रोहतास में बढ़ रहे सर्पदंश के मामले, बिक्रमगंज अस्पताल में जुलाई में पहुंचे 12 मरीज, डॉक्टर ने दी बड़ी सलाह

अनुमंडलीय अस्पताल बिक्रमगंज की तस्वीर | Prabhat Khabar Network
मानसून के साथ रोहतास में सर्पदंश की घटनाएं बढ़ रही हैं. बिक्रमगंज अस्पताल में जुलाई में 12 सर्पदंश पीड़ित पहुंचे, जिनमें से अधिकांश को समय पर इलाज मिला. जानें सांप के काटने पर क्या करें और क्या न करें.
Rohtas Snake Bite News : रोहतास जिले में मानसून के साथ सर्पदंश की घटनाओं में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है. बिक्रमगंज अनुमंडलीय अस्पताल में जुलाई माह में अब तक 12 सर्पदंश पीड़ित इलाज के लिए पहुंचे हैं. अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि समय पर इलाज मिलने से सभी मरीज सुरक्षित रहे, जबकि हाल के दो मामलों ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल भी खड़े किए हैं.
Rohtas News : जुलाई में 12 मरीज पहुंचे, सभी का हुआ इलाज
अनुमंडलीय अस्पताल के प्रभारी उपाधीक्षक डॉ. अभिनंदन ने बताया कि जुलाई में अब तक 12 सर्पदंश पीड़ित अस्पताल पहुंचे हैं, जिनमें पांच महिलाएं शामिल हैं. मरीजों की उम्र 17 से 60 वर्ष के बीच रही. एक मरीज को बेहतर इलाज के लिए उच्च केंद्र रेफर किया गया था, जो उपचार के बाद स्वस्थ हो गया. अस्पताल में इलाज के दौरान किसी मरीज की मौत नहीं हुई.
करैत और कोबरा के काटने की आशंका ज्यादा
डॉ. अभिनंदन ने बताया कि कुछ मामलों में गैर विषैले सांप के काटने की पुष्टि हुई, जबकि अधिकांश मामलों में करैत के काटने की आशंका रही. कुछ मरीजों ने गेहूंमन (नाग) के काटने की भी शिकायत की. जांच के बाद ही मरीजों का उपचार शुरू किया जाता है.
सरकारी अस्पताल में मुफ्त मिलता है इलाज
अस्पताल में एंटी स्नेक वेनम (ASV) सहित सर्पदंश का पूरा इलाज नि:शुल्क उपलब्ध है. मरीज के अस्पताल पहुंचते ही रक्त जांच के जरिए शरीर में विष के प्रभाव का आकलन किया जाता है और उसी के अनुसार एएसवी की डोज दी जाती है. डॉक्टरों का कहना है कि समय पर इलाज मिलने से अधिकांश मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो जाते हैं.
झाड़-फूंक में समय न गंवाएं, तुरंत अस्पताल पहुंचें
डॉ. अभिनंदन ने लोगों से अपील की कि सर्पदंश होने या आशंका होने पर झाड़-फूंक या घरेलू उपचार के भरोसे समय बर्बाद न करें. मरीज को तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल ले जाएं. उन्होंने बताया कि क्षेत्र में कोबरा, करैत, रसेल वाइपर और गेहूंमन जैसे विषैले सांप पाए जाते हैं. आंखों की पलकें झुकना, बोलने या निगलने में परेशानी, सांस लेने में दिक्कत, रक्तचाप कम होना, सूजन और रक्तस्राव जैसे लक्षण दिखें तो तत्काल चिकित्सकीय सहायता लें.
अकोढ़ीगोला और दिनारा की घटनाओं से उठे सवाल
हाल में अकोढ़ीगोला और दिनारा में सर्पदंश से जुड़े दो मामलों ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं. अकोढ़ीगोला में परिजनों ने इलाज शुरू होने में देरी का आरोप लगाया, जबकि दिनारा में मृत घोषित किए गए मरीज को घर ले जाने के बाद हलचल महसूस होने पर दोबारा अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने फिर उसे मृत घोषित कर दिया. इन घटनाओं के बाद लोग दोनों मामलों की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारी तय किए जाने की मांग कर रहे हैं.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar News Desk
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










