मूर्ति विसर्जन के दौरान विवाद के बाद फायरिंग, युवक के पैर में लगी गोली

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व्हील चेयर पर जख्मी युवक | Prabhat Khabar Network

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समस्तीपुर के झखड़ा गांव में विश्वकर्मा पूजा विसर्जन के दौरान हुए विवाद के बाद फायरिंग की घटना हुई. इस दौरान एक युवक के पैर में गोली लगने का आरोप है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.

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Samastipur firing News: समस्तीपुर जिले के सरायरंजन थाना क्षेत्र के झखड़ा गांव में विश्वकर्मा पूजा की मूर्ति विसर्जन के दौरान हुए विवाद के बाद ताबड़तोड़ फायरिंग का मामला सामने आया है. इस घटना में झखड़ा निवासी आयुष कुमार झा के बाएं पैर के अंगूठे में गोली लगने की बात सामने आई है. घायल युवक ने इस पूरे मामले को लेकर सरायरंजन थाने में लिखित आवेदन देकर कड़ी कार्रवाई की मांग की है.

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Samastipur Crime News: मारपीट और मोबाइल छीनने के बाद घर के पास की गई फायरिंग

पीड़ित आयुष कुमार झा के अनुसार, उनके दादा का निधन हो गया था और वह विश्वकर्मा पूजा के विसर्जन के दिन निमंत्रण कार्ड बांटने के लिए बाहर गए थे. इसी दौरान मंजय लाल यादव का विसर्जन जुलूस वहां से गुजर रहा था. जुलूस के दौरान उनसे गाड़ी साइड करने को कहा गया. आयुष का कहना है कि गाड़ी साइड करने के बाद भी वाहन को और नीचे करने का दबाव बनाया गया, जिसको लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हो गई. आरोप है कि इसी दौरान मंजय लाल यादव वहां पहुंचे और उनके साथ मारपीट कर उनका मोबाइल फोन छीन लिया, जिसके बाद पीड़ित ग्रामीणों के साथ अपने घर लौट आया. पीड़ित का यह भी आरोप है कि कुछ देर बाद मंजय लाल यादव और उनके साथियों ने उनके घर के पास पहुंचकर फायरिंग की.

थाने से लौटने के क्रम में पथराव और फिर गोलीबारी का आरोप

घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने आवेदन देने को कहा, जिसके बाद पीड़ित कुछ ग्रामीणों के साथ थाने पहुंचे और लिखित शिकायत दर्ज कराई. आयुष ने बताया कि थाने से आवेदन देकर लौटने के दौरान कॉलेज के पास खेत में पहले से बड़ी संख्या में लोग छिपे हुए थे. उनके अनुसार, वहां मौजूद उपद्रवियों ने पत्थर और कांच की बोतलों से हमला कर दिया. आगे बढ़ने पर जब वे लोग रुके तो पुलिस भी मौके पर पहुंच गई, और इसी दौरान दोबारा गोली चलने की बात कही गई. पीड़ित के मुताबिक, गोली उनके बाएं पैर के अंगूठे में जा लगी.

आरोपियों की पहचान और पुलिस कार्रवाई का इंतजार

पीड़ित के अनुसार, घटना के वक्त मौके पर करीब 40 लोग मौजूद थे. उन्होंने इनमें से मंजय लाल यादव, सुमित यादव और रणधीर कुशवाहा समेत अन्य कुछ लोगों को नामजद पहचान करने का दावा किया है. हालांकि, इन सभी आरोपों की अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है. इसके साथ ही पीड़ित ने पुलिस पर घटना के बाद से कोई ठोस आश्वासन न देने और घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा न लेने का भी गंभीर आरोप लगाया है. इस मामले में पुलिस का आधिकारिक पक्ष और जांच के बाद ही पूरी सच्चाई व आरोपियों की संलिप्तता स्पष्ट हो सकेगी.

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