सावन में हरिहरनाथ मंदिर में उमड़ेगी श्रद्धालुओं की भीड़, जलाभिषेक को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

फोटो, हरिहरनाथ मंदिर
सावन के पवित्र महीने में सोनपुर के हरिहर नाथ मंदिर में लाखों श्रद्धालु जलाभिषेक करेंगे. मंदिर न्यास समिति ने सुरक्षा और दर्शन के लिए विशेष इंतजाम किए हैं.
छपरा के सोनपुर स्थित प्रसिद्ध हरिहरनाथ मंदिर की धार्मिक मान्यता देशभर में है. सावन मास में पूजा-अर्चना और जलाभिषेक के लिए हर साल लाखों श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं. खासकर सोमवारी के दिन मंदिर में विशेष श्रृंगार, आरती और पूजा का आयोजन किया जाता है. श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए मंदिर परिसर से लेकर गर्भगृह तक विशेष सजावट की जाती है.
शिव और विष्णु की एकीकृत मूर्ति है मंदिर की विशेष पहचान
हरिहरनाथ मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यहां स्थापित भगवान शिव और विष्णु की एकीकृत मूर्ति है. मान्यता है कि यह मूर्ति ब्रह्मा द्वारा स्थापित की गई थी और दुनिया में इस तरह की एकमात्र मूर्ति मानी जाती है. संगम किनारे स्थित इस मंदिर में शुंगकालीन स्तंभ के साथ-साथ पाल और गुप्त काल की कई ऐतिहासिक मूर्तियां भी मौजूद हैं.
गज-ग्राह की कथा से जुड़ा है मंदिर का इतिहास
हरिहरनाथ मंदिर का संबंध पौराणिक कथाओं और ऐतिहासिक घटनाओं से भी जुड़ा हुआ है. गज-ग्राह की प्रसिद्ध कथा का उल्लेख धार्मिक ग्रंथों और इतिहास में मिलता है. मंदिर की प्राचीनता और धार्मिक महत्व के कारण देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं.
सावन में जलाभिषेक के लिए विशेष तैयारी शुरू
हरिहरनाथ मंदिर न्यास समिति और स्थानीय प्रशासन की ओर से सावन मास को लेकर विशेष तैयारी की जा रही है. मंदिर न्यास समिति के सचिव विजय कुमार सिंह लल्ला ने बताया कि सावन में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं, जबकि सोमवार के दिन श्रद्धालुओं की संख्या लाखों तक पहुंच जाती है. इसे देखते हुए व्यवस्था को बेहतर बनाया जा रहा है.
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बनाए जाएंगे कई प्रवेश और निकासी मार्ग
श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मंदिर के प्रवेश मार्ग पर वोलेंटियर की तैनाती की जाएगी. मंदिर में प्रवेश के लिए सात से आठ कतारों की व्यवस्था रहेगी. वहीं जलाभिषेक के बाद श्रद्धालुओं की सुरक्षित निकासी के लिए दो से तीन रास्ते उपलब्ध कराए जाएंगे. इससे भीड़ प्रबंधन में सुविधा होगी.
सुरक्षा के लिए सीसीटीवी और पुलिस व्यवस्था रहेगी मजबूत
मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है. स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं. मंदिर परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और निगरानी बेहतर तरीके से की जा सके.
पहलेजा घाट से जल लेकर पहुंचते हैं श्रद्धालु
सावन में बड़ी संख्या में कांवरिया पहलेजा घाट से गंगाजल लेकर बाबा गरीबनाथ के दरबार की ओर जाते हैं. इससे पहले वे सोनपुर स्थित बाबा हरिहरनाथ का दर्शन कर जलाभिषेक करते हैं. पहलेजा घाट से करीब आठ किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है. पटना से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए गांधी सेतु और जेपी सेतु भी यहां पहुंचने के प्रमुख मार्ग हैं.
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