नव दंपती को शादी के एक साल बाद तक गांव में नहीं आने का फरमान सुनाया
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :26 Apr 2018 4:22 AM (IST)
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रीगा (सीतामढ़ी) : धीरज व सीमा की शादी से गांव के कुछ लोग खुश नहीं हैं. उन्हें यह शादी नागवार लग रही है. ग्रामीण पंच शादी से इतना खफा हैं कि कड़ा फरमान तक जारी कर दिया है. नव दंपती को शादी के एक साल बाद तक गांव में नहीं आने का फरमान सुनाया गया […]
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रीगा (सीतामढ़ी) : धीरज व सीमा की शादी से गांव के कुछ लोग खुश नहीं हैं. उन्हें यह शादी नागवार लग रही है. ग्रामीण पंच शादी से इतना खफा हैं कि कड़ा फरमान तक जारी कर दिया है. नव दंपती को शादी के एक साल बाद तक गांव में नहीं आने का फरमान सुनाया गया है. इस बीच गांव लौटने पर 25 हजार आर्थिक दंड भरना होगा. यह मामला सुनने में अटपटा लग रहा होगा, पर सच्चाई है. पंचों के डर से धीरज व सीमा गांव में नहीं, बल्कि एक रिश्तेदार के यहां रह रहे हैं.
तब धीरज ने उठाया साहसिक कदम
कुछ दिनों बाद रामनगरा गांव के ही विग़ु ठाकुर का पुत्र धीरज ने साहसिक कदम उठाया. उसने नीतीश सरकार के दहेज विरोधी कानून के समर्थन में सीमा से शादी करने का निर्णय लिया. सीमा के पिता इसके लिए सहमत हो गये. गांव के पंच नहीं चाहते थे कि धीरज व सीमा की शादी हो. पंच विरोध करने लगे. तब दोनों ने सीतामढ़ी शहर स्थित जानकी मंदिर में मां जानकी को साक्षी मानकर शादी कर ली. कोर्ट से भी शादी का निबंधन करा लिया. दोनों बालिग हैं. धीरज ने बताया कि पंचों के खौफ से वह रीगा में एक संबंधी के यहां रह रहा है. उसके पिता उसे घर पर रखना चाहते हैं, पर पंचों से डर रहे हैं.
पंचों के डर से गांव छोड़ कर दोनों ने रिश्तेदार
के यहां ली शरण
दोनों की शादी से गांव
के पंच नहीं हैं खुश
क्या है पूरा मामला
प्रखंड के रामनगरा गांव निवासी रामबाबू ठाकुर के पुत्र चंदन ठाकुर व शिवहर जिला के पिपराही थाने के मीनापुर बलहा के राधेश्याम ठाकुर की पुत्री सीमा कुमारी की शादी हुई थी. यह बात 18 मई 2017 की है. किसी बात को लेकर दोनों के बीच मनमुटाव हो गया. शादी के छह माह भी पूरा नहीं हुआ था कि दोनों ने एक-दूसरे को अलविदा कहने का निर्णय ले लिया. गांव के कुछ लोगों को पंच माना गया. पंचों ने दोनों के पिता को बुलाया. शादी के खर्च का हिसाब-किताब करने के साथ ही दोनों परिवारों को स्वतंत्र कर दिया. यह बात 20 नवंबर 2017 की है.
क्या है पंचों का फरमान: शादी के बाद गांव के पंचों ने बैठक कर कई निर्णय लिया.
निर्णय हुआ है कि समाज का कोई लड़का आपस में विवाद करता है, तो दोषी के खिलाफ 51 सौ रुपये का जुर्माना लगाया जायेगा. आर्थिक दंड की राशि बढ़ाई भी जा सकती है. सभी अभिभावकों को इस पर गौर करने को कहा गया है. नव दंपती धीरज व सीमा को एक साल तक गांव में नहीं आने की हिदायत दी गयी है. फरमान में कहा गया है कि निर्धारित अवधि से पहले लौटने पर 25 हजार जुर्माना भरना होगा.
कहते हैं थानाध्यक्ष
लड़का या लड़की के पिता की ओर से लिखित या मौखिक शिकायत नहीं मिली है. शिकायत मिलने पर निश्चित तौर पर आवश्यक कार्रवाई की जायेगी.
ललन कुमार, थानाध्यक्ष
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