पूसा में आधुनिक खेती पर कार्यशाला, 65 किसानों को मिला इफको मिनी किट

Updated:
विज्ञापन

किसानों को संबोधित करते हुए ई बिनीता कश्यप।

समस्तीपुर के पूसा कृषि विज्ञान केंद्र में किसानों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। नैनो उर्वरकों के उपयोग से खेती की लागत कम करने और उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया गया।

विज्ञापन

Samastipur News: डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के अधीनस्थ कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) बिरौली के सभागार में इफको के तत्वावधान में एक दिवसीय किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को नैनो उर्वरकों, संतुलित पोषण प्रबंधन तथा आधुनिक फसल सुरक्षा तकनीकों के प्रति जागरूक करना था. प्रशिक्षण के बाद सभी किसानों के बीच इफको मिनी किट का भी वितरण किया गया.

आपके शहर में

विज्ञापन

Pusa News: वैज्ञानिकों ने नैनो उर्वरकों के लाभ बताए

कार्यक्रम की अध्यक्षता केवीके प्रभारी एवं वैज्ञानिक इं. विनीता कश्यप ने की. उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक आधार पर उर्वरकों का संतुलित उपयोग अपनाने से खेती की लागत कम होगी, उत्पादन और गुणवत्ता बढ़ेगी तथा पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी. केवीके वैज्ञानिक डॉ. धीरू तिवारी ने जैव उर्वरकों की उपयोगिता पर प्रकाश डाला, जबकि डॉ. भारती उपाध्याय ने एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन की विस्तृत जानकारी दी.

आधुनिक खेती और नैनो तकनीक पर दिया गया प्रशिक्षण

मुख्य अतिथि इफको बिहार के राज्य विपणन प्रबंधक डॉ. आनंद कुमार श्रीवास्तव ने किसानों को नैनो यूरिया प्लस, नैनो डीएपी, नैनो जिंक, नैनो कॉपर, कंसोर्टिया तथा सागरिका तरल के वैज्ञानिक उपयोग के बारे में जानकारी दी. उन्होंने बताया कि नैनो तकनीक आधारित उर्वरक अधिक प्रभावी, किफायती और पर्यावरण के अनुकूल हैं. साथ ही सही मात्रा, घोल तैयार करने की विधि और छिड़काव के उपयुक्त समय की जानकारी भी किसानों को दी गई.

किसानों को वितरित की गई इफको मिनी किट

इफको के क्षेत्र अधिकारी अनमोल रत्न मिश्रा ने बताया कि नैनो यूरिया, नैनो डीएपी, नैनो जिंक, नैनो कॉपर और सागरिका तरल के संतुलित उपयोग से पारंपरिक रासायनिक उर्वरकों की आवश्यकता 25 से 50 प्रतिशत तक कम की जा सकती है. प्रशिक्षण के अंत में सभी 65 किसानों को इफको मिनी किट वितरित की गई. किट में बायो डी-कम्पोजर, जैव उर्वरक, नैनो डीएपी, नैनो यूरिया, नैनो जिंक, सागरिका घोल और जल विलेय उर्वरक शामिल थे.

यह भी पढ़ें: सीतामढ़ी स्टेशन से चलने वाली ट्रेनों का नया टाइम टेबल, जानें अप-डाउन ट्रेनों की पूरी सूची


विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन