छपरा. सरकारी अस्पतालों को लेकर आम तौर पर लोगों की धारणा कुछ खास अच्छी नहीं होती, लेकिन छपरा सदर अस्पताल का मदर एंड चाइल्ड हेल्थ केयर यूनिट इस सोच को पूरी तरह बदलता नजर आ रहा है. यहां मरीजों को जिस तरह की चिकित्सा और मूलभूत सुविधाएं दी जा रही हैं, वह किसी निजी अस्पताल से कम नहीं हैं. अस्पताल प्रशासन द्वारा यूनिट को साफ-सुथरा और अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित बनाया गया है. प्रत्येक बेड पर रोजाना साफ चादरें बदली जाती हैं, ऑक्सीजन की लगातार आपूर्ति बनी रहती है और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था भी मौजूद है. यूनिट की निगरानी के लिए जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगाये गये हैं, जिससे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत बनी हुई है. बैठने के लिए नियमित तौर पर कुर्सियों को भी बेहतर ढंग से लगाया गया है जहां मरीज के साथ परिजन बैठ रहे हैं.अस्पताल उपाधीक्षक डॉ आरएन तिवारी ने बतया है कि यूनिट में महिला और बच्चों की विशेष देखभाल के लिए प्रशिक्षित स्टाफ की तैनाती की गयी है. मरीजों और उनके परिजनों ने भी यूनिट की तारीफ करते हुए कहा कि सरकारी अस्पताल में इस स्तर की सुविधा मिलना अच्छी पहल है. अस्पताल प्रबंधक राजेश्वर प्रसाद ने बताया कि आने वाले दिनों में अन्य विभागों को भी इसी तरह मॉडल यूनिट के रूप में विकसित किया जायेगा, जिससे आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें.
लिफ्ट की व्यवस्था फिलहाल बंद
मदर एंड चाइल्ड हेल्थ केयर यूनिट के नये भवन में मरीजों के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं कर दी गयी है. लेकिन एक फ्लोर से दूसरे फ्लोर पर जाने के लिए लिफ्ट की व्यवस्था अब तक नहीं शुरू की जा सकी है. अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि आने वाले दिनों में जैसे-जैसे सभी भवनो पर व्यवस्थाएं बढ़ेगी तो लिफ्ट को भी शुरू कर दिया जायेगा.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

