रोहतास: सीमावर्ती इलाकों में बेखौफ अपराधी, सरेशाम शिक्षक के अपहरण की कोशिश; पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
गिरफ्तार अपराधी और पीड़ित व्यक्ति
बिहार के कोचस में शिक्षक के अपहरण की कोशिश का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए अपराधियों को पकड़कर पुलिस के हवाले किया। पूरी घटना पढ़ें।
Rohtas News : रोहतास जिला के दिनारा थाना क्षेत्र के नरवर गांव में सोमवार की देर शाम शिक्षक गौरी शंकर पाल के कथित अपहरण की कोशिश ने पुलिस की कार्यशैली और रात्रि गश्ती व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. बताया जाता है कि नरवर गांव भले ही दिनारा थाना क्षेत्र में आता है, लेकिन यह कोचस थाना क्षेत्र से बिल्कुल सटा हुआ है. आरोप है कि अपराधियों ने सरेशाम शिक्षक को हथियार के बल पर बाइक पर जबरन बैठाया और कोचस की ओर ले जाने लगे.
ग्रामीणों ने स्कॉर्पियो से किया पीछा, DAV स्कूल के पास पकड़े गये आरोपित
घटना की जानकारी मिलते ही नरवर के ग्रामीणों ने स्कॉर्पियो से बाइक सवारों का पीछा शुरू कर दिया. ग्रामीणों ने कोचस थाना क्षेत्र में डीएवी स्कूल के समीप दोनों संदिग्धों को पकड़ लिया. सूचना मिलने के बाद डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद दोनों आरोपितों को भीड़ के कब्जे से लेकर हिरासत में लिया. इस दौरान मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जुट गयी.
पुलिस के समय पर नहीं पहुंचने पर ग्रामीणों में नाराजगी
ग्रामीणों का आरोप है कि घटना की सूचना सबसे पहले नजदीकी कोचस थाना को दी गयी. इसके बाद दिनारा थाना पुलिस को भी जानकारी दी गयी, लेकिन पुलिस के मौके पर पहुंचने में देरी हुई. ग्रामीणों का कहना है कि यदि उन्होंने समय रहते स्कॉर्पियो से पीछा नहीं किया होता, तो आरोपित शिक्षक को लेकर फरार हो सकते थे. हालांकि, पुलिस ने दोनों संदिग्धों को हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है.
एसडीपीओ ने घटना की जानकारी होने से किया इनकार
घटना के बाद पुलिस की सूचना तंत्र को लेकर भी सवाल खड़े हुए. करीब रात 8:30 बजे जब सदर एसडीपीओ-2 संजीव कुमार से घटना के संबंध में जानकारी ली गयी, तो उन्होंने घटना की जानकारी होने से अनभिज्ञता जतायी. उन्होंने कहा कि कुछ देर पहले ही कोचस थानाध्यक्ष नीतीश कुमार से उनकी बातचीत हुई थी, लेकिन थानाध्यक्ष की ओर से ऐसी किसी घटना की जानकारी नहीं दी गयी थी.
सीमावर्ती गांवों में पुलिस की सक्रियता पर उठ रहे सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि कोचस थाना क्षेत्र से सटे दिनारा के कई गांवों में आपराधिक घटनाओं की सूचना सबसे पहले नजदीकी कोचस पुलिस को दी जाती है. आरोप है कि इसके बावजूद पुलिस के मौके पर पहुंचने में देरी होती है. वहीं, दिनारा थाना क्षेत्र दूर होने के कारण वहां से पुलिस पहुंचने में भी समय लग जाता है. ग्रामीणों का कहना है कि इस स्थिति का फायदा अपराधी और तस्कर उठाते हैं.
शराब और गांजा तस्करी को लेकर भी ग्रामीणों ने उठाये सवाल
ग्रामीणों के अनुसार, दिनारा थाना क्षेत्र के कई ऐसे गांव हैं, जो कोचस थाना क्षेत्र से सटे हुए हैं. इन इलाकों में शराब और गांजा तस्करी की शिकायतें भी सामने आती रही हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि सीमा क्षेत्र होने के कारण दोनों थानों के बीच समन्वय की कमी का फायदा तस्कर उठाते हैं. ग्रामीणों ने सीमावर्ती इलाकों में पुलिस गश्ती बढ़ाने और दोनों थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की मांग की है.
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