पटरी पर लेटे लोगों को देखकर रोक दी ट्रेन, रेलकर्मियों की सतर्कता ने बचा ली कई जानें, DRM ने किया सम्मानित
इंडियन रेलवे (फाइल फोटो)
Samastipur Loco Pilot: समस्तीपुर रेल मंडल के लोको पायलटों और सहायक लोको पायलटों ने अलग-अलग घटनाओं में महिला, बच्चे और अन्य लोगों की जान बचाई. उनकी सतर्कता और मानवीय संवेदनशीलता को देखते हुए डीआरएम ने उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया. पढ़ें पूरी खबर…
Samastipur Loco Pilot: समस्तीपुर रेल मंडल के लोको पायलट और सहायक लोको पायलट केवल ट्रेनों का सुरक्षित संचालन ही नहीं कर रहे, बल्कि संकट की घड़ी में मानवता की मिसाल भी पेश कर रहे हैं. हाल के दिनों में मंडल क्षेत्र में हुई तीन अलग-अलग घटनाओं में रेलकर्मियों की सतर्कता और सूझबूझ से कई लोगों की जान बच गई. इन सराहनीय कार्यों के लिए मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) ज्योति प्रकाश मिश्रा ने संबंधित रेलकर्मियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया.
डीआरएम ने कहा कि रेलकर्मियों की सजगता और मानवीय संवेदनशीलता के कारण कई परिवारों को अपूरणीय क्षति से बचाया जा सका. इस अवसर पर वरीय मंडल विद्युत अभियंता (टीआरडी) संजय कुमार भी मौजूद रहे.
पटरी पर लेटी मां और बच्चे को बचाया
22 जून को ट्रेन संख्या 63346 समस्तीपुर-सहरसा सवारी गाड़ी सहरसा की ओर जा रही थी. इसी दौरान सलौना और इमली स्टेशनों के बीच लोको पायलट अभय कुमार और सहायक लोको पायलट जय प्रकाश कुमार-1 ने रेल पटरी पर एक महिला को अपने बच्चे के साथ लेटा हुआ देखा.
स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए चालक दल ने तत्काल इमरजेंसी ब्रेक लगाया और ट्रेन को सुरक्षित दूरी पर रोक दिया. इसके बाद दोनों रेलकर्मी नीचे उतरे और महिला को समझाकर ट्रैक से हटाया. बाद में उसे स्थानीय ग्रामीणों के सुपुर्द कर दिया गया. ट्रैक सुरक्षित होने के बाद ही ट्रेन को आगे बढ़ाया गया.
सूझबूझ से बची मासूम की जान
एक मई को ट्रेन संख्या 75230 रक्सौल-दरभंगा सवारी गाड़ी अपने निर्धारित मार्ग पर चल रही थी. ढेंग और रीगा स्टेशन के बीच चालक दल को ट्रैक पर एक बच्चा लेटा हुआ दिखाई दिया.
लोको पायलट पंकज कुमार और सहायक लोको पायलट श्रवण कुमार शर्मा ने तुरंत आपातकालीन ब्रेक का इस्तेमाल किया. समय रहते ट्रेन रुक गई और बच्चे की जान बच गई. इस घटना की भी रेल प्रशासन ने विशेष रूप से सराहना की है.
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मालगाड़ी रोककर महिला को बचाया
22 मई को लोको पायलट मनोज कुमार-2 और सहायक लोको पायलट मनी भूषण कुमार एक मालगाड़ी का संचालन कर रहे थे. इसी दौरान उन्हें ट्रैक पर एक महिला लेटी हुई दिखाई दी.
भारी-भरकम मालगाड़ी होने के बावजूद चालक दल ने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोक दिया. इसके बाद दोनों रेलकर्मियों ने महिला को ट्रैक से हटाया और समझाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया. महिला को ग्रामीणों के सुपुर्द करने के बाद ही मालगाड़ी को आगे रवाना किया गया.
रेलकर्मियों की संवेदनशीलता बनी मिसाल
रेलवे प्रशासन का कहना है कि ये घटनाएं साबित करती हैं कि रेलकर्मी केवल तकनीकी जिम्मेदारियां ही नहीं निभाते, बल्कि समाज के प्रति अपनी मानवीय जिम्मेदारी को भी गंभीरता से समझते हैं. उनकी सतर्कता और त्वरित निर्णय क्षमता के कारण कई लोगों की जान बच सकी.
डीआरएम ज्योति प्रकाश मिश्रा ने कहा कि ऐसे रेलकर्मी रेलवे की पहचान हैं और उनकी सेवाएं अन्य कर्मचारियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत हैं.
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