लालगंज हादसे के बाद तेजी से सामान्य हो रहा जनजीवन

Published at :23 Nov 2015 6:25 AM (IST)
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लालगंज हादसे के बाद तेजी से सामान्य हो रहा जनजीवन

लालगंज : छठ पूजा की शाम लालगंज में एक वाहन से कुचल कर हुई 75 वर्षीय दादा राजेंद्र चौधरी और एक साल की पोती प्रभा की मौत की घटना से भड़की हिंसा में बेलसर थानाध्यक्ष अजीत कुमार और 18 वर्षीय युवक राकेश कुमार की मौत से गरम लालगंज का माहौल रविवार को पांचवें दिन बिल्कुल […]

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लालगंज : छठ पूजा की शाम लालगंज में एक वाहन से कुचल कर हुई 75 वर्षीय दादा राजेंद्र चौधरी और एक साल की पोती प्रभा की मौत की घटना से भड़की हिंसा में बेलसर थानाध्यक्ष अजीत कुमार और 18 वर्षीय युवक राकेश कुमार की मौत से गरम लालगंज का माहौल रविवार को पांचवें दिन बिल्कुल सामान्य हो गया है.

रविवार होने के बावजूद शहर में आम जनजीवन सामान्य रहा. बड़ी संख्या में दुकानें खुली हुई थीं. लोग आसानी से इधर-उधर आ-जा रहे थे और अपनी जरूरत के सामान की खरीदारी कर रहे थे. नगर पंचायत क्षेत्र के बाजार सहित कसबाई क्षेत्रों में भी सब कुछ सामान्य दिखा.

हालांकि पांचवें दिन भी नगर की विभिन्न सड़कों और गली-मुहल्लों में जिला पुलिस बल और एसएसबी जवानों की गश्त जारी रही. जगह-जगह लगाये गये पुलिस कैंप में जवान मुस्तैद दिखे. इस बीच विधि-व्यवस्था और शांति-व्यवस्था बनाये रखने के मद्देनजर डीएम रचना पाटील और एसपी राकेश कुमार ने लालगंज थाना पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया. इस दौरान दोनों अधिकारियों ने ड्यूटी में लगे अधिकारियों को कई आवश्यक निर्देश भी दिये.

नहीं हुआ नौजवान भारत सभा का सड़क जाम आंदोलन : लालगंज की हिंसा और मामले में निर्दोष लोगों को फंसाये जाने के आरोपों को लेकर नौजवान भारत सभा की आहूत रविवार का सड़क जाम आंदोलन विफल हो गया. संगठन का कोई भी कार्यकर्ता कहीं भी सड़क पर नहीं उतरा और पुलिस गश्त करती रही.
हालांकि संगठन के प्रदेश अध्यक्ष राकेश पासवान ने बताया कि सड़क जाम आंदोलन इसलिए टाल दिया गया कि पुलिस ने गत रात में ही सभा के प्रखंड संयोजक अर्जुन पासवान को उसके घटारो स्थित घर से हिरासत में ले लिया था. पूछताछ के बाद पुलिस ने रविवार को अर्जुन पासवान को छोड़ दिया है. इसी कारण सड़क जाम आंदोलन को टाल दिया गया है.
अर्जुन राय को हिरासत में लेने की पुष्टि थानाध्यक्ष सुमन कुमार ने भी की है. इधर, पुलिस कार्रवाई के विरोध में घोषित नौजवान भारत सभा के सड़क जाम आंदोलन को लेकर पुलिस रविवार को दिन भर लालगंज बाजार से लेकर ईद-गिर्द की सड़कों पर लगातार गश्त लगाती रही और प्रशासनिक अधिकारी भी मुस्तैद रहे.
पुलिस की प्राथमिकी पर उठाया सवाल : हादसे में दादा-पोती की मौत के बाद भड़की हिंसा की घटना को लेकर पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी पर सवाल उठाते हुए नौजवान भारत सभा के प्रदेश अध्यक्ष राकेश पासवान ने कहा कि मुझे एक स्थानीय नेता के इशारे पर फंसाया गया है. घटना के दिन मैं बीमार था और घटनास्थल पर गया ही नहीं था,
लेकिन मुझे मुख्य आरोपित बना दिया गया. श्री पासवान ने कहा कि मेरा संगठन और मैं गरीब-गुरबे की लड़ाई लड़ता हूं, इसलिए मुझे नक्सली करार देकर प्राथमिकी में फंसा दिया गया है. उन्होंने कहा कि मामले में मेरा और अन्य निर्दोष लोगों का नाम नहीं हटाया गया, तो हमारा संगठन इसके लिए व्यापक आंदोलन करेगा.
मृत थानाध्यक्ष को बचाने वाला भी बना आरोपित : घटना के दौरान भीड़ के हमले से बचने के लिए मारे गये बेलसर के थानाध्यक्ष अजीत कुमार को अपने घर में शरण देने वाले अगरपुर के 55 वर्षीय विजय साह को भी लालगंज पुलिस ने आरोपित बना दिया है. इसी से इस घटना को लेकर पुलिस द्वारा की गयी प्राथमिकी में निर्दोष लोगों को फंसाये जाने का प्रमाण मिलता है.
यह आरोप लगाते हुए राकेश पासवान ने कहा कि घटना के समय भीड़ ने जब लाठी-डंडे से थानाध्यक्ष पर हमला कर दिया था, तब वह बचने के लिए भाग कर विजय साह के घर में घुस गये थे. थानाध्यक्ष को बचाने के क्रम में विजय साह और उनके पुत्रों पर भी भीड़ ने हमला कर दिया था.
हमले के बाद भीड़ ने थानाध्यक्ष को घर से खींच कर मारपीट करते हुए अधमरा कर सड़क पर फेंक दिया और बाद में उनकी मौत हो गयी. उन्होंने कहा कि भीड़ के हमले और लाठी-डंडा के प्रहार से विजय साह और उनके बेटे भी घायल हैं, लेकिन पुलिस ने अपनी निरंकुशता दिखाते हुए मामले में विजय साह को भी आरोपित बना दिया.
अजीत बाबू को नहीं बचा पाने का मीना देवी को है मलाल : हम लोगों ने अजीत बाबू को बचाने की हर संभव कोशिश की, लेकिन उन्हें नहीं बचा पाने का मुझे हमेशा मलाल रहेगा. यह कहते हुए फफक-फफक कर रो पड़ती हैं अगरपुर मुहल्ले की मीना देवी.
वह कहती हैं कि भीड़ के हमले से लहुलुहान होकर अजीत बाबू उसके घर में भागे थे.
हमारे परिवार ने उन्हें बचाने का पूरा प्रयास किया. लेकिन भीड़ में शामिल बदमाशों ने हम लोगों पर भी लाठी-डंडा से हमला कर घायल कर दिया और अजीत बाबू को घर से खींच ले जाकर मार-मार कर अधमरा कर दिया.मीना देवी इस घटना को लेकर पुलिस द्वारा दर्ज की गयी प्राथमिकी में विजय साह सहित कई अन्य को निर्दोष होते फंसाये जाने पर गहरा दुख जताया है.
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