सारण: श्रावणी मेले को लेकर शिल्हौरी मंदिर में तैयारियां तेज, बैरिकेडिंग से नियंत्रित होगी श्रद्धालुओं की भीड़

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संभावित भीड़ नियंत्रण हेतु बांस बैरिकेडिंग का कार्य जोरो पर | Prabhat Khabar Network

संभावित भीड़ नियंत्रण हेतु बांस बैरिकेडिंग का कार्य जोरो पर

सारण के ऐतिहासिक शिल्हौरी मंदिर में श्रावणी मेले को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं. श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने और उनकी सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं. सुरक्षा, पेयजल और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया गया है.

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Saran News: ऐतिहासिक महत्व वाले मढ़ौरा के शिल्हौरी मंदिर में श्रावणी मेले के दौरान उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन और मंदिर प्रबंधन ने तैयारियां तेज कर दी हैं. श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है.

मेला अवधि में पुरुष और महिलाओं के लिए अलग-अलग बांस की बैरिकेडिंग कर कतारें बनाई जाएंगी, ताकि भीड़ को व्यवस्थित रखा जा सके. सोमवार और महाशिवरात्रि के दिन अधिक भीड़ होने की स्थिति में श्रद्धालु गर्भगृह के पास लगाए गए अरघा के माध्यम से जल अर्पित करेंगे. वहीं सामान्य दिनों में भक्त सीधे गर्भगृह में प्रवेश कर भगवान शिव का जलाभिषेक कर सकेंगे.

24 घंटे तैनात रहेगा पुलिस बल

श्रावणी मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पुलिस बल की कई शिफ्टों में 24 घंटे तैनाती की जाएगी. इसके अलावा पुलिस की भ्रमणशील टीम भी लगातार गश्त करेगी, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके.

बुनियादी सुविधाओं पर विशेष जोर

अनुमंडल पदाधिकारी निधि राज ने मंदिर परिसर की साफ-सफाई, शुद्ध पेयजल, रोशनी और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त रखने के लिए संबंधित अधिकारियों और मंदिर प्रबंधन को आवश्यक निर्देश दिए हैं. मंदिर परिसर स्थित पोखर में स्नान करने के बाद श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं.

प्रत्येक सोमवारी और महाशिवरात्रि पर डोरीगंज-चिरांद से कांवर में जल लेकर आने वाले बड़ी संख्या में शिवभक्त देर शाम तक मंदिर पहुंचते हैं और अहले सुबह जलाभिषेक करते हैं.

स्थानीय लोगों ने उठाई सुविधाएं बढ़ाने की मांग

स्थानीय निवासी आनंद कुमार ने बताया कि दूर-दराज से आने वाले कई श्रद्धालु एक रात पहले ही मंदिर परिसर में विश्राम करते हैं. लेकिन स्थायी शौचालय, चेंजिंग रूम और पर्याप्त चापाकलों की कमी के कारण उन्हें परेशानी होती है. उन्होंने मंदिर प्रबंधन से इन सुविधाओं की स्थायी व्यवस्था करने की मांग की.

वहीं मुख्य पुजारी पंडित धर्मेंद्र उपाध्याय ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बांस की बैरिकेडिंग, पेयजल, रोशनी और अस्थायी शौचालयों की समुचित व्यवस्था की जा रही है, ताकि मेले के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो.

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