जेपीयू की लाइब्रेरी हुई हाईटेक, अब एक क्लिक पर मिलेंगे 13 हजार से ज्यादा रिसर्च जर्नल्स

Published by : Sakshi kumari Updated At : 31 May 2026 2:21 PM

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जेपीयू की सेंट्रल लाइब्रेरी

Saran News: जयप्रकाश विश्वविद्यालय (जेपीयू) के शोधार्थियों और छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी है. विश्वविद्यालय की सेंट्रल लाइब्रेरी को पूरी तरह अपडेट कर ‘वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन’ (ओएनओएस) से जोड़ दिया गया है.

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Saran News: (छपरा से प्रभात किरण हिमांशु की रिपोर्ट)
जयप्रकाश विश्वविद्यालय (जेपीयू) के शोधार्थियों और छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी है. विश्वविद्यालय की सेंट्रल लाइब्रेरी को पूरी तरह अपडेट कर ‘वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन’ (ओएनओएस) से जोड़ दिया गया है. इस सुविधा के शुरू होने के बाद छात्र-छात्राएं अब एक क्लिक पर 13 हजार से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रिसर्च जर्नल्स का अध्ययन कर सकेंगे. जिससे शोध कार्य और उच्च शिक्षा की राह आसान होगी.

वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन से जुड़ी जेपीयू की लाइब्रेरी

मार्च माह में इसका ट्रायल शुरू किया गया था. तकनीकी और आधारभूत संरचना से जुड़े सभी कार्य पूरे होने के बाद इसे औपचारिक रूप से मंजूरी दे दी गई है. नई सुविधा के तहत विश्वविद्यालय के शोधार्थी और छात्र अब ऑनलाइन माध्यम से 13 हजार से अधिक रिसर्च जर्नल्स का अध्ययन कर सकेंगे. इससे शोध कार्यों की गुणवत्ता में सुधार होगा और छात्रों को नवीनतम अकादमिक सामग्री तक आसान पहुंच मिलेगी.

ई-लर्निंग सेंटर में लगाए गए नए कंप्यूटर सिस्टम

छात्रों की सुविधा के लिए सेंट्रल लाइब्रेरी में अत्याधुनिक ई-लर्निंग सेंटर विकसित किया गया है. यहां 10 से अधिक नए कंप्यूटर सिस्टम लगाए गए हैं. साथ ही ऑनलाइन अध्ययन के लिए अलग कमरा भी उपलब्ध कराया गया है. पूरी लाइब्रेरी को वाई-फाई सुविधा से लैस कर दिया गया है.

30 से अधिक अंतरराष्ट्रीय प्रकाशकों की सामग्री उपलब्ध

सेंट्रल लाइब्रेरी में अब 30 से अधिक अंतरराष्ट्रीय प्रकाशकों की शोध पत्रिकाएं और अकादमिक सामग्री उपलब्ध हैं. विभिन्न विषयों पर शोध कर रहे छात्रों को इससे काफी लाभ मिलेगा और उन्हें विश्वस्तरीय अध्ययन सामग्री तक पहुंच प्राप्त होगी.

20 हजार किताबें और 12 हजार शोध पत्रिकाओं का खजाना

ऑनलाइन संसाधनों के अलावा विश्वविद्यालय की सेंट्रल लाइब्रेरी में करीब 20 हजार पुस्तकों और 12 हजार शोध पत्रिकाओं का संग्रह मौजूद है. यह सामग्री विभिन्न विषयों के विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए महत्वपूर्ण संसाधन साबित होगी.

रिसर्च के लिए अब नहीं लेना होगा महंगा सब्सक्रिप्शन

वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है. इसके तहत देश के उच्च शिक्षण संस्थानों को 20 हजार से अधिक अंतरराष्ट्रीय ई-जर्नल्स और शोध पत्रिकाओं तक निःशुल्क पहुंच उपलब्ध कराई जा रही है. इससे छात्रों को महंगे सब्सक्रिप्शन लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी.

कुलपति बोले- शोधार्थियों के लिए मील का पत्थर साबित होगी सुविधा

परमेंद्र कुमार बाजपेई ने कहा कि यह सुविधा विश्वविद्यालय के शोधार्थियों और उच्च शिक्षा में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी. इससे छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शोध सामग्री आसानी से उपलब्ध होगी और उनके अकादमिक विकास को नई गति मिलेगी.

विश्वविद्यालय में शोध संस्कृति को मिलेगा बढ़ावा

सेंट्रल लाइब्रेरी के आधुनिकीकरण और डिजिटल संसाधनों की उपलब्धता से विश्वविद्यालय में शोध और नवाचार की संस्कृति को मजबूती मिलेगी. विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल जेपीयू को शोध और अकादमिक उत्कृष्टता के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.

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Sakshi kumari

लेखक के बारे में

By Sakshi kumari

साक्षी देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की धरती सीवान से आती हैं. पत्रकारिता में करियर की शुरुआत News4Nation के साथ की. 3 सालों तक डिजिटल माध्यम से पत्रकारिता करने के बाद वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के साथ कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. बिहार की राजनीति में रुचि रखती हैं. हर दिन नया सीखने के लिए इच्छुक रहती हैं.

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