Sheohar News: उर्वरक खरीद-बिक्री की नई डिजिटल प्रणाली 21 अगस्त से लागू, खुदरा विक्रेताओं को दिया गया प्रशिक्षण

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प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला कृषि पदाधिकारी प्रीति कुमारी एवं अन्य

शिवहर सहित बिहार के 5 जिलों में 21 अगस्त से उर्वरक खरीद-बिक्री के लिए नई डिजिटल प्रणाली लागू हो रही है. यह प्रणाली IFMAS और AgriStack के एकीकरण से पारदर्शी होगी. किसान ऐप पर प्री-बुकिंग कर सकेंगे.

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Sheohar News: समाहरणालय स्थित संयुक्त कृषि भवन के सभागार में गुरुवार को भारत सरकार के उर्वरक विभाग तथा कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में जिले के सभी खुदरा उर्वरक विक्रेताओं के लिए एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य उर्वरकों के क्रय एवं बिक्री से संबंधित नई निर्मित डिजिटल प्रणाली का जिले में सफल व प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना रहा. कार्यशाला के दौरान उपस्थित विक्रेताओं को नई प्रणाली की मुख्य विशेषताओं, कार्यप्रणाली और संबंधित मोबाइल ऐप की महत्ता के बारे में विस्तारपूर्वक प्रशिक्षित किया गया.

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IFMAS और एग्रीस्टैक के एकीकरण से व्यवस्था बनेगी पारदर्शी

अधिकारियों ने बताया कि इस अत्याधुनिक डिजिटल प्रणाली का मुख्य उद्देश्य आईएफएमएएस (IFMAS) तथा एग्रीस्टैक (AgriStack) के एकीकरण के माध्यम से किसानों द्वारा उर्वरकों की खरीद एवं प्राप्ति की पूरी प्रक्रिया को पूरी तरह सुव्यवस्थित, पारदर्शी और प्रभावी बनाना है.

इससे खाद की कालाबाजारी और अवैध भंडारण पर पूरी तरह रोक लगेगी और वास्तविक किसानों तक सही समय पर उचित मूल्य पर उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी.

21 अगस्त से शिवहर समेत बिहार के 5 जिलों में पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत

शिवहर जिले में यह अत्याधुनिक डिजिटल व्यवस्था 21 अगस्त से विधिवत रूप से लागू की जा रही है.

विभागीय जानकारी के अनुसार, इस प्रणाली के पायलट प्रोजेक्ट के द्वितीय चरण के तहत शिवहर के साथ-साथ बिहार के चार अन्य जिलों—लखीसराय, जहानाबाद, अरवल और किशनगंज में भी इसकी शुरुआत एक साथ की जा रही है. इन जिलों में सफलता के बाद इसे पूरे राज्य में लागू किया जाएगा.

किसान ऐप पर करेंगे प्री-बुकिंग, 3 दिनों तक वैध रहेगा QR कोड

इस नई डिजिटल व्यवस्था के तहत खाद प्राप्त करने की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन और तकनीकी आधारित होगी:

  • फसल व जमीन का विवरण: किसान सबसे पहले ऐप में अपनी जमीन और बोई गई फसल की पूरी विवरणी दर्ज करेंगे.
  • अनुशंसा आधारित प्री-बुकिंग: दर्ज विवरण और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) की वैज्ञानिक अनुशंसा के आधार पर किसान आवश्यक उर्वरक की मात्रा की ऑनलाइन प्री-बुकिंग कर सकेंगे.
  • 3 दिन वैध रहेगा QR कोड: प्री-बुकिंग सफल होने के उपरांत किसान के मोबाइल पर एक डिजिटल क्यूआर (QR) कोड जनरेट होगा, जिसकी वैधता 3 दिनों के लिए निर्धारित रहेगी.
  • पॉस मशीन से अंतिम बिक्री: किसान संबंधित खुदरा विक्रेता की दुकान पर जाकर पॉइंट ऑफ सेल (POS) मशीन से क्यूआर कोड को स्कैन कराकर अथवा अपनी बुकिंग आईडी दर्ज कराकर उर्वरक प्राप्त कर सकेंगे.

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मनीष नंदन सिंह

लेखक के बारे में

By मनीष नंदन सिंह

मनीष नंदन सिंह बीते 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. इनका जनहित से जुड़ी खबरों से गहरा जुड़ाव है और ये स्थानीय व क्षेत्रीय स्तर की खबरों पर मजबूत पकड़ रखते हैं. मनीष जन-सरोकार के मुद्दों की सटीक और जमीनी रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं.

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