छपरा. पश्चिमी छपरा शहर के एक से 22 वार्ड में हर वर्ष मॉनसून के दौरान जलजमाव की समस्या बनी रहती है. इस समस्या को दूर करने के लिए नगर निगम ने काशी बाजार में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) बनाने की योजना पर काम शुरू कर दिया है. महापौर और नगर आयुक्त के माध्यम से इस परियोजना की जानकारी जिलाधिकारी को दे दी गयी है और निगम अब इसे अपने स्तर पर लागू करने में जुटा है. सूत्रों के अनुसार इस प्लांट के निर्माण में 10 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आ सकती है. परियोजना के पूरा होने के बाद बरहमपुर वार्ड नंबर एक से लेकर दरोगा राय चौक के आसपास के वार्ड नंबर 22 तक के क्षेत्रों से आने वाला बारिश और नाले का पानी एकत्र कर एसटीपी में लाया जायेगा. यहां पानी का ट्रीटमेंट किया जायेगा और साफ पानी पास के चंवर या खेतों में पहुंचाया जायेगा. वाटर ट्रीटमेंट प्लांट गंदे पानी और प्राकृतिक जलस्रोतों से अशुद्धियां, रसायन और सूक्ष्मजीव हटाता है. इसका लक्ष्य पानी को सुरक्षित, स्वच्छ और पीने योग्य बनाना है, जिसमें पीएच स्तर 6.5 से 8.5 के बीच रहता है. प्लांट में ट्रीटेड पानी की आपूर्ति आवश्यक क्षेत्रों में की जाएगी, जिससे नागरिकों को जलजमाव और गंदे पानी की समस्या से राहत मिलेगी. नगर निगम का यह प्रयास न केवल शहरवासियों को पानी संबंधी समस्याओं से बचाएगा बल्कि खेती और अन्य उपयोग के लिए पानी की उपलब्धता में भी मदद करेगा. परियोजना के लागू होने के बाद पश्चिमी छपरा के वार्डों में जलजमाव की समस्या में काफी हद तक कमी आने की उम्मीद है. कैसे काम करता है वाटर ट्रीटमेंट प्लांट: यह गंदे पानी या प्राकृतिक जल स्रोतों से अशुद्धियों, रसायनों और सूक्ष्मजीवों को हटाता है. इसका लक्ष्य पानी को सुरक्षित, स्वच्छ और पीने योग्य बनाना है, जिसमें पी एच स्तर 6.5-8.5 के बीच हो. फिर इसकी आपूर्ति की जाती है.
क्या कहते हैं महापौर
इस परियोजना को लेकर जिलाधिकारी को जानकारी दी गयी है. उनसे विचार विमर्श करने के बाद नगर आयुक्त इस योजना को अमली जामा पहनाने में जुट गये हैं. जल्द ही यह योजना धरातल पर दिखेगी.
लक्ष्मी नारायण गुप्ता, महापौरडिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

