Sheohar News: पिपराही में निर्माणाधीन आंगनबाड़ी केंद्रों का DM ने किया औचक निरीक्षण, 6 हफ्ते में पूरा करने का अल्टीमेटम
निर्माणधीन स्थल का निरीक्षण करती शिवहर डीएम प्रतिभा रानी
शिवहर जिलाधिकारी ने पिपराही प्रखंड में निर्माणाधीन आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण कर धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई. उन्होंने अभियंताओं को 5 से 6 सप्ताह के भीतर कार्य पूरा करने का अल्टीमेटम दिया और गुणवत्ता से किसी भी तरह के समझौते की चेतावनी दी.
Sheohar News: जिले में जमीनी स्तर पर विकास कार्यों को गति देने और सरकारी आधारभूत संरचनाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है. इसी क्रम में गुरुवार को शिवहर जिला पदाधिकारी (DM) ने पिपराही प्रखंड अंतर्गत निर्माणाधीन आंगनबाड़ी केंद्रों का सघन भौतिक निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान डीएम ने निर्माण कार्य की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई और मौके पर मौजूद स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन (LAEO) के अभियंताओं को कार्यप्रणाली सुधारने तथा तय समय में कार्य पूरा करने के कड़े निर्देश दिए.
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कुअमा और छतौना में निर्माण स्थल की बारीकी से की जांच
जिला पदाधिकारी ने अपने निरीक्षण दौरे के दौरान पिपराही प्रखंड की कुअमा पंचायत स्थित वार्ड संख्या 11 और मौजा छतौना उर्फ गोपीनाथपुर के वार्ड नंबर 01 में बन रहे आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण स्थल का गहन जायजा लिया.
इस दौरान उन्होंने अब तक हुए निर्माण कार्य की वास्तविक प्रगति, प्रयुक्त हो रही ईंट, बालू, सीमेंट व छड़ जैसी सामग्रियों की गुणवत्ता की बारीकी से जांच की. डीएम ने अभियंताओं को तलब कर तकनीकी पहलुओं की विस्तृत समीक्षा की.
5 से 6 सप्ताह के भीतर कार्य पूर्ण करने का अल्टीमेटम
निर्माण स्थल की वस्तुस्थिति को देखते हुए जिला पदाधिकारी ने संबंधित अभियंताओं को सख्त अल्टीमेटम दिया कि हर हाल में अगले 5 से 6 सप्ताह के भीतर भवन निर्माण कार्य को पूर्ण कराएं.
उन्होंने निर्देश दिया कि कार्य पूरा होने के तत्काल बाद भवन को संबंधित विभाग को विधिवत हस्तांतरित (हैंडओवर) किया जाए ताकि स्थानीय बच्चों और महिलाओं को इसका लाभ मिल सके.
गुणवत्ता में खामी मिली तो होगी कठोर कार्रवाई: डीएम
जिलाधिकारी ने सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए स्पष्ट किया कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा.
उन्होंने कहा कि भवन का निर्माण पूरी तरह से निर्धारित इंजीनियरिंग और तकनीकी मानकों के अनुरूप होना चाहिए. यदि भविष्य में भवन की संरचना या निर्माण सामग्री में कोई खामी पाई गई, तो संबंधित संवेदक और निगरानी कर रहे अभियंताओं पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन ने दो टूक कहा कि विकास योजनाओं में लेटलतीफी या लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं होगी.
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