मछली मंडी अब वेंडिंग जोन में नहीं हो पायेगा शिफ्ट, दूसरे विकल्प की तलाश
Updated at : 20 Jan 2026 3:34 PM (IST)
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नगर निगम के सामने मछली मंडी की शिफ्टिंग अब चुनौती बन गयी
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पुराने बस पड़ाव के जमीन पर बन रहे मछली मंडी के स्थल पर जिला पर्षद ने किया दावा
जिप के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी ने कहा, मांस और मछली के मंडी शहर के बाहर हो, तो ज्यादा बेहतरफोटो-2- मछली मंडी सासाराम़प्रतिनिधि, सासाराम नगर
नगर निगम के सामने मछली मंडी की शिफ्टिंग अब चुनौती बन गयी है. इसका फिलहाल कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं दिख रही है. ऐसे में मछली मंडी अपने पहले के ही स्थल पर रहेगी. मंगलवार को इसको लेकर जिला पर्षद के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी विजय कुमार पांडेय ने स्पष्ट कर दिया है कि जिला पर्षद की ओर से एक पत्र निगम को दिया गया है. अगर उन्हें जमीन की जरूरत है, तो वह हमसे मांग करें. इसके बाद इसकी चर्चा जिला पर्षद के सामान्य बैठक में होगी. अगर चेयरमैन सहित अन्य सदस्य राजी होंगे, तो इसे निगम को दिया जा सकता है. हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि एक अनौपचारिक बैठक में नगर आयुक्त विकास कुमार से हमने पूछा कि क्या यह जमीन आपकी है. वहां मौजूद एक क्लर्क ने बताया कि यह जमीन आरसीडी की है. फिर पूछा कि क्या उस विभाग से आपकी बातचीत हुई है, तो कोई जवाब नहीं मिला. ऐसे में मैंने कहा कि एक कमेटी डीसीएलआर के नेतृत्व में बना दी जाये, जो यह तय कर देंगे कि यह जमीन किसकी है? इसके बाद उस संबंधित विभाग से एनओसी लेकर कार्य करा लीजियेगा. क्योंकि, किसी भी जमीन पर बिना अनुमति के पैसा खर्च करने पर उसका हिसाब भी देना पड़ता है. साथ ही उन्होंने एक सलाह भी दी कि मछली और मांस की दुकानें शहर से बाहर रहे, तो ज्यादा बेहतर है. क्योंकि इन मंडी से निकलनेवाले अवशेषों को विनष्ट करने में फिलहाल यहां के निगम सक्षम नहीं है. इसलिए बहते हुए पानी के किनारे मंडी हो, तो ज्यादा बेहतर है. ताकि, मांस के अवशेषों से फैलनेवाली कई बीमारियों को रोका जा सकेगा. मछली मंडी बनाने की सूचना पाकर पास के मुहल्ले के कुछ लोगों ने नगर आयुक्त से मिलकर आग्रह किया था कि मछली मंडी वहां नहीं बनाया जाये.इस संबंध में नगर आयुक्त विकास कुमार ने कहा कि मछली मंडी के लिए चिह्नित जमीन पर ही मंडी का निर्माण किया जायेगा. इस संबंध में एक कमेटी बनाने के लिए पत्र लिखा गया है.
जिला पर्षद इस जमीन पर बनाना चाहता है दुकान
जिला पर्षद अपनी इस जमीन पर दुकान बनाना चाहता है. उसने नगर निगम को लिखे पत्र में यह मंशा जाहीर की है. उसने पत्र में लिखा है कि मौजा गजराढ़ राजस्व थाना नंबर-134, सीएस खाता नंबर-01, खेसरा नंबर-124, 125 और 126 है, जिसका कुल रकबा 81 डिसमिल है. इस जमीन पर जिला पर्षद कर्मचारी आवास व दुकानें अवस्थित हैं, जिसके आगे नगर निगम सासाराम बिना अनापत्ति प्राप्त किये निर्माण कार्य के लिए भूमि चिह्नित किया गया है, जो नियमानुकुल नहीं है. विदित हो कि जिला पर्षद अपने स्वामित्व की भूमि पर अपने हित में आवश्यकतानुसार निर्माण कार्य करती है. यह भू-भाग व्यवसायिक दृष्टिकोण से अति महत्वपूर्ण भूमि है, जिसपर जिला पर्षद की अपनी आय का स्रोत बढ़ाने के लिए उद्देश्य से दुकानों का निर्माण किये जाने का प्रस्ताव पारित किया गया है, जो प्रक्रियाधीन है.जिला पर्षद अपनी इस जमीन पर दुकान बनाना चाहता
जिला पर्षद अपनी इस जमीन पर दुकान बनाना चाहता है. उसने नगर निगम को लिखे पत्र में यह मंशा जाहीर की है. उसने पत्र में लिखा है कि मौजा गजराढ़ राजस्व थाना नंबर-134, सीएस खाता नंबर-01, खेसरा नंबर-124, 125 और 126 है, जिसका कुल रकबा 81 डिसमिल है. इस जमीन पर जिला पर्षद कर्मचारी आवास व दुकानें अवस्थित हैं, जिसके आगे नगर निगम सासाराम बिना अनापत्ति प्राप्त किये निर्माण कार्य के लिए भूमि चिह्नित किया गया है, जो नियमानुकुल नहीं है. विदित हो कि जिला पर्षद अपने स्वामित्व की भूमि पर अपने हित में आवश्यकतानुसार निर्माण कार्य करती है. यह भू-भाग व्यवसायिक दृष्टिकोण से अतिमहत्वपूर्ण भूमि है, जिसपर जिला पर्षद की अपनी आय का स्रोत बढ़ाने के लिए उद्देश्य से दुकानों का निर्माण किये जाने का प्रस्ताव पारित किया गया है, जो प्रक्रियाधीन है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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