उपेक्षित. खेत में लगे प्याज की ढेर का खरीदार नहीं
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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किसानों के बीच छायी है मायूसी मंडियों का चक्कर लगा रहे किसान खरीदार नहीं मिलने से टूट रहे कृषकों के हौसले शेखपुरा : देश की राजनीति के लिए महत्वपूर्ण मुद्दा माने जाने वाले प्याज इन दिनों उत्पादकों को खून के आंसू रुला रहा है. जिले में अर्थव्यवस्था की रीढ माने जाने वाले प्याज की खेती […]
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किसानों के बीच छायी है मायूसी
मंडियों का चक्कर लगा रहे किसान
खरीदार नहीं मिलने से टूट रहे कृषकों के हौसले
शेखपुरा : देश की राजनीति के लिए महत्वपूर्ण मुद्दा माने जाने वाले प्याज इन दिनों उत्पादकों को खून के आंसू रुला रहा है. जिले में अर्थव्यवस्था की रीढ माने जाने वाले प्याज की खेती करने वाले किसान इन दिनों खेतों में लगे प्याज के ढेर के ग्राहक को लेकर मंडियों का चक्कर लगा रहे हैं. आलम यह है कि कृषकों के प्याज की अच्छी फसल के बावजूद कोई खरीदने वाला नहीं मिल रहा है. इन दिनों प्याज का बाजार भाव 300 रुपए प्रति 40 किलोग्राम बताया जाता है
लेकिन प्याज फसल का यह भाव कृषकों और व्यापारियों को नहीं भा रहा है. बङी पूँजी, कङी मेहनत, प्राकृतिक आपदाओं के सामना के साथ-साथ बेटियों की शादी और बच्चों का उच्च शिक्षण संस्थानों में दाखिला से जुङे अरमानो पर फिलहाल पानी फिरता नजर आ रहा है. बाजार भाव की बेरुखी कृषकों के लिए किसी आपदा से कम नहीं है.
एकसारी गांव के कृषक चन्दर महतो ने बताया कि पिछले वर्ष एक महाजन पर भरोसा कर गांव के कृषकों ने लाखों रुपये का प्याज उधारी में दिया था लेकिन आज तक रुपये नहीं मिले. इस वर्ष तो प्याज फसल का कोई खरीदार ही नहीं मिल रहा है.
प्याज उत्पादन में इजाफा
पिछले दो वर्षों से जिले के लगभग 40 गांव का विद्युतिकरण हुआ. गांव के विद्युतिकरण में ग्रामीणों को सिंचाई का मजबूत विकल्प भी दिया. जिसके कारण प्याज उत्पादन को भी काफी बढावा मिला. लेकिन आज जब प्याज की अच्छी फसल से आस लगाए किसान को उनके फसल के लिए आज कोई खरीदार नहीं मिल रहा है.
क्या हैं बाजार के हालात
शहर के जाने माने व्यापारी सुरेन्द्र प्रसाद की माने तो अभी बांग्लादेश में खुद का प्याज का फसल बेहतर है इतना ही नहीं देश के अधिकांश राज्यों में प्याज की अच्छी फसल होने की सूचना है.
यही कारण है कि शेखपुरा के प्याज की मांग फिलहाल किसी मंडी में नहीं दिख रहा है. इन हालात में प्याज की मांग नहीं होने की बात कह व्यापारी भी अपने हाथ खड़े कर रहे हैं. वहीं दूसरी ओर खेतों में लगे प्याज फसल के ढेर भगवान भरोसे बाजार में अपनी मांग बढने और तेजी का इंतजार कर रहा है.
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