पैदल राहगीरों के लिए नहीं लगेगा शुल्क

Published at :18 Jan 2017 5:21 AM (IST)
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पैदल राहगीरों के लिए नहीं लगेगा शुल्क

राहत. डुमरी जुगाड़ पुल के दोनों ओर शुल्क बोर्ड लगाने का सीआे ने दिया निर्देश डुमरी जुगाड़ पुल पर मनमाना भाड़ा वसूलने की बात सामने आने पर बेलदौड़ सीओ विकास कुमार ने संचालकों को जुगाड़ पुल के दोनों तरफ शुल्क बोर्ड लगाने का निर्देश दिया. सिमरी बख्तियारपुर : सहरसा-खगड़िया सीमा पर डुमरी घाट स्थित क्षतिग्रस्त […]

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राहत. डुमरी जुगाड़ पुल के दोनों ओर शुल्क बोर्ड लगाने का सीआे ने दिया निर्देश

डुमरी जुगाड़ पुल पर मनमाना भाड़ा वसूलने की बात सामने आने पर बेलदौड़ सीओ विकास कुमार ने संचालकों को जुगाड़ पुल के दोनों तरफ शुल्क बोर्ड लगाने का
निर्देश दिया.
सिमरी बख्तियारपुर : सहरसा-खगड़िया सीमा पर डुमरी घाट स्थित क्षतिग्रस्त बीपी मंडल सेतु के समानांतर नाविकों द्वारा नावों को जोड़कर बनाया गया जुगाड़ पुल एक बार फिर चर्चा में है. जानकारी मुताबिक एक बार फिर जुगाड़ पुल के कर्ताओं पर मनमाना भाड़ा लेने का आरोप लगने लगा है. बताया जाता है कि प्रशासन द्वारा जारी निर्देश के तहत साइकिल वाले से पांच, मोटरसाइकिल वाले दस, हल्के चार पहिया वाहन से दोनों ओर से पांच सौ, खाली ट्रैक्टर को दोनों ओर से तीन सौ रुपये चुंगी के रूप में वसूलने का निर्देश दिया गया था. लेकिन घाट पर पैदल व साइकिल चालक से 10, मोटरसाइकिल वालों से 20-30 रुपये,
हल्के चार पहिया वाहन से दोनों ओर से छह सौ से आठ सौ रुपये तक वसूले जाने की बाते सामने आ रही है. जबकि ट्रैक्टर से भी मनमाना राशि वसूले जाने की खबरे आ रही है. मनमाना भाड़ा वसूलने की बात सामने आने पर बेलदौड़ सीओ विकास कुमार ने जुगाड़ पुल का दौरा किया और जुगाड़ पुल के दोनों तरफ जुगाड़ पुल संचालको को शुल्क बोर्ड लगाने का निर्देश दिया और जिला प्रशासन द्वारा पुल पार करने के लिए स्वीकृत रेट की जानकारी शुल्क बोर्ड पर अंकित करने को कहा. इसके साथ ही अंचलाधिकारी ने जुगाड़ पुल को पैदल पर करने वाले यात्रियों से कोई शुल्क नहीं करने का निर्देश दिया. ज्ञात हो कि बीते पांच जनवरी की शाम कटाव की वजह से डुमरी घाट पर बने जुगाड़ पुल का पचास मीटर एप्रोच पथ नदी में समा गया. इससे पुल में पहले से लगे लगभग एक दर्जन नाव भी पानी में बह गये थे. जिसे दस जनवरी को दुरुस्त किया गया. नदी की धार में बहे यह जुगाड़ पुल कोसी-बागमती नदी के संगम पर पांचवी बार नौका की जुगाड़ से बनाया गया है. बताते चलें कि वर्ष 2010 में बीपी मंडल सेतु क्षतिग्रस्त होने के बाद नाविकों ने 54 नौकाओं को जोड़कर जुगाड़ पुल का निर्माण कर वाहनों को आर-पार कराया था.
2011 में बना था बीपी मंडल सेतु
बिहार राज्य पुल निगम के द्वारा वर्ष 2011 में 17 करोड़ की लागत से स्टील पाइल ब्रिज का निर्माण करवाया गया. जो अगस्त 2014 में कोसी की तेज धारा में बह गया. वह अभी तक क्षतिग्रस्त पड़ा हुआ है. वहीं एक अप्रैल 2015 को बीपी मंडल सेतु जीर्णोद्धार कार्य के संवेदक ने सेतु को सील कर मरम्मत कार्य आरंभ कर दिया गया है. सेतु को तोड़ने के बाद लोगों का पैदल चलना भी बंद हो गया था व एकमात्र सहारा नौका ही बची थी. इस बीच नाविकों ने दोबारा 2015 में 42 नौकाओं को जोड़कर जुगाड़ पुल तैयार किया. कोसी-बागमती में पानी बढ़ने बाद जुगाड़ पुल को हटाया गया. इसके बाद वर्ष 2016 में 84 नौकाओं को जोड़कर नौका पुल तैयार किया गया. बारिश में नदी के जलस्तर में वृद्धि के बाद इसे हटाया गया. पुन: बीते वर्ष 47 नौकाओं को जोड़कर जुगाड़ पुल तैयार करने में नाविकों ने सफलता हासिल कर ली. 20 फीट चौड़ा तीन सौ मीटर लंबा जुगाड़ पुल को बनाने में एक पखवाड़ा का समय लगा था. जिसका एक हिस्सा कोसी की धार में बह गया. जिसे पांच दिनों की मशक्कत के बाद चालू किया गया. वही जुगाड़ पुल तैयार करने वाले नाविकों के अनुसार कोसी नदी के जलस्तर बढ़ने तक यानि मई 2017 तक इस पुल का संचालन होगा. जुगाड़ पुल पर 5 से 7 टन वजन क्षमता वाले हल्का वाहन आसानी से आर-पार कर रहे हैं.
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