लखीसराय हादसे के बाद सारण में हाई अलर्ट, मंदिरों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
तरैया बाजार स्थित श्रीरामजानकी ठाकुरबाड़ी शिव मंदिर के गर्भगृह में तैनात पुलिसकर्मी
Stampede Prevention: लखीसराय में हुई दुखद भगदड़ के बाद, सारण जिला प्रशासन ने मंदिरों में सुरक्षा कड़ी कर दी है. भीड़ को नियंत्रित करने, श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष उपाय किए गए हैं.
Stampede Prevention: लखीसराय के प्रसिद्ध श्री इंद्रदमनेश्वर महादेव मंदिर (अशोक धाम) में सावन की सोमवारी के दौरान हुई भगदड़ में सात महिला श्रद्धालुओं की मौत के बाद सारण जिला प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है. घटना के बाद जिले में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर हाई अलर्ट जारी किया गया है. सावन के शेष दिनों और आगामी त्योहारों के मद्देनजर किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने विशेष गाइडलाइन जारी की है.
डीएम वैभव श्रीवास्तव और एसएसपी विनीत कुमार ने संयुक्त रूप से जिले के प्रमुख शिवालयों और भीड़भाड़ वाले मंदिरों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने का निर्देश दिया है. सोमवार की घटना के बाद सोनपुर के हरिहरनाथ मंदिर, आमी स्थित अंबिका भवानी मंदिर, शिल्हौड़ी मंदिर, गुप्तेश्वरनाथ मंदिर, जनता बाजार स्थित ढोढ़नाथ मंदिर, धर्मनाथ मंदिर और एकमा शिवशक्ति धाम समेत प्रमुख मंदिरों की सुरक्षा व्यवस्था की मॉनिटरिंग की गयी.
दोपहर बाद हुई मूसलाधार बारिश के कारण मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ कम हो गयी. इससे प्रशासन और पुलिस ने राहत की सांस ली.
मंदिरों के पास तैनात रहेंगे मजिस्ट्रेट
प्रशासन की गाइडलाइन के अनुसार प्रमुख मंदिरों और आसपास के क्षेत्रों में मजिस्ट्रेट की ड्यूटी लगायी गयी है. भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग को और मजबूत किया गया है. महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग कतार मार्ग तैयार किये गये हैं. बांस-बल्लियों से मजबूत और ढंके हुए कतार मार्ग बनाये गये हैं, ताकि धक्का-मुक्की की स्थिति उत्पन्न न हो.
सीसीटीवी से होगी लाइव मॉनिटरिंग
प्रमुख मंदिरों और उनके आसपास के परिसरों को सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में रखा गया है. संवेदनशील और अत्यधिक भीड़ वाले स्थानों पर कंट्रोल रूम से लगातार लाइव मॉनिटरिंग की जा रही है.
सोनपुर स्थित हरिहरनाथ मंदिर के पास अस्थायी थाना भी बनाया गया है. यहां से मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की निगरानी की जा रही है. किसी भी संदिग्ध गतिविधि या भीड़ के दबाव की स्थिति में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिये गये हैं.
प्रवेश और निकास के रास्ते किये गये अलग
भीड़ के दबाव को एक स्थान पर जमा होने से रोकने के लिए प्रमुख मंदिरों में प्रवेश और निकास के रास्ते अलग-अलग किये गये हैं. श्रद्धालुओं को वन-वे व्यवस्था के तहत मंदिर में प्रवेश और बाहर निकलने की व्यवस्था की गयी है.
तीसरी सोमवारी पर लखीसराय में हुई घटना को देखते हुए प्रमुख मंदिरों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गयी है. सादे लिबास में महिला और पुरुष पुलिसकर्मियों को भी तैनात किया गया है. भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं को लगातार आवश्यक निर्देश देने के लिए मंदिरों में माइकिंग करायी जा रही है.
अफवाह फैलाने वालों पर भी रहेगी नजर
प्रशासन ने मंदिर परिसरों और आसपास भ्रामक अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए भी विशेष निर्देश जारी किये हैं. बिजली का तार गिरने, शॉर्ट सर्किट या अन्य किसी घटना से संबंधित अपुष्ट सूचना के कारण भगदड़ की स्थिति न बने, इसके लिए लाउडस्पीकर के माध्यम से लगातार लोगों को जागरूक किया जा रहा है.
श्रद्धालुओं से भी अपील की गयी है कि वे किसी भी अफवाह पर विश्वास न करें और केवल प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक सूचना पर भरोसा करें.
मेडिकल कैंप और एंबुलेंस भी रहेंगी तैयार
सुरक्षा व्यवस्था के साथ स्वास्थ्य विभाग को भी पूरी तरह अलर्ट मोड पर रखा गया है. प्रमुख मंदिरों के पास मेडिकल कैंप लगाने, जीवन रक्षक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने और एंबुलेंस को तैयार रखने का निर्देश दिया गया है. किसी भी आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गयी है.
प्रमुख मंदिरों पर प्रशासन की विशेष नजर
- हरिहरनाथ मंदिर, सोनपुर
- अंबिका भवानी मंदिर, आमी
- शिल्हौड़ी मंदिर
- गुप्तेश्वरनाथ मंदिर
- ढोढ़नाथ मंदिर, जनता बाजार
- धर्मनाथ मंदिर
- शिवशक्ति धाम, एकमा
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