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गृहस्थ जीवन मनुष्य योनि का सर्वोत्तम आश्रम : जीयर स्वामी

Updated at : 22 Jan 2026 3:39 PM (IST)
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गृहस्थ जीवन मनुष्य योनि का सर्वोत्तम आश्रम : जीयर स्वामी

तमाम कर्मों, कर्तव्यों व झंझावतों के मध्य ईश्वर की मौजूदगी का अहसास होना ही भक्ति

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चलनिया रामेश्वरगंज में चल रहा श्रीलक्ष्मी नारायण महायज्ञ के तीसरे दिन उमड़े श्रद्धालु

फोटो-3- यज्ञ में प्रवचन करते जीयर स्वामी जी महाराज

प्रतिनिधि, सासाराम ग्रामीण

जब जीव पर ईश्वर की असीम कृपा होती है, तभी जीव को मनुष्य योनि प्राप्त होती है. मनुष्य मानव जीवन के सहारे अपने पिछले वर्तमान व भविष्य को ठीक कर मोक्ष का मार्ग प्रशस्त कर सकता है. मानव अपने कर्मों से नर से निशाचर व मानव से महामानव व देव मानव बन सकता है. ये बातें शहर के चलनिया रामेश्वरगंज में चल रहे श्रीलक्ष्मी नारायण महायज्ञ के तीसरे दिन गुरुवार को संत जीयर स्वामी महाराज ने प्रवचन के दौरान कहीं. उन्होंने कहा कि मानव योनि अकेली ऐसी योनि है, जिसमें मनुष्य अपने शरीर के विभिन्न अंगों से परमार्थ करके अपना मानव जीवन धन्य बना सकता है. गृहस्थ जीवन मनुष्य योनि का सर्वोत्तम आश्रम माना गया है. गृहस्थ द्वारा किये जाने वाले दैनिक कार्य ही उसकी पूजा होते हैं. तमाम कर्मों, कर्तव्यों व झंझावतों के मध्य ईश्वर की मौजूदगी का अहसास होना ही भक्ति है. यही कारण है कि मनुष्य योनि पाने के लिए देवता भी तरसते हैं और किसान को अन्नदाता, अन्नपूर्णा भगवान भी कहा जाता है.

भागवत कथा इंसानियत की दिखाती है राह

उन्होंने कहा कि भगवान ने मनुष्य योनि परमार्थ करने के लिए बनाया है. सत्संग व भागवत कथा बड़ी भाग्य से प्राप्त होती हैं. जिनके कई जन्मों के भाग्य उदय होते हैं, तभी यह अवसर मिल पाता है. भागवत कथा पापी को भी मोक्ष प्रदान करने वाली होती है. भागवत कथा इंसान को इंसानियत की राह पर चलकर मानव जीवन को सार्थक करने की राह दिखाती है. कथा सुनने का फल तभी मिलता है, जब कथा को इतने ध्यान से सुना जाए कि अपनी सुध-बुध ही न रह जाए. कुछ लोग कथा सुनने नहीं, बल्कि अपनी कथा कहने आते हैं. और कथावाचक के साथ ही वह भी अपनी कथा किया करते हैं. कुछ लोग कथा सुनने नहीं, बल्कि सोने आते हैं और जब कथा शुरू होती है, तब उन्हें गहरी नींद आ जाती है.इसीलिए श्रोता तीन तरह के बताये गये हैं. एक को श्रोता तो दूसरे की सोता व सरौता कहते हैं. सोता और सरौता को कथा का कोई लाभ नहीं मिलता है. मौके पर संरक्षक में सहदेव सोनकर, शिवनारायण तिवारी, अध्यक्ष शिवनाथ चौधरी, कार्यकारी अध्यक्ष बेचू महतो, महामंत्री श्यामा सोनकर , कोषाध्यक्ष सुशील सोनी, पंकज उर्फ पिंटू सोनी, ध्रूव सिंह, अनिल कुशवाहा, लेखापाल सुरेंद्र पांडेय सहित हजारों संत व श्रद्धालु शामिल थे.

लक्ष्मी नारायण महायज्ञ में आज होगा विराट धर्म सम्मेलन

शहर के चलनिया में चल रहे श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ में शुक्रवार को विराट भव्य धर्म सम्मेलन होगा. इसमें विभिन्न प्रदेशों से संत शिरकत करेंगे. इसको ले तैयारी पूरी कर ली गयी है. इस सम्मेलन में विभिन्न प्रदेशों से आये संतो के द्वारा सनातन धर्म की और उत्थान के विषय पर चर्चा होगी. इसके बाद शाम सात बजे से भजन संध्या का आयोजन होगा. इसमें भजन व्यास अपने सुरों की समा बांधेगे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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ANURAG SHARAN

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By ANURAG SHARAN

ANURAG SHARAN is a contributor at Prabhat Khabar.

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