रोहतास: कोचस में सरकारी कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप, भाजपा नेता ने DM से मिलकर ट्रांसफर और जांच की मांग की

Author Ramesh Kumar|Edited by Ragini Sharma
Updated:
विज्ञापन
भाजपा मंडल अध्यक्ष ने डीएम से मिलकर दिया ज्ञापन

डीएम को पुस्तक देते भाजपा मंडल अध्यक्ष

रोहतास जिले के कोचस प्रखंड में सरकारी दफ्तरों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं. भाजपा नेता राजेश सिंह ने जिलाधिकारी से मिलकर लंबे समय से जमे कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं. इस मुद्दे पर अन्य नेता भी चिंता जता चुके हैं.

विज्ञापन

Sasaram BJP Leader Meet DM : रोहतास जिले के कोचस प्रखंड में सरकारी दफ्तरों की कार्यप्रणाली को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं. भाजपा के कोचस पूर्वी मंडल अध्यक्ष और प्रखंड बीस सूत्री उपाध्यक्ष राजेश सिंह ने जिलाधिकारी दीपक कुमार मिश्रा से मुलाकात कर कई गंभीर शिकायतें दर्ज कराई हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रखंड, अंचल और बाल विकास परियोजना कार्यालय में लंबे समय से जमे कर्मचारी न सिर्फ अपने काम में लापरवाही बरत रहे हैं, बल्कि भ्रष्टाचार में भी लिप्त हैं.

सासाराम की सभी खबरें पढ़ें

राजेश सिंह ने डीएम को दिए गए आवेदन में साफ तौर पर कहा कि कार्यालय परिचारी, डाटा एंट्री ऑपरेटर, महिला पर्यवेक्षिका और लिपिक जैसे पदों पर कार्यरत कई कर्मचारी वर्षों से एक ही जगह जमे हुए हैं. इससे सरकारी कामकाज प्रभावित हो रहा है और आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने इन सभी कर्मियों का तत्काल स्थानांतरण करने की मांग की है.

Sasaram News : पहले भी उठ चुका है मामला

यह कोई पहला मौका नहीं है जब इस मुद्दे को उठाया गया है. राजेश सिंह ने बताया कि इससे पहले भी तत्कालीन जिलाधिकारी उदिता सिंह को इसी तरह का आवेदन सौंपा गया था. उस समय भी मांग की गई थी कि पांच से छह वर्षों से एक ही कार्यालय में जमे लिपिक संवर्ग, कार्यपालक सहायक और डाटा एंट्री ऑपरेटर को हटाया जाए. हालांकि, उस दौरान भी आश्वासन तो मिला, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई खास बदलाव देखने को नहीं मिला.

Political News : अन्य नेताओं ने भी जताई चिंता

इस मामले को लेकर केवल भाजपा ही नहीं, बल्कि अन्य राजनीतिक दलों के नेता भी चिंता जता चुके हैं. जदयू के प्रखंड अध्यक्ष और बीस सूत्री अध्यक्ष हरिहर प्रसाद सिंह ने भी पहले जिलाधिकारी से मिलकर प्रखंड, अंचल, सीडीपीओ कार्यालय और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लंबे समय से जमे कर्मचारियों के तबादले की मांग की थी. इससे साफ है कि यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है और अब यह एक बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है.

आम लोगों पर पड़ रहा असर

स्थानीय लोगों का कहना है कि जब कर्मचारी वर्षों तक एक ही जगह टिके रहते हैं तो काम में पारदर्शिता खत्म होने लगती है. कई बार फाइलें बिना वजह अटकाई जाती हैं और लोगों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते हैं. इससे आम जनता में नाराजगी बढ़ रही है.

डीएम ने दिया भरोसा

जिलाधिकारी दीपक कुमार मिश्रा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है. उन्होंने आश्वासन दिया कि शिकायतों की जांच कराई जाएगी और जो भी कर्मचारी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ नियम के अनुसार कार्रवाई की जाएगी.

कोचस में सरकारी दफ्तरों की कार्यशैली को लेकर उठे ये सवाल प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बनते जा रहे हैं. अब नजर इस बात पर टिकी है कि जिला प्रशासन इन शिकायतों पर कितनी तेजी और सख्ती से कार्रवाई करता है. यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो यह मामला और बड़ा रूप ले सकता है.

Also Read: रोहतास: कोचस में अतिक्रमण बना हादसों की वजह, किशोर की मौत के 96 घंटे बाद भी कार्रवाई नहीं, NH-319 और SH-17 पर जाम की समस्या बरकरार


विज्ञापन
Ramesh Kumar

लेखक के बारे में

By Ramesh Kumar

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन