सरकारी जमीन पर पेड़ों की कटाई में चार गिरफ्तार, कोचस थाना ने FIR से किया इंकार

Edited by Ragini Sharma
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कटे पेड़ों की तस्वीर

Sasaram Forest Tree Cutting : रोहतास के कोचस में सरकारी जमीन पर अवैध पेड़ कटाई का मामला सामने आया. वन विभाग ने कार्रवाई कर चार आरोपितों को मौके से गिरफ्तार किया. थाना स्तर पर FIR दर्ज नहीं होने से बढ़ा विवाद और असमंजस. विभागों के बीच समन्वय की कमी पर उठने लगे गंभीर सवाल.

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रोहतास (कोचस) से रमेश कुमार पाण्डेय की रिपोर्ट
Sasaram Forest Tree Cutting : सरकारी भूमि पर अवैध तरीके से पेड़ों की कटाई का मामला सामने आने के बाद वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया, लेकिन हैरानी की बात यह रही कि थाना स्तर पर प्राथमिकी दर्ज करने से ही इंकार कर दिया गया. इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

प्रखंड क्षेत्र के कुछिला पंचायत स्थित सारंगपुर मौजा में शुक्रवार की देर शाम वन विभाग की टीम ने छापेमारी कर चार लोगों को मौके से गिरफ्तार किया. गिरफ्तार सभी आरोपित उत्तर प्रदेश के बताए जा रहे हैं. बिक्रमगंज वन प्रक्षेत्र के रेंजर विनय कुमार के अनुसार, विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि सरकारी जमीन पर लगे पेड़ों की अवैध कटाई की जा रही है. सूचना के सत्यापन के बाद उनके नेतृत्व में टीम गठित की गई और मौके पर छापेमारी कर आरोपितों को धर दबोचा गया.

थाने में अटका मामला, FIR से इंकार

गिरफ्तार आरोपितों को लेकर जब वन विभाग की टीम कोचस थाना पहुंची, तो वहां मौजूद अधिकारियों ने प्राथमिकी दर्ज करने से इंकार कर दिया. जानकारी के अनुसार आरोपितों से माफीनामा लेकर मामले को खत्म करने की बात कही गई, जिसे वन विभाग की टीम ने स्वीकार नहीं किया. नतीजतन, बिना FIR दर्ज कराए ही टीम को वापस लौटना पड़ा. फिलहाल गिरफ्तार आरोपित वन विभाग की अभिरक्षा में हैं, जिससे पूरे मामले में कानूनी प्रक्रिया को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है.

प्रशासनिक प्रतिक्रिया

इस मामले पर अपर थानाध्यक्ष बबलू कुमार ने बताया कि वन विभाग की टीम देर रात थाना आई थी, लेकिन कुछ देर रुकने के बाद वापस चली गई. वहीं प्रभारी सीओ सह राजस्व पदाधिकारी रविन्द्र सिंह ने कहा कि वन विभाग की ओर से रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.

सवालों के घेरे में व्यवस्था

यह घटना केवल अवैध कटाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की कमी किस तरह कार्रवाई को प्रभावित कर रही है. यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो सरकारी संसाधनों की सुरक्षा पर गंभीर संकट खड़ा हो सकता है.

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By Ragini Sharma

मैं रागिनी शर्मा वर्तमान में पटना स्थित प्रभात खबर डिजिटल की टीम के साथ कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हूं. यहां मैं बिहार के विभिन्न जिलों से जुड़ी अहम खबरों, राजनीतिक-सामाजिक मुद्दों और ट्रेंडिंग विषयों पर काम कर रही हूं. मेरा उद्देश्य हर खबर को सरल, सटीक और प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करना है, ताकि पाठक न सिर्फ जानकारी प्राप्त करें बल्कि उससे जुड़ाव भी महसूस करें और डिजिटल पत्रकारिता को और अधिक सार्थक बनाया जा सके. पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान ही मैंने प्रिंट और डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. अपने कॉलेज के समय में हिंदुस्तान के साथ इंटर्नशिप के दौरान मुझे पहली बार वेब पोर्टल पर खबर लिखने और डिजिटल न्यूज राइटिंग का व्यावहारिक अनुभव मिला. इसी दौरान मैंने न्यूज़ लेखन, हेडलाइन स्ट्रक्चर और डिजिटल स्टोरी प्रेजेंटेशन की बुनियादी समझ विकसित की. इसके बाद वर्ष 2025 में पत्रकारिता में ग्रेजुएशन पूरा करने के साथ ही मैंने अपने प्रोफेशनल करियर की शुरुआत की. डिजिटल मीडिया में मेरी पहली भूमिका फर्स्ट बिहार झारखंड के साथ रही, जहाँ मैंने एंकरिंग और ग्राउंड रिपोर्टिंग के माध्यम से बिहार के जमीनी मुद्दों को कवर किया. इस दौरान मैंने राज्य की राजनीति, सामाजिक सरोकारों और आम जनता से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर सक्रिय रूप से रिपोर्टिंग की.

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