जेपीयू का नया स्नातक मॉडल जारी, अब 4 साल में होगी ग्रेजुएशन, रिसर्च और इंटर्नशिप भी होगी अनिवार्य

Published by : Sakshi kumari Updated At : 01 Jun 2026 10:24 AM

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जेपीयू का प्रशासनिक भवन

Saran News: छपरा के जयप्रकाश विश्वविद्यालय (जेपीयू) ने स्नातक सत्र 2026-30 के लिए चार वर्षीय सीबीसीएस (च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम) पाठ्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा अपनी वेबसाइट पर जारी कर दी है.

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Saran News: (छपरा से प्रभात किरण हिमांशु की रिपोर्ट)
छपरा के जयप्रकाश विश्वविद्यालय (जेपीयू) ने स्नातक सत्र 2026-30 के लिए चार वर्षीय सीबीसीएस (च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम) पाठ्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा अपनी वेबसाइट पर जारी कर दी है. विश्वविद्यालय में नए सत्र के लिए नामांकन प्रक्रिया जारी है. ऐसे में छात्रों को पाठ्यक्रम की पूरी जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सिलेबस और कोर्स स्ट्रक्चर ऑनलाइन अपलोड किया गया है.

नामांकन से पहले कोर्स समझने की अपील

विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण विभाग ने नामांकन के इच्छुक छात्र-छात्राओं से आवेदन करने से पहले पाठ्यक्रम की संरचना, क्रेडिट सिस्टम, मेजर-माइनर विषयों और अन्य शैक्षणिक प्रावधानों को अच्छी तरह समझने की अपील की है. अधिकारियों का कहना है कि इससे नामांकन के बाद किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा.

चार साल में आठ सेमेस्टर, हर सेमेस्टर होगा छह माह का

नए स्नातक कार्यक्रम के तहत छात्रों को चार शैक्षणिक वर्षों में कुल आठ सेमेस्टर पूरे करने होंगे. प्रत्येक वर्ष में दो सेमेस्टर होंगे और हर सेमेस्टर की अवधि अधिकतम छह माह निर्धारित की गई है. इस प्रकार छात्रों को चरणबद्ध तरीके से आधुनिक शिक्षा प्रणाली के अनुरूप अध्ययन करना होगा.

मेजर और माइनर कोर्स से मिलेगा विषय चयन का अवसर

सीबीसीएस प्रणाली के अंतर्गत छात्रों को मेजर और माइनर कोर्स का विकल्प मिलेगा. मेजर कोर्स मुख्य विषयों के गहन अध्ययन के लिए होंगे, जबकि माइनर कोर्स के माध्यम से छात्र अपनी रुचि के अनुसार अन्य उभरते विषयों और उप-विषयों का अध्ययन कर सकेंगे. इससे छात्रों को बहुआयामी ज्ञान प्राप्त करने का अवसर मिलेगा.

मल्टीडिसिप्लिनरी पढ़ाई से बढ़ेगी नई सोच

पाठ्यक्रम में मल्टीडिसिप्लिनरी कोर्स को भी शामिल किया गया है. इसके तहत छात्र अपने विभाग के अलावा अन्य विषयों से जुड़े तीन पाठ्यक्रमों का चयन कर सकेंगे. इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को बहुविषयक और अंतर्विषयक शिक्षा उपलब्ध कराना है. स्किल एन्हांसमेंट कोर्स के माध्यम से छात्रों को व्यावहारिक प्रशिक्षण, तकनीकी दक्षता और रोजगारपरक कौशल प्रदान किए जाएंगे. इन पाठ्यक्रमों का उद्देश्य छात्रों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित नहीं रखना, बल्कि उन्हें व्यावसायिक रूप से भी सक्षम बनाना है.

व्यक्तित्व विकास और नैतिक मूल्यों पर भी फोकस

वैल्यू एडेड कोर्स के तहत छात्रों को व्यक्तित्व विकास, नैतिक शिक्षा, भारतीय ज्ञान परंपरा, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, संचार कौशल, रचनात्मक लेखन, प्रस्तुतीकरण कला, खेलकूद और टीम वर्क जैसे विषयों का अध्ययन कराया जाएगा. इससे विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को बढ़ावा मिलेगा.

रिसर्च, इंटर्नशिप और शोध प्रबंध होंगे अनिवार्य

नए पाठ्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि छात्रों को अध्ययन अवधि के दौरान इंटर्नशिप, रिसर्च प्रोजेक्ट और शोध प्रबंध जैसे शैक्षणिक कार्यों से भी गुजरना होगा. इसके अलावा एबिलिटी एन्हांसमेंट कोर्स के तहत भाषा, साहित्य, पर्यावरण विज्ञान और सतत विकास जैसे विषय भी अनिवार्य रूप से पढ़ाए जाएंगे.

नई शिक्षा नीति के अनुरूप तैयार हुआ कोर्स

विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार यह पाठ्यक्रम विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) और नई शिक्षा नीति (एनईपी) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप तैयार किया गया है. इसमें मल्टीपल एंट्री और एग्जिट की सुविधा भी शामिल है, जिससे छात्रों को अध्ययन के दौरान अधिक लचीलापन मिलेगा.

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Sakshi kumari

लेखक के बारे में

By Sakshi kumari

साक्षी देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की धरती सीवान से आती हैं. पत्रकारिता में करियर की शुरुआत News4Nation के साथ की. 3 सालों तक डिजिटल माध्यम से पत्रकारिता करने के बाद वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के साथ कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. बिहार की राजनीति में रुचि रखती हैं. हर दिन नया सीखने के लिए इच्छुक रहती हैं.

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