माता या पिता के माध्यम से खाता खुलेगा. कन्या के जन्म का प्रमाण पत्र व फोटो जरूरी है. अभिभावक को वोटर आई कार्ड की छाया प्रति व फोटो आवेदन के साथ देना है. 14 वर्ष तक खाता चलना है.
9.2 फीसदी वार्षिक ब्याज : श्री राय ने बताया कि अगर किसी बच्ची की उम्र 10 वर्ष है और उसके नाम से खाता खोल हजार रुपया हर माह जमा किया जाता है तो 14 साल के बाद 1.68 लाख रुपया जमा होगा. यह पैसा सात वर्ष तक छोड़ देने पर छह लाख 15 हजार 786 रुपया मिलेगा.
बताया कि कन्या के 18 वर्ष की उम्र पूरा कर लेने या मैट्रिक पास कर लेने के बाद उच्च शिक्षा के लिए 50 फीसदी की निकासी का प्रावधान है. कन्या की शादी के पूर्व एक माह के अंदर या शादी के तीन माह के बाद पूरी राशि की निकासी की जा सकती है.
प्रावधान में कुछ संशोधन : डाक अधीक्षक ने बताया कि कम से कम 100 रुपये प्रति माह की दर से खाता खोला जा सकता है.
यानी 100 के गुणक में ही खाता खुलेगा. कहते हैं कि कल तक कन्या के जन्म प्रमाण पत्र के लिए हॉस्पिटल से निर्गत प्रमाण पत्र या आधार कार्ड को ही मान्य किया गया था, जबकि अब स्कूल के प्रधान शिक्षक या मुखिया द्वारा निर्गत जन्म प्रमाण पत्र भी मान्य कर दिया गया है.
तब बंद हो जायेगा खाता : संबंधित खाताधारी कन्या की मृत्यु हो जाती है तो खाता बंद कर दिया जायेगा. कुछ दिनों के अंदर हीं उसके अभिभावक को जमा राशि सूद समेत लौटा दी जायेगी. अगर खाता खुलवाने के बाद कोई बच्ची विदेश चली जाती है और वहीं रहने लगती है तो उस तारीख से उसका खाता बंद हो जायेगा. उसके सूचना देने पर विभाग उसे उस तारीख तक जमा राशि व उसका सूद उसे लौटा देगी.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










