समस्तीपुर अस्पताल रिश्वत कांड में हाईकोर्ट सख्त, तत्कालीन अस्पताल प्रबंधक की जमानत रद्द

सांकेतिक तस्वीर
पटना हाईकोर्ट ने समस्तीपुर सदर अस्पताल के तत्कालीन प्रबंधक विश्वजीत रामानंद की नियमित जमानत और बेल बॉन्ड रद्द कर दिए हैं. शव वाहन चालक की शिकायत पर हुई कार्रवाई में हाईकोर्ट ने मजबूत साक्ष्य पाए जाने की बात कही है.
Samastipur News: समस्तीपुर सदर अस्पताल के तत्कालीन अस्पताल प्रबंधक विश्वजीत रामानंद से जुड़े रिश्वत मामले में पटना हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है. अदालत ने आरोपी की नियमित जमानत और बेल बॉन्ड रद्द कर दिए हैं. साथ ही मामले की सुनवाई के दौरान विजिलेंस के स्पेशल जज से स्पष्टीकरण भी मांगा है.
शव वाहन चालक की शिकायत पर हुई थी कार्रवाई
मामले में सदर अस्पताल के शव वाहन चालक जय राम सिंह ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो से शिकायत की थी कि बकाया मानदेय के भुगतान के बदले तत्कालीन अस्पताल प्रबंधक ₹4 हजार रिश्वत की मांग कर रहे हैं. शिकायत का सत्यापन करने के बाद विजिलेंस की टीम ने जाल बिछाकर आरोपी को कार्यालय में ही रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया था. इस संबंध में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था.
हाईकोर्ट ने साक्ष्यों को माना मजबूत
पटना हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान प्री-ट्रैप और पोस्ट-ट्रैप सभी साक्ष्यों को मजबूत माना. अदालत ने पाया कि आरोपी के हाथ और शर्ट की जेब की धुलाई का रंग गुलाबी हो गया था. वहीं पटना फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की रिपोर्ट में 'फेनोल्फथेलिन' और 'सोडियम कार्बोनेट' रसायनों की पुष्टि हुई, जो रिश्वत की रकम को छूने का वैज्ञानिक प्रमाण माने जाते हैं.
न्यायिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ
अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ न्यायिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ कर दिया है. साथ ही विजिलेंस के स्पेशल जज से इस मामले में स्पष्टीकरण भी तलब किया है.

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