saran news. केंद्रीय विद्यालय का होगा अपना भवन, जिला प्रशासन ने जमीन का किया चयन

2005 में हुई थी स्कूल की स्थापना, भवन निर्माण के लिए पहले 40 करोड़ रुपये की लागत आने की कही जा रही थी बात, समय के साथ बढ़ गयी राशि
छपरा. आने वाले 18 से 20 महीने में केंद्रीय विद्यालय छपरा को अपना भवन नसीब हो जायेगा. जिला प्रशासन द्वारा जमीन का चयन कर लिया गया है और उसे अतिक्रमण मुक्त भी कर दिया गया है. यह जमीन जेल अधीक्षक आवास के पीछे वाला हिस्सा है. यह काफी बड़ा है. अब यह जमीन केंद्रीय विद्यालय संगठन को हस्तगत कराया जाएगा. इसके लिए भी प्रक्रिया शुरू हो जायेगी. जमीन हस्तगत होने के बाद संगठन निर्माण कार्य शुरू कर दिया जायेगा.
50 करोड़ रुपए होंगे खर्च
केंद्रीय विद्यालय भवन निर्माण के लिए आज से 12 साल पहले 40 करोड रुपए आवंटित हुए थे. अब बताया जा रहा है कि इसकी लागत 50 करोड रुपये आयेगी. इसमें कक्षा एक से लेकर 12वीं तक के हर खंड के लिए अलग-अलग कमरे होंगे. बहुमंजिला भवन होगा. छोटा ही सही लेकिन खेल का मैदान भी होगा. वैसे पास में ही जिला स्कूल का ग्राउंड है, जिसे क्रिकेट ग्राउंड में डेवलप किया जा रहा है. यहां के बच्चों के लिए भी यह काफी लाभ पर साबित होगा. इसके अलावा अन्य बुनियादी और आधुनिक सुविधाओं से भी केवि लैस होगा. विद्यालय के शिक्षक एवं कर्मचारी के रहने के लिए क्वार्टर भी इसमें बन सकते हैं.एक समय बंद होने के कगार पर पहुंच गया था विद्यालय
अपना भवन नहीं रहने के कारण विद्यालय की स्थिति दिन ब दिन दयनीय होती जा रही है. 2005 में स्थापित यह केंद्रीय विद्यालय 2012 से 15 के बीच में बंद होने के कगार पर पहुंच गया था. फिर धीरे-धीरे जिले के अधिकारियों ने इसे संभाला और काम चलाओ व्यवस्था तक स्कूल को बनाए रखा. मात्र पांच से छह कमरे में कक्षा 10 तक की पढ़ाई हो रही है. विद्यालय में पांच सौ से अधिक बच्चे नामांकित हैं. शौचालय की संख्या काफी कम है. विद्यालय के कक्षा का विस्तार प्रति वर्ष हो रहा है और संसाधन में कोई वृद्धि नहीं हो रही थी. विद्यालय में केंद्रीय कर्मियों और रेलवे कर्मचारी के भी बच्चे पढ़ रहे हैं.जिलाधिकारी का प्रयास रंग लाया
केंद्रीय विद्यालय के लिए जमीन चयन में जिलाधिकारी सारण अमन समीर का प्रयास रंग लाया है. उन्होंने जमीन का चयन ही नहीं किया बल्कि वहां मौजूद अतिक्रमण को भी हटवाया है और अब आगे की प्रक्रिया उन्होंने शुरू कर दी है. सूत्रों की माने तो जल्द ही वे इसके निर्माण के लिए मार्ग प्रशस्त करेंगे. जिलाधिकारी के प्रयास को सारण के लोग भूरी भूरी प्रशंसा कर रहे हैं लोगों का कहना है कि 20 साल से यह मामला अटका था और अब जाकर राहत वाली खबर सामने आई है. केंद्र सरकार और राज्य सरकार ने मिलकर सारण को गिफ्ट दिया है. अब बच्चे कक्षा 1 से 12वीं तक का अध्ययन कर सकेंगे.क्या कहते हैं जिम्मेदार
मुझे जहां तक जानकारी है डीएम के द्वारा जमीन का चयन कर लिया गया है. यह बहुत बड़ी बात है. जैसे ही प्रक्रिया पूरी होगी भवन निर्माण भी शुरू हो जाएगा. केंद्रीय विद्यालय संगठन के आदेश का इंतजार है.राधाचरण
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