तीन फीसदी विद्यालयों का विभूतिपुर बीईओ ने किया इंस्पेक्शन, शो काॅज

Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 23 Jul 2024 11:45 PM

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शैक्षणिक वातावरण बनाने व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के साथ-साथ विद्यालयों में छात्र-छात्रों की उपस्थिति बढ़ाने के उद्देश्य से निरीक्षण की प्रक्रिया जारी है.

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समस्तीपुर : शैक्षणिक वातावरण बनाने व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के साथ-साथ विद्यालयों में छात्र-छात्रों की उपस्थिति बढ़ाने के उद्देश्य से निरीक्षण की प्रक्रिया जारी है. शिक्षा विभाग के सख्त निर्देश के बाद भी इसमें कोताही बरती जा रही है. डीईओ कामेश्वर प्रसाद गुप्ता ने समीक्षा के बाद इसे गंभीरतापूर्वक लिया है. जानकारी के मुताबिक उप विकास आयुक्त द्वारा निर्धारित रोस्टर के अनुरूप विद्यालय का अनुश्रवण-सह-निरीक्षण करने का निदेश प्राप्त है. इस क्रम में विद्यालय के निरीक्षण से संबंधित समीक्षा की गयी. समीक्षा के क्रम में निर्धारित रोस्टर के अनुरूप विभूतिपुर प्रखंड के विद्यालयों का मात्र तीन फीसदी विद्यालयों का यूनिक इंस्पेक्सन किया गया है, जो अत्यंत ही खेदजनक बताया गया. जिसके लिए पूर्व में भी विभूतिपुर बीईओ को स्मारित किया जा चुका है बावजूद कार्यशैली जस की तस बनी हुयी है. अन्य पैरामीटर पर भी विभूतिपुर प्रखंड का प्रगति काफी असंतोषजनक रहता है. वहीं उक्त प्रखंड के बीईओ वीसी/ बैठक में अधिकांश अनुपस्थित रहते हैं. साथ ही प्रतिवेदन देते नहीं है या देते है तो समय पर नहीं. डीईओ ने स्पष्ट कहा है कि कार्य के प्रति लापरवाही एवं उच्चाधिकारी के आदेश का उल्लंघन है. डीईओ ने 24 घंटे के अन्दर स्पष्ट करें कि क्यो नहीं कार्य में शिथिलता बरतने के कारण आपके विरुद्ध विभाग को प्रतिवेदित कर दिया जाये. अब नये सिरे से इंस्पेक्शन की व्यवस्था की गयी है. नयी व्यवस्था के तहत अब जिले में स्कूलों के इंस्पेक्शन की जिम्मेवारी डीडीसी को सौंपी गयी है. डीडीसी उस जिले में तैनात शिक्षा विभाग के तमाम अधिकारियों और कर्मचारियों को स्कूलों के इंस्पेक्शन का जिम्मा सौंपेंगे. इधर दरभंगा प्रमंडल अंतर्गत क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक ने जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) को पेंशन एवं सेवांत लाभ से संबंधित रिपोर्ट नहीं देने को लेकर स्पष्टीकरण किया है. विदित हो कि जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) की पेंशन एवं सेवांत लाभ के मामलों की समीक्षा की गई. बैठक से डीईओ और डीपीओ दोनों अनुपस्थित रहे. समीक्षा के क्रम में स्पष्ट हुआ कि जिला कार्यक्रम पदाधिकारी द्वारा पेंशन एवं सेवांत लाभ से संबंधित रिपोर्ट उपलब्ध कराया गया है. प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार माध्यमिक एवं प्राथमिक शाखा में विगत माह में कुल 16 शिक्षक सेवानिवृत हुए. जिनका सेवांत लाभ का निष्पादन कर दिया गया एवं लंबित मामला शून्य दर्शाया गया. इसको लेकर डीपीओ को निर्देश दिया गया कि अनुपालन रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराने एवं अनुपस्थित रहने को लेकर एक सप्ताह के अंदर स्पष्टीकरण समर्पित करें.

उप विकास आयुक्त हर तीन महीने पर निरीक्षण करने वाले प्रत्येक पदाधिकारी और कर्मचारी का स्कूल आवंटन से संबंधित रोस्टर को बदलेंगे और ये सुनिश्चित करेंगे कि पिछले तिमाही में आवंटित स्कूल इस तिमाही में उसी पदाधिकारी और कर्मचारी को फिर से आवंटित न हो. निरीक्षण करने वाले पदाधिकारी और कर्मचारी जिस स्कूल का निरीक्षण करेंगे, उसका प्रतिवेदन विभाग द्वारा विकसित ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर अपलोड करेंगे. आदेश में कहा गया है कि स्कूलों के इंस्पेक्शन के लिए तैनात पदाधिकारी या कर्मचारी अपने जिम्मे के स्कूल में पर्याप्त समय देंगे और वहां हर चीज का निरीक्षण करेंगे. वे प्रधानाध्यापक और शिक्षक के साथ विद्यालय संचालन में आने वाली कठिनाइयों पर बात कर स्कूल को विकसित करायेंगे, ताकि बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार हो सके.

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