सारण के तरैया में 84 लाख की सड़क निर्माण में गड़बड़ी, जांच के बाद 150 फीट सड़क की ढलाई तुड़वाई गई

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Saran News: सारण के तरैया प्रखंड में 84 लाख रुपये की लागत से बन रही सड़क निर्माण में घटिया सीमेंट का इस्तेमाल किया गया। ग्रामीणों की शिकायत पर अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर 150 फीट ढलाई जेसीबी से तुड़वा दी।

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Saran News: तरैया प्रखंड की पचभिण्डा पंचायत में एसएच-73 पचभिण्डा पोखर से यादव टोला तक बन रही ग्रामीण सड़क के निर्माण कार्य में कथित अनियमितता का मामला सामने आया है. ग्रामीणों की शिकायत के बाद ग्रामीण कार्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच के दौरान निर्माण कार्य में गड़बड़ी मिलने पर करीब 100 से 150 फीट सड़क की ढलाई को जेसीबी से तुड़वा दिया.

घटिया सीमेंट इस्तेमाल करने का आरोप

ग्रामीणों के अनुसार, सड़क निर्माण कार्य मंगलवार को पचभिण्डा प्राथमिक विद्यालय (धोबी टोला) के समीप शुरू हुआ. आरोप है कि संवेदक द्वारा सड़क निर्माण में ऐसे सीमेंट का उपयोग किया जा रहा था, जो बोरे के अंदर ही पत्थर की तरह जम चुका था.

ग्रामीणों ने इसकी शिकायत जिलाधिकारी सारण तथा ग्रामीण कार्य विभाग के कनीय और वरीय अधिकारियों से मोबाइल के माध्यम से की.

शिकायत पर जांच के लिए पहुंची विभागीय टीम

शिकायत मिलने के बाद बुधवार को ग्रामीण कार्य विभाग के अधिकारियों की टीम निर्माण स्थल पर पहुंची. अधिकारियों ने मंगलवार को की गई लगभग 100 से 150 फीट सड़क की ढलाई की जांच की.

जांच के दौरान निर्माण कार्य में कथित अनियमितता सामने आने पर अधिकारियों की मौजूदगी में जेसीबी से ढलाई को तोड़ दिया गया.

निर्माण सामग्री भी हटवाई गई

जेसीबी से तोड़े गए सीमेंट, गिट्टी और बालू के बड़े-बड़े टुकड़ों को ट्रैक्टर-ट्रॉली पर लादकर हटाया गया. विभागीय अधिकारियों ने निर्माण सामग्री के अवशेषों को प्रखंड मुख्यालय की ओर भेजकर एक स्थान पर एकत्रित कराया.

84.13 लाख रुपये की है योजना

यह सड़क एसएच-73 पचभिण्डा पोखर से यादव टोला तक बनाई जा रही है. योजना की कुल लागत 84.137 लाख रुपये है. सड़क की लंबाई 1.300 किलोमीटर है, जबकि सात वर्षों के रखरखाव के लिए 3.177 लाख रुपये निर्धारित किए गए हैं.

निर्माण स्थल पर लगे बोर्ड के अनुसार कार्य प्रारंभ की तिथि 10 मई 2025 तथा कार्य पूर्ण करने की तिथि 9 मई 2026 निर्धारित है. कार्य का निष्पादन एसजीआर (जेवी) द्वारा किया जा रहा है, जबकि कार्यकारी एजेंसी ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमंडल मढ़ौरा एवं बिहार राज्य ग्रामीण पथ विकास एजेंसी है.

जांच के बाद आगे की कार्रवाई पर नजर

निर्माण कार्य के शुरुआती चरण में ही अनियमितता का मामला सामने आने से स्थानीय लोगों में नाराजगी है. अब विभागीय जांच रिपोर्ट और दोषियों पर होने वाली कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है.

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मनोज कुमार

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