जीविका दीदियों ने रचा नया रिकॉर्ड, बैंक लिंकेज से रोजगार तक हर लक्ष्य किया पार

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सांकेतिक तस्वीर

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समस्तीपुर जिले में जीविका परियोजना महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास का नया अध्याय लिख रही है. वित्तीय वर्ष 2024-27 में जीविका दीदियों ने समूह गठन, बैंक लिंकेज और रोजगार सृजन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कई रिकॉर्ड बनाए हैं.

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Samastipur News: बिहार सरकार के ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत संचालित जीविका परियोजना समस्तीपुर जिले में महिला सशक्तिकरण, रोजगार सृजन और ग्रामीण विकास की नई मिसाल बन रही है. वित्तीय वर्ष 2024-25 से लेकर चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही तक जिले में जीविका ने कई योजनाओं में लक्ष्य से बेहतर प्रदर्शन करते हुए उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं.

समूह गठन और बैंक लिंकेज में लक्ष्य से बेहतर प्रदर्शन

पिछले वित्तीय वर्ष में जिले में 1600 स्वयं सहायता समूह गठन के लक्ष्य के मुकाबले 1658 समूहों का गठन किया गया. वहीं 13,500 समूहों के बैंक लिंकेज लक्ष्य के विरुद्ध 14,730 समूहों को बैंक से जोड़ा गया. चालू वित्तीय वर्ष में 1800 समूहों के बचत खाते खोलने के लक्ष्य के मुकाबले 2,322 खाते खोले गए, जिससे महिलाओं की वित्तीय भागीदारी और मजबूत हुई.

लाखों महिलाओं को मिला आर्थिक लाभ

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत जिले की 7,14,553 महिलाओं को 10-10 हजार रुपये की प्राथमिक निवेश निधि उपलब्ध कराई गई. वहीं प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत 3,43,700 जीविका दीदियों को बीमा सुरक्षा से जोड़ा गया. इससे ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा को मजबूती मिली.

सिलाई केंद्र, पौधारोपण और युवाओं को रोजगार

जिले में 46 सिलाई केंद्रों का संचालन किया जा रहा है, जहां लगभग 1700 जीविका दीदियां आंगनबाड़ी बच्चों की पोशाक तैयार कर आत्मनिर्भर बन रही हैं. जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत 3,83,490 पौधे लगाए गए. चालू वित्तीय वर्ष में भी 3,76,508 पौधारोपण किया गया. युथ मोबिलाइजेशन कार्यक्रम के तहत 65 युवाओं को विभिन्न निजी कंपनियों में रोजगार उपलब्ध कराया गया.

बैंकिंग सेवाओं और आजीविका योजनाओं को मिला विस्तार

ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित 277 ग्राहक सेवा केंद्रों के माध्यम से 3.35 करोड़ रुपये का वित्तीय लेन-देन दर्ज किया गया. सतत जीविकोपार्जन योजना के तहत 325 अत्यंत निर्धन परिवारों को आजीविका से जोड़कर मुख्यधारा में लाया गया. वहीं 1750 स्वयं सहायता समूहों को वित्तीय सहायता भी उपलब्ध कराई गई.


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Girija Nandan Sharma

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By Girija Nandan Sharma

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