सुलतानगंज गोलीकांड: वैश्य समाज का फूटा गुस्सा, सहरसा से पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने की स्पीडी ट्रायल की मांग

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सभापति के आवास पर प्रतिनिधिमंडल

सुलतानगंज नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी और सभापति की हत्या के विरोध में सहरसा वैश्य समाज के प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर आक्रोश व्यक्त किया. समाज ने सभी फरार आरोपियों की अविलंब गिरफ्तारी और स्पीड ट्रायल के जरिए दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग सरकार से की है.

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सहरसा से दीपांकर की रिपोर्ट: सुलतानगंज नगर परिषद कार्यालय में हुए सनसनीखेज गोलीकांड को लेकर वैश्य समाज सहरसा में गहरा आक्रोश व्याप्त है. समाज के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने इस घटना को कानून-व्यवस्था पर सीधा प्रहार बताते हुए फरार अपराधियों की जल्द गिरफ्तारी और मामले को स्पीड ट्रायल में चलाकर दोषियों को फांसी की सजा दिलाने की मांग की है.

दो मौतों से सहमा इलाका, अपराधियों का मुख्य निशाना थे सभापति

गौरतलब है कि बीते 28 अप्रैल को सुलतानगंज नगर परिषद कार्यालय में सैरात की डाक प्रक्रिया चल रही थी. इसी दौरान हथियारबंद अपराधियों ने कार्यालय में घुसकर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी. इस हमले में कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण प्रसाद की मौके पर ही मौत हो गई थी. वहीं, गंभीर रूप से घायल नगर परिषद सभापति राजकुमार उर्फ गुड्डू ने 9 मई को पटना के मेदांता अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. बताया जा रहा है कि अपराधियों का मुख्य लक्ष्य सभापति ही थे, लेकिन बीच-बचाव करने और अपराधियों को रोकने के प्रयास में कार्यपालक पदाधिकारी को अपनी जान गंवानी पड़ी.

पीड़ित परिवार से मिले सहरसा के प्रतिनिधि

वैश्य समाज सहरसा के जिलाध्यक्ष रामकृष्ण साह उर्फ मोहन साह के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल सुलतानगंज पहुंचा. उन्होंने दोनों पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की. प्रतिनिधिमंडल में कार्यकारी अध्यक्ष देवेंद्र कुमार देव, प्रवक्ता राजीव रंजन साह और कोषाध्यक्ष संतोष कुमार लड्डू सहित कई प्रमुख सदस्य शामिल थे. समाज के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि इस दुख की घड़ी में पूरा समाज पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा है.

कानून को चुनौती देने वालों पर हो कड़ी कार्रवाई

जिलाध्यक्ष रामकृष्ण साह ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह प्रशासनिक व्यवस्था और कानून को खुली चुनौती है. वहीं, प्रवक्ता राजीव रंजन साह ने बताया कि हालांकि मुख्य आरोपी रामधनी यादव पुलिस मुठभेड़ में मारा जा चुका है, लेकिन इस साजिश में शामिल अन्य अपराधी अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं. उनकी गिरफ्तारी के बिना न्याय अधूरा है.

सरकार से मुआवजे और सुरक्षा की मांग

प्रतिनिधिमंडल ने बिहार सरकार से मांग की है कि पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा और सुरक्षा प्रदान की जाए. साथ ही, राज्य में लगातार बढ़ रहे अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं. वैश्य समाज ने चेतावनी दी है कि यदि न्याय मिलने में देरी हुई, तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे.

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Divyanshu Prashant

लेखक के बारे में

By Divyanshu Prashant

दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में Prabhat Khabar डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से पत्रकारिता में परास्नातक तथा टी. एन. बी. कॉलेज भागलपुर से हिंदी साहित्य में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। हिंदी साहित्य की पृष्ठभूमि होने के कारण उन्हें पढ़ने, लेखन और कविता-सृजन में विशेष रुचि है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे Dainik Jagran में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।

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