Samastipur News: बिथान : बिथान पंचायत में मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना में भारी अनियमितता का मामला सामने आया है. योजना के तहत प्रत्येक वार्ड में 10 सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने का प्रावधान है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट नजर आ रही है. कई वार्डों में आज तक निर्धारित संख्या में सोलर लाइट नहीं लगाई गई है. जिससे योजना की पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि जहां कुछ स्थानों पर सोलर स्ट्रीट लाइट लगाई भी गई हैं, वे या तो शुरू से ही खराब पड़ी हैं या कुछ ही दिनों में बंद हो गई. पंचायत क्षेत्र की कई गलियों में आज भी अंधेरा पसरा हुआ है. जिससे ग्रामीणों को रात के समय आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि योजना के नाम पर केवल खानापूर्ति की गई है. सस्ती व घटिया गुणवत्ता की लाइटें लगाकर राशि का बंदरबांट किया गया है. जब इस मामले में पंचायत सचिव से प्रतिक्रिया मांगी गई तो उन्होंने पहले वार्ड सदस्यों से बात करने की बात कही. दोबारा पूछे जाने पर संतोषजनक जवाब देने के बजाय कार्यालय आकर बात करने का सुझाव दिया गया. वहीं एक वार्ड सदस्य ने बताया कि उन्हें मात्र चार सोलर लाइट ही उपलब्ध कराई गई है. जबकि नियम के अनुसार दस लाइट मिलनी चाहिए थी. इससे स्पष्ट है कि योजना के क्रियान्वयन में गंभीर लापरवाही बरती गई है. ग्रामीणों का कहना है कि कई वार्ड ऐसे हैं जहां आज तक 10 सोलर लाइट नहीं मिली है. यदि कागजों पर दिखाई भी गई है तो धरातल पर उनका कोई अस्तित्व नजर नहीं आता. पंचायत सचिव के ढुलमुल रवैये से लोगों में भारी नाराजगी है. स्थानीय ग्रामीणों ने इस मामले की शिकायत अपने सांसद राजेश वर्मा एवं विधायक राज कुमार राय से करने की बात कही है. ग्रामीणों उम्मीद जताई है कि जिला प्रशासन पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करेगी. अब देखना यह है कि प्रशासन मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना में हुई इन अनियमितताओं पर कब तक संज्ञान लेता है. पीड़ित ग्रामीणों को न्याय दिलाने के लिए क्या ठोस कदम उठाता है.
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