छपरा में हिंदी दिवस पर हिंदी के दैनिक प्रयोग का संदेश, आयुक्त और डीएम कार्यालय में आयोजित हुए समारोह

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हिंदी दिवस कार्यशाला में उपस्थित पदाधिकारी | Prabhat Khabar Network

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सारण में हिंदी दिवस के अवसर पर आयुक्त कार्यालय और कलेक्ट्रेट में विशेष समारोह आयोजित किए गए. इन आयोजनों में हिंदी के महत्व, सरकारी कामकाज में इसके अधिक प्रयोग और भाषा के प्रति गौरव की भावना पर बल दिया गया.

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Saran News : हिंदी दिवस के अवसर पर सोमवार को आयुक्त कार्यालय और कलेक्ट्रेट सभागार में अलग-अलग समारोह आयोजित किये गये. दोनों कार्यक्रमों में हिंदी के महत्व, सरकारी कार्यों में इसके अधिकाधिक प्रयोग और भाषा के प्रति गौरव का भाव रखने का संदेश दिया गया.

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अपनी भाषा बोलने में हीन भावना नहीं रखें

आयुक्त कार्यालय में आयोजित समारोह की अध्यक्षता आयुक्त के सचिव प्रमोद कुमार पांडेय ने की. इस दौरान पदाधिकारियों और कर्मियों ने हिंदी भाषा के महत्व, इसकी व्यापक स्वीकार्यता तथा सरकारी कार्यों और दैनिक जीवन में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग को लेकर विचार रखे.

ज्वाइंट रजिस्ट्रार, सहयोग समितियां, सहकारिता सैयद मसरूफ आलम, उपनिदेशक जनसंपर्क डॉ. नीना झा तथा उपमुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अनिल कुमार राय ने हिंदी की उपयोगिता, सहजता और व्यापक स्वीकार्यता पर प्रकाश डाला. उन्होंने अपनी भाषा के प्रति गौरव का भाव रखने और हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने की अपील की.

आयुक्त के सचिव प्रमोद कुमार पांडेय ने कहा कि हमें अपनी जड़ों से कभी नहीं कटना चाहिए और अपनी भाषा बोलने में किसी प्रकार की हीन भावना नहीं रखनी चाहिए. भाषा संवाद का सशक्त माध्यम है. भाषा जितनी सहज, सरल और संवेदनशील होगी, उतनी ही प्रभावी ढंग से अपनी बात लोगों तक पहुंचायी जा सकेगी. इस दृष्टि से हिंदी एक समृद्ध और समर्थ भाषा है.

बच्चों को हिंदी से जोड़ने पर दिया जोर

प्रमोद कुमार पांडेय ने कहा कि हिंदी की स्वीकार्यता और प्रयोग बढ़ाने के लिए सभी को अपने-अपने स्तर से लगातार प्रयास करना चाहिए. विशेष रूप से बच्चों को हिंदी से जोड़ने तथा उनमें हिंदी के प्रति रुचि और जागरूकता विकसित करने की जरूरत है.

उन्होंने सभी से कम से कम एक हिंदी पुस्तक खरीदने का संकल्प लेने और बच्चों को पुस्तकों के अध्ययन के लिए प्रेरित करने की अपील की. उन्होंने कहा कि समाज के किसी अशिक्षित व्यक्ति को हिंदी सीखने में सहयोग करना भी हिंदी के प्रचार-प्रसार की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान है.

उन्होंने कहा कि हिंदी दिवस की वास्तविक सार्थकता तभी है, जब केवल एक दिन हिंदी के महत्व को याद करने के बजाय पूरे वर्ष हिंदी के प्रचार-प्रसार, सहज प्रयोग और जन-जन तक इसकी पहुंच बढ़ाने का प्रयास किया जाये.

कार्यक्रम का उद्घाटन एवं संचालन प्रशाखा पदाधिकारी भीम कुमार सिंह ने किया. धन्यवाद ज्ञापन निजी सहायक, आयुक्त, सारण नरेंद्र कुमार सिन्हा ने किया. समारोह में आयुक्त कार्यालय की विभिन्न प्रशाखाओं के पदाधिकारी, सहायक प्रशाखा पदाधिकारी, प्रधान लिपिक, लिपिक, डाटा एंट्री ऑपरेटर, कार्यपालक सहायक सहित अन्य कर्मी मौजूद रहे.

हिंदी को घर से कार्यालय तक अपनाने का आह्वान

जिला प्रशासन के तत्वावधान में समाहरणालय सभागार में 76वां राष्ट्रीय हिंदी दिवस समारोह आयोजित किया गया. समारोह की अध्यक्षता उप विकास आयुक्त लक्ष्मण तिवारी ने की. उन्होंने हिंदी के उद्भव और विकास के इतिहास पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए हिंदी को जनभाषा बताया और घर से लेकर कार्यालय तक इसके अधिकाधिक प्रयोग का आह्वान किया.

डीडीसी ने कहा कि हिंदी कभी दरबारी भाषा नहीं रही. सूफी संतों ने आम लोगों से संवाद के लिए इसे अपनाया, जिसके बाद यह जन-जन की भाषा बनकर आगे बढ़ती गयी. हिंदी का विकास समाज के विभिन्न वर्गों के बीच संवाद के माध्यम के रूप में हुआ है.

सरकारी कामकाज में सरल और शुद्ध हिंदी पर जोर

अपर समाहर्ता इं. मुकेश कुमार ने हिंदी को आम लोगों की भाषा और देश की संपर्क भाषा बताते हुए कहा कि इसने विविधताओं से भरे देश को एक सूत्र में पिरोने का काम किया है.

अपर समाहर्ता विधि-व्यवस्था प्रमोद कुमार पांडेय ने सरकारी कार्यों में शुद्ध हिंदी के प्रयोग पर जोर दिया. उन्होंने हिंग्लिश के बढ़ते प्रयोग पर चिंता जताते हुए अत्यधिक क्लिष्ट हिंदी से बचने की भी सलाह दी.

उप निर्वाचन पदाधिकारी जावेद इकबाल ने कहा कि हिंदी दिवस जैसे आयोजन प्रेरणा देते हैं, लेकिन इसका उद्देश्य केवल दिवस और समारोह तक सीमित नहीं रहना चाहिए. भाषा के विकास को निरंतर अभियान के रूप में आगे बढ़ाने की जरूरत है.

साहित्य पढ़ने से समृद्ध होगा हिंदी का ज्ञान

डीएसपी मुख्यालय अभिषेक कुमार ने हिंदी के ज्ञान को समृद्ध करने के लिए स्थापित साहित्यकारों और लेखकों की रचनाएं पढ़ने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि साहित्य से जुड़ाव व्यक्ति को बेहतर इंसान बनने में भी मदद करता है.

स्थापना शाखा के वरीय लिपिक मुकुंद मोहन श्रीवास्तव ने बच्चों को हिंदी से जोड़ने की आवश्यकता बतायी, जबकि सहायक प्रशासनिक पदाधिकारी रणविजय सिंह ने सरकारी कर्मियों के लिए हिंदी कार्यशाला आयोजित करने का सुझाव दिया.

समारोह में अपर समाहर्ता शिव कुमार पंडित, अविनाश कुणाल, नगर आयुक्त रंजीत कुमार, डीपीआरओ नीना झा सहित अन्य पदाधिकारी और कर्मी मौजूद रहे. धन्यवाद ज्ञापन सामान्य शाखा प्रभारी जेबा अर्शी ने किया.

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