Saharsa news : 56 वर्ष पुराने अपने ही रिकॉर्ड को तोड़ने की ओर बढ़ रही कोसी

Saharsa news : नेपाल के तराई व उत्तर बिहार में लगातार हो रही बारिश से नवहट्टा की सात पंचायतों के दर्जन भर गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है.
Saharsa news : नेपाल के तराई और उत्तर बिहार में लगातार हो रही बारिश की वजह से सहरसा जिले के नवहट्टा प्रखंड क्षेत्र की सात पंचायतों के एक दर्जन से अधिक गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है. कोसी बराज से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है. शनिवार दोपहर 12 बजे तक कोसी बराज पर 05 लाख 07 हजार 690 क्यूसेक पानी दर्ज किया गया है. बराह क्षेत्र में 04 लाख 37 हजार 050 क्यूसेक बढ़ते क्रम में दर्ज किया गया. पानी के दबाव को देखते हुए बराज के सभी 56 फाटक खोल दिये गये हैं. नदी में इतना पानी 56 साल बाद आया है. यह 1968 में नदी के सबसे अधिक फ्लो से सिर्फ 01 लाख क्यूसेक कम है. कोसी नदी में शनिवार दिन के 02 बजे 05 लाख 31 हजार क्यूसेक रिकॉर्ड दर्ज किया गया. 03 बजे कोसी नदी का डिस्चार्ज बढ़कर 05 लाख 31 हजार क्यूसेक रिकॉर्ड किया गया.
सभी अधिकारियों व कर्मचारियों की छुट्टी रद्द
जिलाधिकारी वैभव चौधरी ने शुक्रवार की शाम 28 सितंबर को कोसी नदी के जल स्तर में अचानक वृद्धि होने की सूचना मिलते ही सभी कर्मचारियों व अधिकारियों की छुट्टी रद्द कर दी. निर्देश दिया है कि बिना अधोहस्ताक्षरी के कोई भी कर्मी या अधिकारी मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे और जिला प्रशासन से समन्वय स्थापित रखेंगे.
एडीएम ने बाढ़ से निबटने की तैयारी को लेकर की बैठक
एडीएम ज्योति कुमार ने बाढ़ आपदा से निबटने के लिए नवहट्टा अंचल कार्यालय में अंचल अधिकारी मोनी बहन, सभी राजस्व कर्मचारियों और प्रखंड क्षेत्र के सभी जनप्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक की. बैठक में तटबंध के अंदर ऊंचे स्थल का चयन किया गया. तटबंध के अंदर बाढ़ प्रभावित गांवों में ऊंचे स्थल पर मुखिया सामुदायिक किचन बनाने का निर्णय लिया गया.बाढ़ की विभीषिका से निबटने के लिए नवहट्टा अंचल अधिकारी द्वारा 35 नावों की सेवा बहाल की गयी. बैठक में बीडीओ पुलक कुमार, थानाध्यक्ष ज्ञान रंजन कुमार, अंचल निरीक्षक अभिषेक कुमार सहित सभी जनप्रतिनिधि व अधिकारी मौजूद रहे.
डीएम ने अंचलाधिकारियों को दिये निर्देश
जिलाधिकारी वैभव चौधरी ने अंचल अधिकारियों को पत्र लिखकर निर्देश दिया है कि 28 सितंबर को कोसी नदी में दिन के 12 बजे के बाद 06 लाख 81 हजार क्यूसेक पानी कोसी नदी में डिस्चार्ज होने की संभावना है. ऐसी स्थिति में सभी पदाधिकारियों को मुस्तैद रहने का आवश्यक निर्देश दिया जाता है कि वे अपने-अपने क्षेत्र अंतर्गत सभी सहयोगियों के साथ गश्त कर सतत निगरानी रखेंगे. बाढ़ आने पर सभी राहत एवं बचाव के लिए तत्पर रहेंगे. बाढ़ की स्थिति से निबटने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया के तहत आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया.
माइकिंग कर प्रशासन ने चलाया जागरूकता अभियान
संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए शनिवार को अंचल अधिकारी मोनी बहन ने तटबंध के अंदर एसडीआरएफ की टीम के साथ दौरा कर लोगों के बीच जाकर माइकिंग कर लोगों को जागरूक किया. कोसी पूर्वी तटबंध के पूर्वी भाग या तटबंध के अंदर पंचायत में बने बाढ़ आश्रय स्थल पर ऊंचे स्थान पर शरण लेने का आग्रह किया. साथ में एसडीआरएफ इंस्पेक्टर केपी साह, अंचल निरीक्षक अभिषेक कुमार सहित अन्य राजस्व कर्मी मौजूद थे.
कोसी पूर्वी तटबंध का किया निरीक्षण
अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ रविंद्र मोहन ने शनिवार को प्रखंड मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बाढ़ से निबटने के लिए मेडिकल टीम की समीक्षा की. कोसी पूर्वी तटबंध पर जाकर कोसी पूर्वी तटबंध के हालात को देखते हुए स्थानीय लोगों से बात कर बाढ़ की विपदा में आवश्यक मेडिकल सेवाओं के बारे में विस्तृत रूप से पूछताछ कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रबंधक मखदूम अशरफ को आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. मौके पर स्वास्थ्य प्रबंधक मखदूम असरफ सहित स्वास्थ्य कर्मी मौजूद थे.
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By Sharat Chandra Tripathi
Sharat Chandra Tripathi is a contributor at Prabhat Khabar.
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