रसूलपुर (एकमा). सरकारी सिस्टम की बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है, जहां एक जीवित वृद्धावस्था पेंशनधारी को आधिकारिक रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया गया. इस गंभीर चूक के कारण पिछले महीने से पीड़ित की पेंशन का भुगतान बंद हो गया है. पेंशन बंद होने से पीड़ित को भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है और वह अपनी जीवित होने की पहचान साबित करने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर है. मामला एकमा प्रखंड अंतर्गत रसूलपुर पंचायत के धानाडीह गांव का है. पीड़ित शिव जतन यादव, पिता स्व. सुखलाल यादव, उम्र 84 वर्ष, वृद्धावस्था पेंशनधारी हैं. उन्हें हाल ही में जानकारी मिली कि उनका नाम पेंशन लाभार्थियों की सूची से हटा दिया गया है. जब उन्होंने संबंधित बैंक से संपर्क किया तो बताया गया कि सरकारी दस्तावेजों में उन्हें मृत दर्शाया गया है. शिव जतन यादव ने बताया कि अचानक पेंशन मिलना बंद हो गया. बैंक जाने पर जानकारी मिली कि सिस्टम में उनका नाम इसलिए हटा दिया गया है क्योंकि उन्हें मृत दिखा दिया गया है. उन्होंने कहा कि मैं जिंदा हूं और सबके सामने खड़ा हूं, फिर भी सरकारी रिकॉर्ड मुझे मृत बता रहा है. यह कैसी व्यवस्था है. पेंशन ही उनकी आय का मुख्य स्रोत थी, ऐसे में इस गलती ने उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा कर दिया है. यह घटना सरकारी विभागों के बीच समन्वय की कमी और डेटा एंट्री में लापरवाही को उजागर करती है. इस संबंध में एकमा के बीडीओ अरुण कुमार ने बताया कि जीवन सत्यापन नहीं होने के कारण इस तरह के कई मामले सामने आए हैं. यह प्रखंड स्तर से अधिक पोर्टल से जुड़ा मामला है. उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की जांच की जा रही है और जल्द ही पीड़ित का नाम सही कर पेंशन बहाल की जायेगी. फिलहाल पीड़ित को आधार कार्ड, जीवन प्रमाण पत्र सहित अन्य दस्तावेज जमा कर यह साबित करना पड़ रहा है कि वह जीवित है.
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