अवधूत भगवान राम की जयंती पर संगोष्ठी, धर्म-संस्कृति और समाजसेवा में योगदान को किया याद
एबीआर कॉलेज में छात्रा को पुरस्कृत करते प्राचार्य एवं सचिव | Prabhat Khabar Network
Sasaram News : सासाराम में सर्वेश्वरी समूह के स्थापना दिवस पर अवधूत भगवान राम को याद किया गया. इस अवसर पर आयोजित संगोष्ठी में उनके राष्ट्रप्रेम, समाज सुधार और कुष्ठ रोगियों की सेवा के योगदान पर प्रकाश डाला गया.
Sasaram News : धर्म और संस्कृति के क्षेत्र में अवधूत भगवान राम का नाम अविस्मरणीय है. उक्त बातें बिहार विधान परिषद की सदस्य निवेदिता सिंह ने सोमवार को अवधूत भगवान राम कॉलेज में सर्वेश्वरी समूह के स्थापना दिवस पर आयोजित संगोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में कहीं. उन्होंने कहा कि अवधूत भगवान राम ने 21 सितंबर 1961 को काशी में सर्वेश्वरी समूह की स्थापना की थी.
राष्ट्रप्रेम और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ किया कार्य
विशिष्ट अतिथि इं. नवीन सिन्हा और गोरखनाथ लाल ने कहा कि अवधूत भगवान राम ने राष्ट्रप्रेम की भावना को बढ़ावा देने, सामाजिक कुरीतियों को दूर करने और कुष्ठ रोगियों की सेवा के लिए कार्य किया. सोनू राय और दिव्य प्रकाश तिवारी ने उनके जीवन प्रसंगों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे नौ वर्ष की अल्पायु में घर छोड़कर तीर्थाटन के लिए निकल पड़े थे. जगन्नाथ पुरी और गया होते हुए वे काशी पहुंचे, जहां बाद में उनकी साधना यात्रा आगे बढ़ी.
अघोर पंथ में दीक्षित होकर साधना में लीन हुए
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कॉलेज के प्राचार्य डॉ. विनोद कुमार सिंह ने कहा कि अवधूत भगवान राम क्रीं कुंड, रवींद्रपुरी, वाराणसी पहुंचे, जहां 1951 में बाबा कीनाराम स्थल पर अघोर पंथ में दीक्षित होकर साधना में लग गये. विंध्याचल, सकलडीहा, पहाड़ों की गुफाओं और गंगा के कछारों में उनकी साधना का क्रम चला. साधना के बाद उन्हें अघोरेश्वर भगवान राम के रूप में जाना गया.
कुष्ठ रोगियों की सेवा से लेकर सामाजिक सुधार तक
कॉलेज के सचिव डॉ. सुरेंद्र सिंह ने कहा कि जनसेवा की दिशा में उन्होंने 10 मई 1962 को समाज और परिवार से उपेक्षित कुष्ठ रोगियों की सेवा शुरू की. उन्होंने फिजूलखर्ची रोकने के लिए बिना दहेज विवाह को बढ़ावा दिया तथा विधवा विवाह को प्रोत्साहित किया.
ध्वजारोहण के साथ कार्यक्रम का हुआ शुभारंभ
इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ कॉलेज के सचिव डॉ. सुरेंद्र सिंह ने सर्वेश्वरी समूह का ध्वजारोहण कर किया. इसके बाद सेमिनार कक्ष में 'पाप-पुण्य के लिए अवतरित हुए थे भगवान अघोरेश्वर' विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गयी. स्नातक पंचम सेमेस्टर की छात्राओं प्रिंशु कुमारी और सौम्या सिंह ने अवधूत भगवान राम के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला.
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छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों से बांधा समां
कार्यक्रम में स्नेहा ने गणेश वंदना, रंजन, विभा और सोनम ने गुरु भजन, रिंकी कुमारी ने 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ', नेहा ने महाभारत डांस तथा रंजन ने नवरात्रि डांस की प्रस्तुति दी. इस दौरान नशा मुक्ति पर भी कार्यक्रम आयोजित किया गया.
प्रतिभागियों को प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार से किया सम्मानित
मुख्य अतिथि निवेदिता सिंह ने रंजन कुमार, स्नेहा कुमारी और रिंकी कुमारी की एकल प्रस्तुतियों को प्रथम पुरस्कार प्रदान किया. सचिव डॉ. सुरेंद्र सिंह ने सौम्या सिंह और प्रिंशु कुमारी को द्वितीय पुरस्कार दिया. तृतीय पुरस्कार से इं. नवीन सिन्हा ने विभा और सोनम, गोरखनाथ लाल ने स्नेहा और रोशनी, सोनू राय ने गीता और राधा तथा कात्यायनी ने अंजू और सुमन को सम्मानित किया.
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कई गणमान्य लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में लड्डू सिंह, बृजेश सिंह कुलबुल, सुधीर सिंह, सोनू राय, डॉ. रिंकी सिंह, डॉ. देवमुनी कुमारी, डॉ. रेनू बाला, डॉ. मधु ज्योति, साधना सिंह, शाइस्ता नाज, शंकर दयाल सिंह और दीपक कुमार मौजूद रहे. कार्यक्रम का संचालन खुशी कुमारी और ओमप्रकाश सिंह ने संयुक्त रूप से किया.
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