मासूम मौसम को मिल गयी मां की ममता
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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सीतामढ़ी : आखिरकार मासूम मौसम को अपनी मां मिल गयी. मौसम के बारे में प्रभात खबर में छपी खबर से पता चलने के 21 दिन बाद मां रीना देवी पुत्री मौसम को हासिल कर सकी. बताया गया है कि कागजी प्रक्रिया पूरी करने में इतने दिन लग गये. बता दें कि आठ जून को प्रभात […]
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सीतामढ़ी : आखिरकार मासूम मौसम को अपनी मां मिल गयी. मौसम के बारे में प्रभात खबर में छपी खबर से पता चलने के 21 दिन बाद मां रीना देवी पुत्री मौसम को हासिल कर सकी. बताया गया है कि कागजी प्रक्रिया पूरी करने में इतने दिन लग गये.
बता दें कि आठ जून को प्रभात खबर में ‘सीतामढ़ी की मौसम को माता-पिता की तलाश ’ शीर्षक से छपी खबर को पढ़ कर मां रीना देवी को पता चला कि उनकी पुत्री कहां है. करीब दो वर्ष पूर्व भाई के साथ मौसम सीतामढ़ी से बाजपट्टी बस से जा रही थी. रास्ते में बस रूकने पर भाई किसी काम से नीचे उतर गया था और बस खुल गयी थी. उसी दिन मौसम अपने परिवार से बिछड़ गयी. स्थानीय चाइल्ड लाइन द्वारा मौसम को मुजफ्फरपुर विशेष दत्तक ग्रहण केंद्र भेज दिया गया था. इधर, मां रीना देवी ने बताया कि उसके पति नागेंद्र कुंवर बाहर में नौकरी करते हैं.
बाजपट्टी के वन गांव में कुछ वर्ष पूर्व घर गिर जाने से कागजात नष्ट हो गया था. कागजात को तैयार कराने में काफी समय लग जाने के कारण पता चलने के बावजूद बेटी से मिलने में देर हो गयी. बता दें कि रीना देवी सदर अस्पताल के प्रसव वार्ड में ममता कर्मी के रूप में काम करती है. चाइल्ड लाइन के मुकेश कुमार, कमलेश झा व रंजीत कुमार झा ने बताया कि प्रभात खबर में उक्त खबर नहीं छपती तो शायद हीं मौसम को मां से मुलाकात हो पाती.
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