आरटीआई : सूचना देने को अधिकारी गंभीर नहीं

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आरटीआई : सूचना देने को अधिकारी गंभीर नहीं (पेज तीन के लिए)बहुत कम आवेदकों को समय पर मिल पाती है सूचना अधिकारियों ने आरटीआइ को बनाया मजाक सीतामढ़ी. राज्य व केंद्र सरकार हर योजना व कार्यक्रम को पूरी तरह पारदर्शी बनाये रखना चाहती है. यह व्यवस्था तब और ठोस तरीके से लागू करने का मन […]

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आरटीआई : सूचना देने को अधिकारी गंभीर नहीं (पेज तीन के लिए)बहुत कम आवेदकों को समय पर मिल पाती है सूचना अधिकारियों ने आरटीआइ को बनाया मजाक सीतामढ़ी. राज्य व केंद्र सरकार हर योजना व कार्यक्रम को पूरी तरह पारदर्शी बनाये रखना चाहती है. यह व्यवस्था तब और ठोस तरीके से लागू करने का मन बना लिया गया, जब आरटीआइ धरातल पर आ गया. बावजूद अधिकारी आरटीआइ के दायरे में आने वाली सूचनाओं को भी समय पर नहीं देते हैं. लोगों का मानना है कि जब तक आयोग के यहां अपील नहीं किया जाता है, तब तक सूचना नहीं मिल पाती है. अपील पर आयोग के कड़े निर्देश के बाद हीं लोक सूचना पदाधिकारी की आंख खुलती है और वे सूचना उपलब्ध कराते हैं. समय पर नहीं मिली सूचना जदयू के एक वरीय नेता की आरटीआइ में भी विशेष दिलचस्पी रही है. वे जन सरोकार से संबंधित सूचनाओं की मांग करने के साथ ही संबंधित अधिकारियों को उनका कर्तव्य बोध भी कराते रहते हैं. उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से सूचना मांगी थी कि सीतामढ़ी व शिवहर जिले में विगत पांच वर्षों में खाद्य पदार्थों की जांच के लिए किन-किन प्रतिष्ठानों से नमूने लिये गये थे. उसकी जांच रिपोर्ट उपलब्ध करायी जाये. सूचना नहीं मिलने पर 10 जुलाई 13 को प्रथम अपील में गये. अपीलीय पदाधिकारी भी कुछ नहीं कर सके. 18 माह बाद आयोग का आदेश 19 सितंबर 13 को आयोग के यहां द्वितीय अपील की गयी. यह जान कर ताज्जुब होगा कि अपील दायर करने के करीब 18 माह बाद वाद पर सुनवाई की गयी और संबंधित पदाधिकारियों से जवाब-तलब किया गया. 22 सितंबर 15 को सूचना मिली. जवाब सुन होगी हैरानी लोक सूचना पदाधिकारी ने सूचना दी कि मार्च 12 से जून 14 के बीच 11 प्रतिष्ठानों से जांच के लिए नमूना लिये गये. इससे पूर्व के वर्षों की सूचना उनके पूर्व में पदस्थापित अधिकारी देंगे, क्योंकि मार्च 12 के पहले की जानकारी उनके पास नहीं है. यह सुझाव दिया कि तत्कालीन अधिकारी सह लोक सूचना पदाधिकारी फिलहाल गया में हैं. शेष सूचना उनसे ली जा सकती है. बॉक्स में :-29 माह बाद भी नहीं मिली सूचना सीतामढ़ी. आरटीआइ कार्यकर्ता नागेंद्र प्रसाद सिंह ने पथ निर्माण विभाग से 24 मई 13 को सूचना मांगी थी कि सीतामढ़ी से मोतिहारी जानेवाली न्यूनतम दूरी की सड़क कौन सी है? इसी के साथ यह भी पूछा था कि सीतामढ़ी-रीगा-कुसमारी-वसंतपट्टी-ढ़ाका-मोतिहारी सड़क मार्ग की दूरी कितनी है? अदौरी-खोड़ी पाकड़ घाट पर पुल का निर्माण कब तक होगा? 29 माह बाद भी आवेदक को सूचना नहीं मिल सकी है और यह मामला आयोग के स्तर पर सुनवाई के लिए विचाराधीन है.

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