छपरा सदर अस्पताल में बढ़ेंगी हाईटेक सुविधाएं, लेबर रूम और ऑपरेशन थिएटर होंगे अत्याधुनिक

छपरा सदर अस्पताल
छपरा सदर अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग ने लेबर रूम और ओटी को अत्याधुनिक बनाने की तैयारी शुरू की है। सात निश्चय-3 के तहत उपकरणों की कमी को दूर किया जाएगा।
छपरा. स्वास्थ्य विभाग ने जिला और अनुमंडलीय अस्पतालों में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में बड़ी पहल शुरू की है. सात निश्चय-3 के तहत जिला अस्पतालों को चरणबद्ध तरीके से सुपर स्पेशियलिटी स्वरूप देने की तैयारी की जा रही है. इसके तहत लेबर रूम और प्रसूति एवं स्त्री रोग ऑपरेशन थिएटर को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा.
लेबर रूम और ओटी में उपकरणों का होगा गैप एनालिसिस
स्वास्थ्य विभाग जिला और अनुमंडलीय अस्पतालों के लेबर रूम तथा प्रसूति एवं स्त्री रोग ऑपरेशन थिएटर में उपलब्ध चिकित्सा उपकरणों का गैप एनालिसिस कराएगा. इस प्रक्रिया के जरिए यह पता लगाया जाएगा कि भारतीय जन स्वास्थ्य मानक (IPHS) के अनुरूप किन उपकरणों की कमी है, ताकि उन्हें जल्द उपलब्ध कराया जा सके.
सात निश्चय-3 के तहत शुरू हुई पहल
राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक अमित कुमार पांडेय ने बताया कि यह पहल सात निश्चय-3 के तहत संचालित विकासात्मक और लोक कल्याणकारी कार्यक्रम का हिस्सा है. इसका उद्देश्य राज्य के सभी जिला अस्पतालों को आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से सुसज्जित कर अति विशिष्ट चिकित्सा केंद्र के रूप में विकसित करना है.
BEMMP पोर्टल से होगी उपकरणों की निगरानी
सरकारी अस्पतालों में चिकित्सा उपकरणों के प्रभावी प्रबंधन के लिए पहले से संचालित BEMMP पोर्टल का उपयोग किया जाएगा. इस पोर्टल पर उपकरणों की बारकोड आधारित टैगिंग और मैपिंग की जाती है. इससे उपकरणों की कार्यशीलता, रखरखाव और उपयोग की नियमित निगरानी संभव होगी.
IPHS मानकों के अनुरूप होगी समीक्षा
गैप एनालिसिस के दौरान यह आकलन किया जाएगा कि अस्पतालों में कौन-कौन से उपकरण उपलब्ध हैं, कौन से उपकरण खराब हैं और किन नए उपकरणों की आवश्यकता है. स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य सभी अस्पतालों में IPHS मानकों के अनुरूप सुविधाएं उपलब्ध कराना है.
मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य सेवाओं में होगा बड़ा सुधार
डीपीएम अरविन्द कुमार ने कहा कि आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता से प्रसव सेवाएं अधिक सुरक्षित और प्रभावी बनेंगी. इससे जटिल प्रसव, स्त्री रोग संबंधी ऑपरेशन और नवजात शिशुओं की देखभाल की गुणवत्ता में सुधार होगा. साथ ही मरीजों को बेहतर और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी. विभाग का मानना है कि इस पहल से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी आएगी और सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार होगा.
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By Prabhat Khabar News Desk
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