सहरसा के मिल मालिकों को डीएम की चेतावनी, 10 जून तक जमा करें कस्टम मिल्ड राइस
Published by : Pratyush Prashant Updated At : 04 Jun 2026 8:41 AM
सहरसा - समीक्षा बैठक करते डीएम व अन्य
Saharsa News : सहरसा में सीएमआर जमा करने में देरी पर डीएम का कड़ा रुख. 10 जून तक लक्ष्य पूरा नहीं करने वाले मिलरों पर होगी कार्रवाई.
सहरसा से विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट
Saharsa News : जिले में कस्टम मिल्ड राइस (सीएमआर) की अधिप्राप्ति में हो रही देरी को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है. जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने बुधवार को समीक्षा बैठक कर सभी मिलर संचालकों को 10 जून तक लंबित सीएमआर भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) को हर हाल में उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्धारित समय सीमा के भीतर सीएमआर नहीं गिराने वाले मिलरों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. बैठक में जिला सहकारिता विभाग और मिलर संचालकों के बीच लंबित मामलों की विस्तार से समीक्षा की गई.
लक्ष्य बड़ा, उपलब्धि अभी अधूरी
समीक्षा बैठक में बताया गया कि जिले को कुल 35,030 मीट्रिक टन सीएमआर अधिप्राप्ति का लक्ष्य मिला है. इसके मुकाबले अब तक केवल 24,540 मीट्रिक टन सीएमआर ही प्राप्त हो सका है. यानी लक्ष्य का बड़ा हिस्सा अभी भी अधूरा है. प्रशासन का मानना है कि समय पर सीएमआर जमा नहीं होने से सरकारी खरीद व्यवस्था प्रभावित हो सकती है.
कई मिलरों के यहां लंबित है सीएमआर
बैठक के दौरान यह तथ्य सामने आया कि कई मिलर एसटीआर कटने के बाद भी निर्धारित समय पर सीएमआर जमा नहीं कर रहे हैं. जानकारी के अनुसार जेजीजी फार्म फूड इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के पास सबसे अधिक लंबित सीएमआर है. यहां 21 एसटीआर कटने के बावजूद सीएमआर जमा नहीं किया गया है. इसके अलावा मीना राइस मिल के 15 एसटीआर और एसपी राइस मिल समेत अन्य इकाइयों में भी सीएमआर लंबित पाया गया.
डीएम ने दिया अंतिम अल्टीमेटम
जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने बैठक में मौजूद मिलर संचालकों को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि 10 जून तक सभी लंबित सीएमआर एफसीआई को उपलब्ध कराना होगा. उन्होंने जिला सहकारिता पदाधिकारी को निर्देश दिया कि समय सीमा समाप्त होने के बाद भी सीएमआर नहीं गिराने वाले मिलरों को चिन्हित कर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए.
मिलरों ने दिया लक्ष्य पूरा करने का भरोसा
बैठक में जिले के सात उसना और एक अरवा मिल के संचालक मौजूद थे. जिला सहकारिता पदाधिकारी जयप्रकाश सिंह और बीएसएससी प्रबंधक संतोष कुमार भी समीक्षा बैठक में शामिल हुए. चर्चा के दौरान सभी मिलर संचालकों ने प्रशासन को आश्वस्त किया कि वे 10 जून तक शत-प्रतिशत लंबित सीएमआर जमा कर देंगे.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Pratyush Prashant
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










