सीबीआइ जांच के लिए हाइकोर्ट ने सुरक्षित रखा इंटर लोकेट्री एप्लीकेशन

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सीबीआइ जांच के लिए हाइकोर्ट ने सुरक्षित रखा इंटर लोकेट्री एप्लीकेशन

Sasaram news. 27 दिसंबर 2024 की रात हुए बादल हत्याकांड के मुख्य आरोपितों ट्रैफिक डीएसपी आदिल बेलाल और उसके अंगरक्षक चंद्रमौली नागिया की अब तक गिरफ्तारी नहीं होने से असंतुष्ट परिजनों ने हाइकोर्ट से सीबीआइ से जांच कराने की मांग की थी.

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बादल हत्याकांड सीआइडी की कार्रवाई से असंतुष्ट बादल के परिजनों ने हाइकोर्ट से सीबीआई से जांच की लगायी है गुहार फोटो-32- मृतक बादल का फाइल फोटो. प्रतिनिधि, सासाराम कार्यालय. 27 दिसंबर 2024 की रात हुए बादल हत्याकांड के मुख्य आरोपितों ट्रैफिक डीएसपी आदिल बेलाल और उसके अंगरक्षक चंद्रमौली नागिया की अब तक गिरफ्तारी नहीं होने से असंतुष्ट परिजनों ने हाइकोर्ट से सीबीआइ से जांच कराने की मांग की थी. परिजनों की ओर से मुकदमा लड़ रहे हाइकोर्ट के अधिवक्ता संजय कुमार सिंह ने बताया कि अन्य मांगों के अलावा सीबीआइ से जांच के लिए इंटर लोकेट्री एप्लीकेशन (एआइए) दिया गया था, जिसे कोर्ट ने स्वीकार करते हुए अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया. अधिवक्ता ने कहा कि कोर्ट ने 28 अप्रैल 2025 को मुख्य आरोपितों को गिरफ्तार करने का आदेश डीजीपी को देते हुए जवाब दाखिल करने को कहा था. इसका जवाब पांच मई 2025 को सरकार की ओर से दाखिल किया गया था. सरकार के जवाब से असंतुष्ट कोर्ट ने हमारे आवेदन पर अपना आदेश सुरक्षित रखा है. ऐसे में पूरी उम्मीद है कि बादल हत्याकांड की जांच अदालत सीबीआई को सौंपेगी. गौरतलब है कि 27 दिसंबर 2024 की रात करीब 10 बजे करगहर मोड़ के समीप पुरानी जीटी रोड किनारे स्थित कालिका सिंह के हाते में बर्थडे पार्टी के दौरान कुछ युवकों से विवाद के बाद तत्कालीन ट्रैफिक डीएसपी आदिल बेलाल और उसके अंगरक्षक चंद्रमौली नागिया पर अपनी सर्विस रिवाॅल्वर से गोली मार राणा ओमप्रकाश सिंह उर्फ बादल की हत्या करने का आरोप लगा है. इस कांड में दो युवक जख्मी भी हुए थे. कांड की दो प्राथमिकी दर्ज हुई थी, एक मृतक के भाई ने दर्ज करायी थी और दूसरा पुलिस की ओर से दर्ज किया गया था. घटनास्थल से पुलिस ने खोखा, शराब की बोतलें, 10 बाइक, मोबाइल आदि जब्त किये थे. घटना के बाद पुलिस ने ट्रैफिक डीएसपी और अंगरक्षक की सर्विस रिवाॅल्वर जब्त की थी. कुछ दिनों बाद कांड की जांच सीआइडी को सौंपी गयी थी. अब तक जांच कर रही है. इस कांड को लेकर विधान परिषद में भी सवाल जवाब हुआ था. बावजूद इसके कांड के मुख्य आरोपितों की अब तक गिरफ्तारी नहीं हुई है.

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Anurag Sharan

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