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नहीं खुला विद्यालय का ताला

28 Jun, 2016 4:53 am
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नहीं खुला विद्यालय का ताला

प्राथमिक विद्यालय लोदीपुर यादव टोला का हाल शेखपुरा : जिले की शिक्षा व्यवस्था इस कदर चरमरा गयी है कि छात्रों को विद्यालय से घंटों इंतजार करने के बाद भी लौटना पड़ता है. सदर प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय लोदीपुर यादव ओला का सोमवार को सुबह 10 बजे तक विद्यालय का ताला भी नहीं खुल सका. बड़ी […]

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प्राथमिक विद्यालय लोदीपुर यादव टोला का हाल

शेखपुरा : जिले की शिक्षा व्यवस्था इस कदर चरमरा गयी है कि छात्रों को विद्यालय से घंटों इंतजार करने के बाद भी लौटना पड़ता है. सदर प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय लोदीपुर यादव ओला का सोमवार को सुबह 10 बजे तक विद्यालय का ताला भी नहीं खुल सका. बड़ी तादाद में स्कूली बच्चे ताला खुलने के इंतजार में विद्यालय के बाहर घंटों खड़े रहे. इस दौरान जब मीडिया कर्मी पहुंचे तो रसोइया मंती देवी वहीं मौजूद थी. रसोइया ने बताया कि यहां लगभग डेढ़ सौ बच्चे नामांकित हैं. इतने ही छात्र-छात्राओं की उपस्थिति बनायी जाती है. एमडीएम के लिए यहां चार से पांच किलो चावल पकाया जाता है. वहीं खड़े अभिभावकों का आक्रोश साफ दिख रहा था मगर कैमरे के सामने आने से भय खा रहे थे.
महिलाओं ने कहा कि विद्यालय में दो शिक्षिका हैं. एचएम रिंकू कुमारी महीने के दस दिन ही बमुश्किल विद्यालय पहुंचती हैं. कभी-कभार अधिकारी भी जांच में आते हैं मगर कोई भी अधिकारी कार्रवाई नहीं कर सके. ग्रामीण जब विरोध करते हैं तब उन्हें दलित उत्पीड़न के झूठे मुकदमे में भी फंसाने की धमकी मिलती है.
दलान और स्कूल में कोई फर्क नहीं : एक तरफ जहां शिक्षक और शिक्षा अधिकारी की अनदेखी का खामियाजा बच्चे भुगत रहे हैं. वहीं गांव के दबंग की वजह से एक कमरे का स्कूल दलान का रूप धारण कर चुका है. विद्यालय के बाहर सालों से खराब पड़े ट्रैक्टर को रख कर विद्यालय भवन को गराज बना दिया है.
स्कूल के ओसारे में रखी प्याज की बोरियों से गोदाम और खाट पर लेटा बच्चा किसी दलान से कम नहीं है. ग्रामीणों का तर्क देते हैं वह शिक्षा विभाग की मॉनिटरिंग व्यवस्था की पोल खोलने वाला है. ग्रामीणों ने बताया कि विद्यालय में पढ़ाई नहीं होती है तो भवन की जरूरतों के अनुसार इस्तेमाल किया जाना कोई नई बात नहीं है. विद्यालय की बदहाल अवस्था को लेकर दर्जनों बार शिकायतें हुईं, लेकिन हर बार विभाग ने क्लीन चिट दे दिया. यहां बच्चों को पोशाक, छात्रवृत्ति तो मिलती ही नहीं है.
क्या कहते हैं अधिकारी
विद्यालय की बदहाल स्थिति का मामला संज्ञान में आया है, जो काफी गंभीर है. इसकी जांच करवा कर कार्रवाई के साथ व्यवस्था में सुधार किया जायेगा.
मो. तकीउद्दीन, जिला शिक्षा अधिकारी, शेखपुरा
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