पटना हाईकोर्ट के जज बनने के बाद पैतृक गांव पहुंचे आलोक कुमार, ढोल-नगाड़ों से हुआ भव्य स्वागत

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पूजा अर्चना करते न्यायधीश स्वागत करते लोग

Patna High Court Judge Alok Kumar : पटना हाईकोर्ट के न्यायाधीश आलोक कुमार अपने पैतृक गांव रामपुररूद्र पहुंचे, जहाँ उनका ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों और फूल-मालाओं से ज़ोरदार स्वागत किया. गांव में पूजा-अर्चना के बाद उन्होंने बुजुर्गों से आशीर्वाद लिया और युवाओं को मेहनत का संदेश दिया.

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Patna High Court Judge Alok Kumar : सारण के पानापुर प्रखंड के कोंध पंचायत स्थित रामपुररूद्र गांव में पटना हाईकोर्ट के न्यायाधीश बनने के बाद आलोक कुमार के पहुंचने पर ग्रामीणों ने जोरदार स्वागत किया. गांव पहुंचते ही ढोल-नगाड़ों और फूल-मालाओं के साथ उनका अभिनंदन किया गया. न्यायाधीश आलोक कुमार ने ठाकुरबाड़ी मंदिर में पूजा-अर्चना की और गांव के बड़े-बुजुर्गों से आशीर्वाद लिया. उनके सम्मान में भव्य अभिनंदन समारोह भी आयोजित किया गया.

पैतृक गांव पहुंचते ही ढोल-नगाड़ों से स्वागत

पटना हाईकोर्ट के न्यायाधीश बनने के बाद आलोक कुमार पहली बार अपने पैतृक गांव रामपुररूद्र पहुंचे. उनके पहुंचने पर ग्रामीणों और क्षेत्रवासियों में खासा उत्साह देखने को मिला. लोगों ने ढोल-नगाड़ों और फूल-मालाओं के साथ उनका स्वागत किया.

ठाकुरबाड़ी मंदिर में की पूजा-अर्चना

गांव पहुंचने के बाद न्यायाधीश आलोक कुमार ने सबसे पहले ठाकुरबाड़ी मंदिर में विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की. इसके बाद उन्होंने गांव के बड़े-बुजुर्गों के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया. इस दौरान ग्रामीणों की बड़ी संख्या मौजूद रही.

चचेरे भाई ने आयोजित किया अभिनंदन समारोह

आलोक कुमार के सम्मान में उनके चचेरे भाई और पूर्व मुखिया सह पैक्स अध्यक्ष अजीत कुमार सिंह उर्फ शंभू सिंह की ओर से भव्य अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया. समारोह में ग्रामीणों के साथ क्षेत्र के कई गणमान्य लोग शामिल हुए और न्यायाधीश को शुभकामनाएं दीं.

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गांव की मिट्टी से गहरा जुड़ाव बताया

अभिनंदन समारोह में न्यायाधीश आलोक कुमार ने कहा कि गांव की मिट्टी से उनका गहरा जुड़ाव है. लंबे समय बाद अपने लोगों के बीच लौटकर उन्हें बेहद खुशी हो रही है. उन्होंने अपनी सफलता में परिवार, गुरुजनों और ग्रामीणों के आशीर्वाद एवं सहयोग को महत्वपूर्ण बताया.

युवाओं को मेहनत और ईमानदारी का संदेश

आलोक कुमार ने युवाओं से मेहनत, ईमानदारी और निरंतर प्रयास के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने की अपील की. उन्होंने कहा कि लगन और लगातार प्रयास के जरिए युवा अपने जीवन में सफलता हासिल कर सकते हैं.

परिवार में प्रशासनिक सेवा की रही है पृष्ठभूमि

आलोक कुमार के दादाजी स्वर्गीय रामेश्वर सिंह प्रशासनिक पदाधिकारी रहे थे. उनके पिता शत्रुंजय सिंह भूमि विकास बैंक में प्रबंधक के पद पर कार्यरत रहे. परिवार की इस पृष्ठभूमि के बीच आलोक कुमार ने अपनी अलग पहचान बनायी.

रामपुररूद्र में हुई प्रारंभिक शिक्षा

आलोक कुमार की प्रारंभिक शिक्षा आदर्श मध्य विद्यालय रामपुररूद्र में हुई थी. इसी गांव से उनकी शुरुआती शिक्षा और जीवन का जुड़ाव रहा है. न्यायाधीश बनने के बाद अपने पैतृक गांव लौटने पर ग्रामीणों ने इसे पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण बताया.

ग्रामीणों ने उपलब्धि को बताया प्रेरणास्रोत

ग्रामीणों ने कहा कि आलोक कुमार ने अपनी मेहनत, प्रतिभा और लगन के बल पर पटना हाईकोर्ट के न्यायाधीश पद तक पहुंचकर रामपुररूद्र, पानापुर और पूरे सारण का मान बढ़ाया है. उनकी उपलब्धि क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है.

कई गणमान्य लोग रहे मौजूद

अभिनंदन समारोह में अजीत कुमार सिंह, राज्य महोत्सव संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष अविनाश कुमार सिंह उर्फ चुन्नू सिंह, राहुल सिंह, तरैया प्रमुख प्रतिनिधि धनवीर कुमार सिंह उर्फ बिकु, अश्विनी कुमार सिंह, प्रभात सिंह, अखिलेश शर्मा, शैलेश सिंह, कृष्ण बिहारी ओझा, वेदप्रकाश तिवारी और ओमप्रकाश सिंह सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे.

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नागेंद्र ओझा

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By नागेंद्र ओझा

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