ग्रामीण संस्कृति को भूल रहे लोग : संत

Published at :17 Jan 2015 10:02 PM (IST)
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ग्रामीण संस्कृति को भूल रहे लोग : संत

फोटो नंबर-32 बच्चों को संबोधित करते संत शिवहर : छहअगस्त 2012 को कन्या कुमारी से भारत परिक्रमा पद यात्रा के तहत संत सीताराम दास शनिवार को डुमरी गांव में पहुंचे, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया. रामाधार ठाकुर के आवास पर संत ने बताया कि पद यात्रा का उद्देश्य ग्रामीण संस्कृति के प्रति लोगों की […]

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फोटो नंबर-32 बच्चों को संबोधित करते संत शिवहर : छहअगस्त 2012 को कन्या कुमारी से भारत परिक्रमा पद यात्रा के तहत संत सीताराम दास शनिवार को डुमरी गांव में पहुंचे, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया. रामाधार ठाकुर के आवास पर संत ने बताया कि पद यात्रा का उद्देश्य ग्रामीण संस्कृति के प्रति लोगों की चेतना को जागृत करना है. शहरीकरण की दौर में लोग अपनी मूल ग्रामीण संस्कृति को भुलते जा रहे है. लोगों के बीच दूरियां बढ़ती जा रही है. हर तरह भ्रष्टाचार का बोल-बाला है. कहा कि पद यात्रा के 852 दिन वे यहां पहुंचे है. प्रत्येक दिन किलोमीटर पर एक गांव में उनका पड़ाव रहता है. उस गांव में सतसंग करते है. 18 जनवरी को शिवहर के ससौला खूर्द जायेंगे. संत ने गौ रक्षा व गो पालन का संदेश दिया. संत को पूर्वी चंपारण से डुमरी गांव तक पहुंचाने आये लोगों में मधुबन के पूर्व विधायक राणा रणधीर सिंह भी शामिल थे. डुमरी सीमा में प्रवेश के दौरान प्रमुख अमरेंद्र कुमार सिंह, जिला संयोजक राजेश कुमार राजू, सह संयोजक हरिवंश प्रसाद सिंह व शिवहर दक्षिणी के संयोजक सुभाष चंद्र गुप्ता ने संत की आगवानी की.

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