फसल बीमा के प्रति किसानों में उदासीनता

जिले में 30 हजार पंजीकृत किसानरबी फसलों के लिये बीमा में देनी होगी ब्याज दंडप्रतिनिधि, समस्तीपुरजिले के किसानों में रबी फसलों की बीमा कराने में उदासीनता देखी जा रही है. जिसके कारण लक्ष्य से यह योजना पिछड़ती नजर आ रही. किसानों में अपने बीमा कराने की लापरवाही सीधे उनके फसलों पर पड़ सकती है. मार्च […]
जिले में 30 हजार पंजीकृत किसानरबी फसलों के लिये बीमा में देनी होगी ब्याज दंडप्रतिनिधि, समस्तीपुरजिले के किसानों में रबी फसलों की बीमा कराने में उदासीनता देखी जा रही है. जिसके कारण लक्ष्य से यह योजना पिछड़ती नजर आ रही. किसानों में अपने बीमा कराने की लापरवाही सीधे उनके फसलों पर पड़ सकती है. मार्च समाप्ति की तिथि नजदीक आ रही है. वहीं अभी तक लक्ष्य की कुछ फीसदी ही किसानों का फसल बीमा कराया जा सका है. जबकी जिले में 30 हजार पंजीकृत किसान हंै. जिला सहकारिता पदाधिकारी नयन प्रकाश ने बताया कि किसानों के फसल बीमा के लिए सभी सात शाखाओं में व्यवस्था की गई है. वहीं केसीसी नवनीकरण की भी व्यवस्था क ी गई है. जिले के किसानों के बीच 45 करोड़ की केसीसी पूर्व से वितरित है. शाखा प्रबंधकों को इसके लिये दिशा निर्देश दिया गया है. फिर भी रफतार धीमी ही है. इससे 31 मार्च के बाद किसानों को 12 फीसदी की दर से ब्याज दंड देनी होगी. बतातें चलें कि जिले में रबी फसलों में गेहूं आलू व मकई की फसलों का बीमा कराया जाना है. जिसके लिये नेशनल एगी्रकल्चर इंश्योरंेस को बीमा के लिये अधिकृत किया गया है. गेहूं के लिये प्रति हजार बीमा की राशि 15 रुपये, मकई के लिये 20 रुपये व आलू के लिये 110 रुपये सरकार ने बीमा की राशि तय की है.
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