बिहार में नई शिक्षक स्थानांतरण नियमावली लागू, अब ऑनलाइन पोर्टल से होगा तबादला

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Bihar Teacher Transfer Policy 2026

जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय, रोहतास

Bihar Teacher Transfer Policy 2026 : बिहार सरकार ने शिक्षक स्थानांतरण नियमावली 2026 लागू कर दी है. अब नियमित शिक्षकों, प्रधान शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों का तबादला ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से होगा. नई व्यवस्था में अंक आधारित वरीयता, विशेष परिस्थितियों में प्राथमिकता और अपील की भी व्यवस्था की गई है.

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सासाराम (रोहतास) से मो. आरिफ खान की रिपोर्ट
Bihar Teacher Transfer Policy 2026 : बिहार के सरकारी विद्यालयों में कार्यरत नियमित शिक्षकों, प्रधान शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों के स्थानांतरण की प्रक्रिया अब नई नियमावली के तहत होगी. शिक्षा विभाग ने बिहार राज्य शिक्षक स्थानांतरण नियमावली, 2026 अधिसूचित कर दी है. राजपत्र में प्रकाशन के साथ ही यह नियमावली प्रभावी हो जाएगी. नई व्यवस्था के तहत स्थानांतरण की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन, पारदर्शी और अंक आधारित होगी. विभाग ने स्पष्ट किया है कि स्थानांतरण में छात्रों के शैक्षणिक हित, शिक्षक-छात्र अनुपात, विद्यालयों की आवश्यकता तथा विषयवार शिक्षकों की उपलब्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी.

पांच वर्ष की सेवा के बाद ही मिलेगा आवेदन का अवसर

नई नियमावली के अनुसार सामान्य परिस्थितियों में शिक्षक को स्थानांतरण के लिए आवेदन करने का अवसर पांच वर्ष की सेवा पूरी करने के बाद ही मिलेगा. हालांकि गंभीर बीमारी, दिव्यांगता, पति-पत्नी पदस्थापन, विधवा, एकल अभिभावक और अन्य अधिसूचित विशेष परिस्थितियों में सक्षम समिति पांच वर्ष से पहले भी स्थानांतरण पर विचार कर सकेगी. सभी आवेदन केवल विभागीय पोर्टल के माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे और स्थानांतरण आदेश भी डिजिटल हस्ताक्षर के साथ ऑनलाइन जारी होंगे.

अंक आधारित प्रणाली से होगी वरीयता तय

यदि किसी विद्यालय से एक से अधिक शिक्षक स्थानांतरण के लिए आवेदन करेंगे तो चयन अंक आधारित प्रणाली से किया जाएगा. इसमें सेवा अवधि, पदस्थापन स्थल और विशेष वरीयता के आधार पर अंक दिए जाएंगे. राष्ट्रीय एवं राज्य शिक्षक पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों, गंभीर बीमारी, दिव्यांगता और पति-पत्नी के सरकारी सेवा में होने जैसी श्रेणियों के लिए अतिरिक्त वरीयता अंक निर्धारित किए गए हैं.

गलत जानकारी देने पर होगी सख्त कार्रवाई

शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि गलत जानकारी, फर्जी प्रमाण-पत्र या तथ्य छिपाकर स्थानांतरण का लाभ लेने का प्रयास करने वाले शिक्षकों के खिलाफ अनुशासनिक एवं विधिक कार्रवाई की जाएगी.

महिला व पुरुष शिक्षकों के लिए अलग प्रावधान

नियमावली में महिला शिक्षकों के अनुरोध पर उन्हें गृह प्रखंड में, लेकिन गृह पंचायत या गृह वार्ड से बाहर पदस्थापित करने का प्रावधान किया गया है. वहीं पुरुष शिक्षकों को उनके अनुरोध पर गृह जिले में, लेकिन गृह प्रखंड से बाहर पदस्थापित किया जा सकेगा. गंभीर चिकित्सा अथवा दिव्यांगता के मामलों में सक्षम प्राधिकार इन शर्तों में छूट भी दे सकेगा.

प्रशासनिक आधार पर भी होगा स्थानांतरण

विद्यालय में शिक्षकों की कमी, विषय विशेष के शिक्षक का अभाव, अनुशासनहीनता, सरकारी आदेश की अवहेलना, लगातार विलंब से विद्यालय पहुंचना, वित्तीय अनियमितता, छात्राओं या महिला शिक्षिकाओं के साथ अमर्यादित व्यवहार की शिकायत समेत अन्य प्रशासनिक कारणों पर भी स्थानांतरण किया जा सकेगा. सामान्य मामलों में शिक्षक को सात कार्य दिवस का समय देकर पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा, जबकि गंभीर मामलों में तत्काल स्थानांतरण का आदेश जारी किया जा सकेगा.

स्थापना समितियां लेंगी निर्णय, अपील की भी व्यवस्था

नई नियमावली के तहत जिला, प्रमंडलीय और राज्य स्तर पर स्थापना समितियों का गठन किया गया है, जो स्थानांतरण संबंधी मामलों पर निर्णय लेंगी. जिला स्थापना समिति के निर्णय के विरुद्ध प्रमंडलीय आयुक्त तथा प्रमंडलीय अथवा राज्य स्थापना समिति के निर्णय के विरुद्ध शिक्षा विभाग के सचिव के समक्ष 15 दिनों के भीतर अपील की जा सकेगी. विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि केवल मनपसंद विद्यालय नहीं मिलने को शिकायत या अपील का आधार नहीं माना जाएगा.

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निखिल अनुराग

लेखक के बारे में

By निखिल अनुराग

मूलतः निखिल अनुराग. पेशे से पत्रकार. बुद्ध की धरती पर जन्म. बिहार का सबसे नवीनतम जिला (अरवल) से ताल्लुक. पढ़ाई की शुरूआत गांव से ही. फिर गंगा के तट पटना पहुंचा. ज्ञान की धरती से कुछ तालीम हासिल कर राष्ट्रीय राजधानी की ओर कूच. पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट ( माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय). नोएडा की धरती पर विद्वतजन से कुछ न कुछ सीखा. करंट अफ़ेयर्स, राजनीति, खेल, अंतरराष्ट्रीय संबंध, गाँव, खेत-किसान पसंदीदा टॉपिक. स्कूल, कॉलेज युनिवर्सिटी में यूथ से गपशप करना एनर्जी का अतिरिक्त स्रोत. साल 2020 में नोएडा से शुरू हुई इस लेखन यात्रा कलम, डेस्कटॉप, लैपटॉप के की-बोर्ड से होते हुए स्मार्ट फोन तक पहुंच गयी. ज्यों-ज्यों उम्र बढ़ रही है, सीखने, पढ़ने, लिखने की भूख भी बढ़ रही है. नोएडा में टीवी न्यूज में काम करने के बाद हिंदुस्तान ग्रूप होते हुए बिहार, झारखंड की सबसे पसंदीदा अखबार प्रभात खबर में कार्यरत. हां एक बात और... पढ़ने-लिखने की जिज्ञासा कभी खत्म नहीं होगी. साहित्य में बेहद दिलचस्पी.

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