स्टार्टअप इकोसिस्टम में स्वचालन तकनीक के महत्व पर विशेषज्ञों ने रखे विचार
Published by :Vikash Kumar
Published at :27 Nov 2025 10:32 PM (IST)
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SASARAM NEWS.गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय की इंस्टिट्यूट इनोवेशन काउंसिल की ओर से फैकल्टी ऑफ सूचना प्रौद्योगिकी एंड इंजीनियरिंग के साथ मिलकर भारत सरकार के सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग के सहयोग से रोबोटिक प्रक्रिया स्वचालन में स्टार्टअप इकोसिस्टम पर पांच दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन हुआ, जो शुक्रवार को संपन्न होगा.
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जीएनएसयू में रोबोटिक प्रक्रिया स्वचालन पर पांच दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला
सासाराम ऑफिस.
गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय की इंस्टिट्यूट इनोवेशन काउंसिल की ओर से फैकल्टी ऑफ सूचना प्रौद्योगिकी एंड इंजीनियरिंग के साथ मिलकर भारत सरकार के सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग के सहयोग से रोबोटिक प्रक्रिया स्वचालन में स्टार्टअप इकोसिस्टम पर पांच दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन हुआ, जो शुक्रवार को संपन्न होगा. हाइब्रिड मोड में आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य प्रतिभागियों को स्टार्टअप इकोसिस्टम में आरपीए की बढ़ती अहमियत से परिचित कराना और तकनीक आधारित नवाचार के लिए आवश्यक प्रायोगिक कौशल प्रदान करना है. गुरुवार के सत्र में विशेषज्ञों ने इंटरैक्टिव तकनीकी व्याख्यान दिये. प्रतिभागियों को रोबोटिक प्रक्रिया स्वचालन की आधारभूत अवधारणाओं से लेकर उन्नत स्तर तक का प्रशिक्षण मिला. प्रक्रिया मानचित्रण, स्वचालन वर्कफ्लो डिजाइन और प्रमुख स्वचालन उपकरणों के उपयोग से जुड़ी गतिविधियों में छात्रों व शोधार्थियों ने सक्रिय भागीदारी की. स्टार्टअप्स किस प्रकार इस तकनीक के जरिये कार्यकुशलता बढ़ा सकते हैं और दोहराव वाले कार्यों में कमी ला सकते हैं, इस पर भी विस्तार से चर्चा हुई. सी-डैक कोलकाता के वैज्ञानिक डॉ अरुण जना, वैज्ञानिक-इ ने आधुनिक उद्यमों में स्वचालन की रणनीतिक भूमिका और डिजिटल नवाचार को बढ़ावा देने वाली राष्ट्रीय पहलों पर व्याख्यान दिया. वहीं वैज्ञानिक-सी तपस सूत्रधार ने व्यावहारिक कार्यान्वयन, उपकरण चयन और स्टार्टअप्स से जुड़े वास्तविक उपयोग मामलों पर केंद्रित प्रायोगिक प्रशिक्षण सत्र लिया. कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक सुदीप कुमार सिंह और जीएनएसयू इंस्टिट्यूट इनोवेशन काउंसिल की अध्यक्ष और नारायण वर्ल्ड स्कूल की निदेशक डॉ मोनिका सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया और कार्यशाला की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला. फैकल्टी ऑफ सूचना प्रौद्योगिकी एंड इंजीनियरिंग के डीन प्रो डॉ अरुणव डे, डॉ राजेश डे और काजी मिन्हाजुल इस्लाम कार्यक्रम के संयोजक रहे.हाइब्रिड आयोजन के कारण विभिन्न क्षेत्रों के छात्रों, शोधार्थियों और युवा उद्यमियों को व्यापक सहभागिता का अवसर मिला.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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