िवकास की बयार से बदलने लगी तस्वीर

Published at :05 May 2018 1:57 AM (IST)
विज्ञापन
िवकास की बयार से बदलने लगी तस्वीर

सीतामढ़ी/रून्नीसैदपुर : नक्सली गतिविधि को लेकर जिले का रून्नीसैदपुर के कुछ गांव हमेशा सुर्खियों में रहे है. यात्री व पुलिस जीप समेत कई अगलगी की घटना को अंजाम दे चुके नक्सली गांव से पुलिस आरडीएक्स की बरामदगी व कई हार्डकोर नक्सली को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है. एक समय था जब हर तरफ नक्सल गतिविधि […]

विज्ञापन
सीतामढ़ी/रून्नीसैदपुर : नक्सली गतिविधि को लेकर जिले का रून्नीसैदपुर के कुछ गांव हमेशा सुर्खियों में रहे है. यात्री व पुलिस जीप समेत कई अगलगी की घटना को अंजाम दे चुके नक्सली गांव से पुलिस आरडीएक्स की बरामदगी व कई हार्डकोर नक्सली को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है.
एक समय था जब हर तरफ नक्सल गतिविधि की चर्चा होती थी. नक्सलियों के चलते कोई भी खुलकर बोल नहीं पाता था. आम लोग खौफ के साये में रहते थे. अधिकांश युवा समाज की मुख्य धारा से एक तरह से कट चुके थे. कुछ युवाओं का दिन तो घर पर बीतता था, पर रात समाज व प्रशासन विरोधी गतिविधियों में. पुलिस बराबर छापामारी करती थी. कभी-कभी नक्सली पकड़े भी जाते थे. यह बात हो रही है प्रखंड के करीब दर्जन भर उन पंचायतों की, जो नक्सल गतिविधियों के चलते प्रशासन की हिट लिस्ट में शामिल था. गिद्धा फुलवरिया, बलुआ, सिरखिरिया, महिंदवारा, महेशाफरकपुर, बुलंदपुर, गुरूदह उर्फ़ गौस नगर व विशनपुर वासुदेव समेत अन्य पंचायतों पर लगे नक्सली गतिविधि के दाग पर अब शिक्षा व रोजगार का छाया पड़ने से उक्त पंचायतों की तस्वीर बदलने लगी है.
पुलिस से होती थी आंख-मिचौनी: उक्त पंचायतों में दो-तीन वर्षों पूर्व तक नक्सली एवं पुलिस के बीच आंख-मिचौनी जैसा खेल चलता था. पुलिस के गांव में पहुंचते ही एक अलग माहौल बन जाता है. बच्चे, जवान व महिलाओं की कुछ समय के लिए चैन छीन जाती थी. अब वह बात नहीं है. न तो पुलिस जाती है और न लोगों को इधर-उधर भागना पड़ता है. अब नक्सली, पुलिस से लुका-छिपी का खेल छोड़ समाज की मुख्य धारा से जुड़ने लगे है. उन्हें इसका एहसास हो गया है कि यह सब करने से बेहतर है, समाज से जुड़े और अपने पैरों पर खड़ा हो.
बोल अधिकारी
नक्सल गांव के भटके युवक समाज की मुख्यधारा से जुड़ रहे है. यह जिला पुलिस व समाज के लिए खुशी की बात है. युवकों को पुन: भटकाने की दिशा में किसी तरह के नक्सली प्रयास को हमेशा विफल किया जायेगा. यही कारण है कि परिवर्तन होने के बाद भी नक्सली गांव पर पुलिस की पैनी नजर है. युवकों के विकास के लिए संबंधित अधिकारियों से समन्वयक बना कर हर संभव प्रयास किया जायेगा.
विकास बर्मन, एसपी
योजनाओं का उठा रहे लाभ: प्रशासन के स्तर से उक्त पंचायतों में योजनाओं को गंभीरता से चलाया जा रहा है. बहुत हद तक लोगों को लाभ भी मिल रहा है. संबंधित पंचायतों में बिजली की सुविधा पहुंच चुकी है. हर घर जल नल के तहत काम चल रहा है. लोगों को शिक्षा का महत्व समझ में आने लगा है. यही कारण है कि अब हर घर से बच्चे स्कूल जाने लगे है. स्कूल भवनों को बेहतर किया गया है. मवि, फुलवरिया तो सीसीटीवी कैमरा से लैस है. जिला पुलिस व एसएसबी के स्तर से गिद्धा व अन्य गांवों में चलाये गये कार्यक्रमों व योजनाओं से लाभान्वित कराने का असर दिख रहा है. कल तक नक्सली गतिविधि से जुड़े लोग आज अपने को शिक्षित करने पर दिमाग अधिक खपा रहे है. शायद वह नहीं चाहते है कि आगे की पीढ़ी उनकी तरह भटक जाये.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन